सतना मेडिकल कॉलेज में पांच माह से जारी जलसंकट, लिफ्ट और बिजली समस्याओं पर छात्रों का प्रदर्शन तेज हुआ। कलेक्टर की फटकार के बाद इंजीनियरों ने पंद्रह दिनों में स्थाई समाधान और आपात सुधार का भरोसा दिया।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
मेडिकल कॉलेज में पिछले पांच माह से चल रहे पेयजल समस्या का स्थाई समाधान हर हाल में अगले पंद्रह दिनों में हो जाएगा। इस बात का भरोसा कलेक्टर की फटकार के बाद पीडब्ल्यूडी एवं ब्रिज कार्पोरेशन के इंजीनियर ने दिया। दरअसल कॉलेज परिसर में पानी की समस्या को देखते हुए कलेक्टर ने केडिकल कॉलेज के डीन और पीडब्ल्यूडी एवं ब्रिज कार्पोरेशन के इंजीनियर को तलब किया और समस्या के समाधान की बजाए उसे लटाकाए रखने पर दोनों को फटकार लगाई। यहां उल्लेखनीय है कि मेडिकल कॉलेज परिसर में लिफ्ट, पानी व बिजली की समस्या से नाराज छात्र गुरूवार को कलेक्टर पहुंचे। आक्रोशित छात्रों ने कलेक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी की व ज्ञापन सौंपा । छात्रों ने कहा कि अगर 24 घंटे में मांगे पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और भी तेज होगा। जल संकट जैसी मांगों को लेकर तीन दिन में मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों और छात्रों का यह दूसरी दफा प्रदर्शन है।
पहले अस्पताल गेट पर प्रदर्शन, फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे
बताया जाता है कि गुरूवार को मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा प्रोफेसर, सीनियर रेसीडेंट, जूनियर रेसीडेंट एवं अन्य ने पहले जिला अस्पताल के गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कलेक्ट्रेट में कलेक्टर को ज्ञापन देने पहुंचे। ज्ञापन में छात्रों ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में विगत पांच माह से जल संकट व लिफ्ट की समस्या बनी हुई है। मरम्मत के नाम पर रोज लीपापोती की जा रही है। समस्या का स्थाई समाधान नहीं किया जा रहा है। गौरतलब है कि रविवार की देर रात मेडिकल कॉलेज कैम्पस में छात्रों व चिकित्सकों द्वारा जल संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया था। मेडिकल कॉलेज में पांच माह से जल संकट बना हुआ है, यूजी और पीजी कैम्पस की पाइप लाइन आए दिन फूट रही हैं। यहां की 30 में से 28 लिफ्ट बंद पड़ी हुई हैं जिनके लिए मेंटीनेंस बजट उपलब्ध नहीं हो रहा है।
क्यों नहीं दिखाई समस्या पर गंभीरता, कितना आएगा बजट?
मेडिकल कॉलेज में चल रही पेयजल समस्या व अन्य समस्याओं को लेकर कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस की नाराजगी का शिकार गुरूवार को मेडिकल कॉलेज के डीन हो गए। कलेक्टर ने उन्हे समस्या के प्रति गंभीरता नहीं दिखाने पर जहां फटकार लगाई वहीं पूछा कि मुझे समस्या की जानकारी क्यों नहीं दी? बजट नहीं था तो मुझे बताते मैं बजट देता। समस्या के समाधान में कितना बजट आएगा? कलेक्ट्रेट पहुंचे प्रदर्शनकारियों में से कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने मेडिकल कॉलेज के तीन छात्रों को अंदर बुलाया और उनसे जानकारी ली। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के डीन को तलब किया और फटकार लगाई।
मेडिकल कॉलेज में समस्याएं ही समस्याएं
ये रही मांग
इंजीनियर से 24 घंटे के अंदर तलब की रिपोर्ट
कलेक्टर श्री एस ने मौके पर ही पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर एवं ब्रिज कार्पोरेशन की इंजीनियर को फोन लगाया और उनसे मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट मांगी। उन्होंने कहा कि जल संकट की समस्या का निदान कब होगा? इस पर इंजीनियर ने कहा कि 15 दिन में समस्या का समाधान होगा। पाइप बाहर से मंगाए गए हैं जिन्हें आने में समय लग रहा है। इस पर कलेक्टर द्वारा आपातकालीन व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने इंजीनियर से कहा कि समस्या हल कर रिपोर्ट दें।
वीडियो कान्फ्रेंस से जुड़े डीन
जल संकट, लिफ्ट एवं बिजली की समस्या को लेकर डीन से रिकार्ड मांगे गए। कलेक्टर ने डीन से कहा कि समस्या सुधारने में कितना बजट खर्च होगा? इसका स्टीमेट बनाकर दें। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के डीन वीडियो कान्फ्रेंसिंग में रोज जुड़ेगे और समस्याओं से अवगत कराएंगे। जाते- जाते उन्होंने डीन को शाम तक समस्या का क्या निदान हुआ? यह भी रिपोर्ट देने को कहा।
650 लोग प्रभावित
छात्रों ने बताया कि जल संकट के चलते छात्रों व चिकित्सकों के परिवार को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात भर पानी के लिए रतजगा करना पड़ रहा है। बाल्टियों में पानी भरकर सीढियां चढ़ना पड़ रहा है। पीने के पानी के लिए बाजार से बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। कॉलेज परिसर में लगभग 650 लोग इस संकट से प्रभावित हैं जिनमें 450 से अधिक छात्र-छात्राएं जो दूर-दराज से आकर यहां पढ़ रहे हैं वहीं रेजीडेंट डाक्टर और करीब दो सौ डाक्टरों के परिवार शामिल हैं।


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