सतना जिला अस्पताल में थैलीसीमिया बच्चों को संक्रमित रक्त चढ़ाने के मामले की जांच तेज हो गई है। प्रशासन ने 196 संदिग्ध डोनरों की सूची तैयार कर दोबारा एचआईवी जांच शुरू कराई, जबकि कई डोनरों तक पहुंचना चुनौती बना हुआ है।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
जिला अस्पताल के ब्लड बैंक से जुड़े थैलीसिमिया बच्चों के एचआईवी संक्रमित मामले की जांच कर रही ज्वाइंट टास्क फोर्स टीम के सदस्यों ने गुरूवार को कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस से मुलाकात की। जिला अस्पताल की ब्लड ट्रांसफ्यूजन अधिकारी डॉ. अंकित पांडेय द्वारा कलेक्टर को 196 संदिग्ध डोनर्स की लिस्ट सौंपी गई। इस दौरान कलेक्टर ने डोनर्स से दोबारा सम्पर्क कर उनके एचआईवी जांच कराने के निर्देश दिए। गौरतलब है कि जिला अस्पताल में थैलीसिमिया से पीड़िता पांच बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाने का मामला उजागर हुआ था। इस मामले पर लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के आयुक्त धनराजू एस द्वारा 147 संदिग्ध डोनरों को ट्रैस करने के निर्देश दिए गए हैं। इस बार इस संदिग्ध मामले की तहकीकात जिले के कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस के निर्देश में की जा रही है।
आईसीटीसी ने शुरू किया सम्पर्क अभियान
कलेक्टर के निर्देश के बाद आईसीटीसी और ब्लड बैंक की टीम द्वारा संदिग्ध डोनरों से सम्पर्क करना शुरू कर दिया है। कुछ डोनरों ने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया, कुछ ने परेशान मत करिए कह कर बातचीत खत्म कर दी जबकि कईयों ने कॉल देखते हुए भी अनदेखा कर दिया। ऐसी स्थिति में स्वास्थ्य विभाग के लिए डोनरों को ट्रैस करना चुनौतीपूर्ण है। सूत्रों ने बताया कि कुछ डोनरों के कंसेंट फार्म में न तो नम्बर डला हुआ है और न ही स्पष्ट पता दर्ज है। बताया गया कि थैलीसीमिया से पीड़ित बच्चों को संक्रमित खून चढ़ाने के मामले में 196 संदिग्ध रक्तदाताओं की सूची बनाई गई है जिनमें से अब तक केवल 47 लोगों को ही ट्रैस कर उनकी जांच की जा सकी है। बाकी 89 संदिग्ध डोनर्स तक पहुंचने में दिक्कतें सामने आ रही हैं।
चित्रकूट में एनीमिक मिली गर्भवती, हीमोग्लोबिन 2.5 ग्राम
चित्रकूट के वार्ड क्र. 6 में रहने वाली गर्भवती गुड़िया सोनकर पति शिवकुमार सोनकर अति गंभीर एनीमिक पाई गई। गर्भवती का हीमोग्लोबिन 2.5 ग्राम पाया गया जो कि सामान्य से बेहद कम था और जानलेवा था। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा गर्भवती को अस्पताल पहुंचा कर भर्ती कराया गया। जानकारी के अनुसार गुड़िया सोनकर गर्भावस्था के दौरान गंभीर एनीमिया से पीड़ित थी। सेक्टर स्तर के मैदानी स्वास्थ्य कार्यकर्ता लगातार उन्हें रक्ताधान और उपचार के लिए जिला अस्पताल सतना ले जाने का प्रयास कर रहे थे। बताया जाता है कि गर्भवती महिला जिला अस्पताल जाने को तैयार नहीं हो रही थी।
स्थिति गंभीर होते देख गुरूवार को एसडीएम महिपाल सिंह गुर्जर के नेतृत्व में बीएमओ डॉ. रुपेश सोनी द्वारा खंड स्तरीय संयुक्त टीम बनाई गई जिसे गर्भवती महिला के घर भेजा गया। टीम में स्वयं महिपाल सिंह गुर्जर तहसीलदार, बीएमओ डॉ. रुपेश सोनी, बीपीएम एसएन बागरी, सीएचसी फार्मासिस्ट प्रमीत सिंह, सेक्टर मेडिकल आॅफीसर डॉ. धर्मेन्द्र पांडेय एवं सुपरवाइजर केसी सिंह शामिल रहे। एसडीएम ने महिला को जिला अस्पताल में भर्ती होने के लिए मनाया लेकिन महिला आनाकानी करती रही।
जानकीकुंड में चढ़ा एक यूनिट ब्लड
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिवार और महिला की काउंसिलिंग की जिसके बाद गर्भवती को इलाज के लिए चित्रकूट स्थित जानकीकुंड अस्पताल में भर्ती कराया गया। बीएमओ डॉ. रुपेश सोनी ने अस्पताल प्रबंधन से समन्वय कर महिला का नि:शुल्क इलाज एवं महिला को एक यूनिट ब्लड ट्रांसफ्यूजन कराया। महिला को ए.बी. पॉजटिव यूनिट का एक यूनिट ब्लड चढ़ाया गया। एक यूनिट ब्लड और एक दिन बाद चढ़ाने के लिए कहा गया। इसके बाद महिला को डिस्चार्ज कर फॉलोअप करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार महिला की स्थिति अभी गंभीर है, एनीमिया के चलते गर्भावस्था में मां और गर्भस्थ शिशु के लिए जोखिम बढ़ जाता है, इस दौरान समय पर जांच और आयरन दवाओं का सेवन जरूरी है।
ये रहे मौजूद
डोनरों की लिस्ट कलेक्टर को सौंपने आईसीटीसी की नोडल आफीसर डॉ. पूजा गुप्ता, ब्लड ट्रांसफ्यूजन आफीसर डॉ. अंकिता पांडेय और ड्रग इंस्पेक्टर प्रिंयका चौबे शामिल हुर्इं। ज्वाइंट टास्क टीम के अध्यक्ष सीएमएचओ डा. मनोज शुक्ला भोपाल प्रवास के चलते उपस्थित नहीं हो सके।


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