रीवा में लोकायुक्त ने चचाई चौकी प्रभारी एएसआई और उसके ड्राइवर को 30 हजार रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में केस दर्ज।
By: Yogesh Patel
Feb 21, 20261:17 PM
हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
पुलिसकर्मियों की करतूत ने विभाग की छवि फिर धूमिल की है। लोकायुक्त ने सेमरिया थाना अंतर्गत चचाई चौकी प्रभारी एएसआई और उनके ड्राइवर को 30 हजार रुपए लेते ट्रैप किया है। यह राशि मारपीट की शिकायत में समझौता कराने के बदले मांगी गई थी। लोकायुक्त ने दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार लोकायुक्त कार्यालय में ग्राम पोस्ट चचाई निवासी 60 वर्षीय शिवकुमार कोल पिता हरछाती कोल ने एक शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया कि उसकी बहू श्रीमती मालती कोल का झगड़ा पड़ोस में रहने वाले छोटू कोल की पत्नी से हुआ था। छोटू कोल की पत्नी ने चचाई चौकी मे शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि पुत्र पुष्पेन्द्र कोल ने उसके साथ मारपीट की और गलत काम किया। शिकायत के बाद चौकी चचाई के स्टाफ ने घर पर पहुंच कर पुत्र पुष्पेन्द्र कोल के संबंध में पूछताछ की। साथ ही शिवकुमार कोल को चौकी बुलाया गया। चौकी प्रभारी से मिलने का दबाव बनाया गया। चौकी प्रभारी से जब शिवकुमार कोल ने मुलाकात की तो शिकायत में समझौता के बदले 1 लाख रुपए की मांग की गई।
एएसआई ने रुपए लेने ड्राइवर को भेजा
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त एसपी सुनील कुमार पाटीदार ने मामले की सत्यता का पता लगाया। सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग करना सही पाया गया। इसके बाद शुक्रवार को एसपी लोकायुक्त ने चौकी प्रभारी और चालक को रिश्वत के साथ रंगेहाथ पकड़ने के लिए योजना बनाई। टीम तैयार की और शिकायतकर्ता के साथ बताए गए पते पर भेजा गया। आरोपी सहायक उप निरीक्षक रामपाल दाहिया चौकी प्रभारी चचाई ने अपने ड्राइवर अंकुर कुशवाहा को शिकायतकर्ता से रुपए लेने के लिए कहा। अंकुर ने उसे चौकी चचाई मोड़ स्थित मोहम्मद इस्लाम के घर का चौगान के पास बुलाया। वहीं पर 30 हजार रुपए लिए। रुपए लेने के बाद लोकायुक्त की टीम ने रेड मार दी। मौके से ड्राइवर अंकुर कुमार पिता विद्याधर उम्र 30 वर्ष निवासी टोल प्लाजा के पास डाढ़ मोहल्ला सेमरिया और रामपाल दाहिया सहायक उपनिरीक्षक चौकी प्रभारी चचाई सेमरिया को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से रिश्वत की राशि भी जब्त कर ली गई। इस ट्रेप कार्रवाई में ट्रेपकर्ता अधिकारी के रूप में प्रवीण सिंह परिहार उपपुलिस अधीक्षक, ट्रैप दल के सदस्य उपेन्द्र दुबे निरीक्षक, 2 शासकीय गवाह और 12 सदस्यीय टीम शामिल रही।