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मैहर से अलग होकर रीवा में शामिल होना चाहती हैं चार पंचायतें, ग्राम सभाओं ने पारित किया प्रस्ताव

सतना जिले की अमरपाटन तहसील की चार ग्राम पंचायतों—मुकुंदपुर, परसिया, आमिन और आनंदगढ़—ने ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित कर रीवा जिले में शामिल होने की इच्छा जताई है। मुख्यालय की दूरी और दैनिक जरूरतों को रीवा से जोड़ते हुए यह मांग रखी गई है।

By: Star News

Sep 05, 20252:25 PM

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मैहर से अलग होकर रीवा में शामिल होना चाहती हैं चार पंचायतें, ग्राम सभाओं ने पारित किया प्रस्ताव

हाइलाइट्स:

  • मुकुंदपुर, परसिया, आमिन और आनंदगढ़ पंचायतों ने रीवा में शामिल होने का प्रस्ताव पारित किया।
  • मुख्यालय से दूरी और रीवा से नजदीकी होने को पंचायतों ने बड़ा कारण बताया।
  • पपरा और धोबहट पंचायतों ने सर्वसम्मति से मैहर में ही रहने का फैसला किया।

सतना, स्टार समाचार वेब

इन दिनों सतना, मैहर व रीवा के राजनीतिक गलियारों में छाया मुकुंदपुर समेत मैहर जिले की 6 पंचायतों के रीवा में विलीनीकरण के मामले में प्रशासन ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। मैहर जिला अन्तर्गत आने वाली अमरपाटन तहसील की चार ग्राम पंचायतें रीवा जिले में शामिल होना चाहती हैं। इस बात का प्र्रस्ताव इन पंचायतों ने ग्राम सभा में पारित किया है। जिन ग्राम पंचायतों ने मैहर जिले से अलग होकर रीवा में शामिल होने की मंशा जाहिर की है उनमें मुकुंदपुर,परसिया,आमिन एवं आनंदगढ़ शामिल है। मैहर जिले की अमरपाटन तहसील से अलग कर रीवा जिले में शामिल किए जाने के ग्रामसभा में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि जिला मुख्यालय की दूरी की वजह से होने वाली परेशानियों को देखते हुए उन्हें मैहर से अलग किया जाए। 

यहां उल्लेखनीय है कि जुलाई माह में म.प्र. प्रशासनिक इकाई पुर्नगठन आयोग भोपाल द्वारा एक पत्र मैहर कलेक्टर को भेजा गया था, जिसमें इन पंचायतों के लोगों से अभिमत मांगा गया था। इस पत्र के परिपालन में मैहर कलेक्टर रानी वाटड ने अगस्त माह में अमरपाटन एसडीएम को पत्र भेजकर सभी संंबंधित पंचायतों से अपना -अपना अभिमत देने कहा था। बताया जाता है कि अमरपाटन एसडीएम के इसी पत्र के आधार पर ग्राम पंचायत आमिन ने 15 अगस्त और ग्राम पंचायत मुंकुदपुर और परसिया ने 20 अगस्त को ग्रामसभा में इस बात का प्रस्ताव पारित किया कि उन्हें मैहर जिले से अलग कर रीवा जिले में शामिल किया जाए। इस संबंध में एक आवेदन एसडीएम और म.प्र. प्रशासनिक इकाई पुर्नगठन आयोग को भेजा गया है। 

चार माह में मुकुंदपुर पंचायत ने बदला प्रस्ताव 

मैहर जिले की मुकुंदपुर पंचायत को रीवा जिले में शामिल किए जाने को लेकर सबसे ज्यादा खींचतान चल रही है और यहां की जनता भी इस मामले में थोड़ी सी कन्फूज नजर आ रही है। बीते 20 अगस्त को पंचायत ने ग्रामसभा में एक प्रस्ताव पारित कर मैहर जिले से अलग होकर रीवा में शामिल होने की मंशा जताई है। पर 15 अपै्रल 2025 को इसी पंचायत ने प्रस्ताव पारित किया था कि भविष्य में परिसीमन होने पर पंचायत मुकुंदपुर को रीवा जिले में शामिल न किया जाए और अब चार माह बाद 20 अगस्त को इसी पंचायत में यह प्रस्ताव पारित किया जाता है कि ग्राम पंचायत को मैहर से अलग कर रीवा में शामिल किया जाए। 

व्हाइट टाइगर सफारी का झगड़ा 

अपनी सुविधा की दृष्टि से किस जिले के लोग कहां शामिल होना चाहता है। इसका अभिमत देने का उन्हें अधिकार है लेकिन मैहर जिले की 6 पंचायतों में मुकुंदपुर ग्राम पंचायत को लेकर सबसे ज्यादा झगड़ा है। यह झगड़ा मात्र एक ग्राम पंचायत का एक जिले से काटकर दूसरे जिले में शामिल किए जाने भर का नहीं है। अपितु एक पहचान छिनने का है। दरअसल, व्हाइट टाइगर सफारी मुकुंदपुर ग्राम पंचायत में ही स्थित है। 2023 में मैहर जिले के बनने से पहले यह सतना जिले में था पर अक्सर व्हाइट टाइगर सफारी को अक्सर रीवा में बताया जाता था, तभी से माना जा रहा था कि व्हाइट टाइगर सफारी को रीवा में शामिल किए जाने की साजिश चल रही है। इसी बीच जब जुलाई में मप्र प्रशासनिक इकाई पुर्नगठन आयोग का पत्र मुकुंदपुर को रीवा में शामिल किए जाने के लिए अभिमत का आया तो राजनीतिक हल्कों में उबाल आ गया और इस प्रस्ताव का विरोध शुरू हो गया। अब जबकि ग्रामसभा ने मुकुंदपुर को रीवा में शामिल किए जाने का प्रस्ताव पारित कर दिया है तो देखना दिलचस्प होगा कि जनप्रतिनिधि व प्रशासन का अगला कदम क्या होगा? 

दावा

पंचायत की 90 से 95 फीसदी जनता चाहती है कि उन्हें मैहर जिले से अलग करके रीवा में शामिल किया जाए 

वजह 

  • इन पंचायतों की जिला मुख्यालय मैहर से दूरी 85 से 90 किमी है।
  • रीवा से दूरी 15 से 20 किमी 
  • पंचायतें रीवा जिले की सीमा से लगी हुई हैं। 
  • इन पंचायतों की 60 से 70 फीसदी जनता का प्रतिदिन रीवा आना- जाना लगा रहता है। 
  • यहां की जनता का पूरा निस्तार रीवा व गोविंदगढ़ से ही होता है। 
  • स्कूल, कॉलेज हो या अस्पताल अथवा बाजार का कार्य सभी रीवा से होते हैं। 
  • प्रशासनिक सेवा, स्वास्थ्य, शिक्षा और बेहतर चिकित्सा मिलेगी। रोजगार, व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।

सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित 

अमरपाटन तहसील की चार पंचायतों की जनता ने भले ही मुख्यालय से दूरी का हवाला देकर मैहर से अलग होकर रीवा में शामिल होने की इच्छा जताई हो पर दो पंचायतों पपरा और धोबहट की जनता ने सर्वसम्मति से मैहर जिले में ही रहने का प्रस्ताव ग्राम सभा में पारित किया है। ग्राम सभा में पारित प्रस्ताव में इन दोनों पंचायतों की जनता ने मैहर जिले से अपने भावनात्मक, आध्यात्मिक और धार्मिक लगाव का हवाला देते हुए मैहर  के साथ ही रहने का प्रस्ताव पारित किया है। 

पपरा : मैहर में ही रहना चाहते हैं

18 अगस्त को ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित 

80 प्रतिशत लोग मैहर के पक्ष में रहे 

20 प्रतिशत ने रीवा में शामिल होने की मंशा जताई 

सरपंच : रामप्यारी सिंह तिवारी 

03 गांव, 2200 आबादी 

30 किमी पंचायत से रीवा की दूरी 

20 से 25 किमी अमरपाटन की दूरी 

50 किमी मैहर की दूरी 

50 किमी सतना की 

धोबहट : मैहर में ही रहना चाहते हैं

18 अगस्त को ग्राम सभा में प्रस्ताव पारित 

सरपंच : शिव प्रसाद सिंह 

आबादी : 2500 

137 लोग ग्राम सभा में मौजूद थे 

110 मैहर में शामिल रहने के पक्ष में 

27 ने रीवा में शामिल होने की मंशा जताई 

18 किमी पंचायत से रीवा की दूरी 

50 किमी अमरपाटन की 

70 किमी मैहर 

70 किमी सतना

इन सवालों का नहीं मिला जवाब 

सिर्फ 6 ग्राम पंचायतों का ही परिसीमन क्यों 

ग्राम पंचायत की नोडल जिला पंचायत होती है, अभिमत के प्रस्ताव संबंधित कोई निर्देश जिला पंचायत से ग्राम पंचायतों को नहीं दिए गए थे 

सबकी सुविधा देखकर परिसीमन होगा तो आगे चलकर सामने आ सकते हैं इसके दुष्परिणाम 

जिले की सीमा को आधार बनाकर परिसीमन करने से बिगड़ सकती है भौगोलिक स्थिति 

दूरी सबसे बड़ी वजह 

अमरपाटन विधानसभा की जिन तीन ग्राम पंचायतों ने मैहर से अलग होकर रीवा में शामिल होने का प्रस्ताव पारित किया है। उनमें से सभी ने अन्य वजहों के साथ -साथ ग्राम पंचायत से मैहर जिला मुख्यालय की दूरी को बड़ी वजह बताया है। उदाहरण के लिए मुकुंदपुर ग्राम पंचायत द्वारा पारित प्रस्ताव की बात की जाए तो यहां ग्रामसभा में दावा किया गया है कि पंचायत से जिला मुख्यालय मैहर की दूरी लगभग 75 किमी, अमरपाटन तहसील की दूरी 50 किमी है जबकि पंचायत से रीवा जिला की दूरी महज 17 किमी है। 

कौन सी ग्राम पंचायत कहां रहना चाहती है 

मुकुंदपुर : रीवा में शामिल होने का प्रस्ताव 20 अगस्त को ग्राम सभा में पारित 

17 किमी रीवा की दूरी 

50 किमी अमरपाटन की 

75 मैहर की दूरी 

परसिया : रीवा में शामिल होने का प्रस्ताव 20 अगस्त को ग्राम सभा में पारित 

03 गांव,    2200 आबादी 

20 किमी पंचायत से रीवा की दूरी 

50 किमी अमरपाटन 

80 किमी मैहर, 60 किमी सतना 

आमिन : रीवा में शामिल होने का प्रस्ताव 

16 अगस्त को ग्राम सभा में पारित 

सरपंच : शीवेश बहादुर सिंह, 02 गांव, 4000 आबादी 

22 किमी रीवा से पंचायत की दूरी 

55 किमी अमरपाटन तहसील 

85 किमी मैहर, 65 किमी सतना

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