×

आज से इरादों का नया सबेरा: 2026 का स्वागत आस्था, पर्यटन और विकास की नई उम्मीदों के साथ, रीवा-विंध्य में बदलावों का सुनहरा अध्याय शुरू

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ रीवा और विंध्य अंचल में विकास, आस्था और पर्यटन की नई तस्वीर उभर रही है। हवाई सेवा, सड़क, रेल, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्रों में बीते वर्ष की उपलब्धियों और आने वाले साल की योजनाओं ने लोगों में नई उम्मीदें जगा दी हैं।

By: Star News

Jan 01, 20264:29 PM

view7

view0

आज से इरादों का नया सबेरा: 2026 का स्वागत आस्था, पर्यटन और विकास की नई उम्मीदों के साथ, रीवा-विंध्य में बदलावों का सुनहरा अध्याय शुरू

हाइलाइट्स

  • 2025 की उपलब्धियों के बाद 2026 में रीवा-विंध्य को मिलेंगी कई नई सौगातें
  • हवाई, सड़क, रेल, उद्योग और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े विस्तार की तैयारी
  • नए साल पर पर्यटन और धार्मिक स्थलों पर उमड़ेगी श्रद्धालुओं व सैलानियों की भीड़

रीवा, स्टार समाचार वेब

कुछ बातों, कुछ इरादों और कुछ वादों के साथ साल 2025 हमसे विदा हो गया। अब हम नए इरादों के साथ आज से नए साल का स्वागत करने जा रहे हैं। विंध्य की राजधानी का कद रखने वाले रीवा जिले के रहवासी नए साल का पहला दिन देव दर्शन व सैर सपाटे के साथ व्यतीत करेंगे। इसके साथ ही आज की भोर के साथ उगने वाले सूरज के संग उन बातों और वादों पर भी चर्चाएं होंगी जिन्हें हम बीते साल में छोड़ आए थे। आने वाले दिनों में यह साल लोगों के लिए यादगार बनेगा, इसके भी प्रयास होंगे। वर्ष के अंतिम दिन जहां लोगों ने देर शाम तक रंगारंग पार्टी व कार्यक्रमों के माध्यम से साल को विदा किया, तो वहीं भाव भक्ति के बीच नव वर्ष का आगाज होगा।

हवाई सेवा

  • 2025 -  रीवा एयरपोर्ट के शुभारंभ के बाद 72 सीटर विमान सेवा की शुरुआत हुई। 10 नवंबर को रीवा से दिल्ली हवाई सेवा की शुरुआत की गई। इसके बाद 25 दिसंबर को रीवा से इंदौर के बीच 78 सीटर विमान सेवा की शुरुआत की गई। 
  • 2026 -  अब रीवा एयरपोर्ट से बड़े विमान उड़ाने की तैयारी है। अभी हवाई पट्टी की लंबाई 1800 मीटर है। इसे बढ़ाकर 2300 मीटर तक करने की योजना पर काम किया जाएगा। इसके अलावा रीवा से भोपाल के बीच भी हवाई सेवा फिर से शुरू की जाएगी। 

सड़क परिवहन

  • 2025 -  रीवा में बायपास का निर्माण कार्य शुरू हुआ। पहले यह टू लेन थी। अब 350 करोड़ की लागत से इसके फोरलेन बनाने का काम शुरू हो गया है। इसी तरह सिलपरा से बेला तक बनने वाले रिंग रोड का भी फिर से निर्माण कार्य शुरू किया गया है। 
  • 2026 -  रीवा शहर को एक और नया फ्लाई ओव्हर मिलेगा। केन्द्र सरकार से 2300 मीटर लंबे फ्लाईओव्हर के निर्माण की हरी झंडी मिल गई है। 165 करोड़ की लागत से फ्लाई ओव्हर का निर्माण होगा। कॉलेज चौराहा से ढेकहा तिराहा तक पुल का निर्माण किया जाएगा। 

इंडस्ट्री

  • 2025 -  रीवा में रीजनल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था। इसमें 30 हजार करोड़ का इनवेस्टमेंट आया था। कई बड़े उद्यमियों ने इनवेस्टमेंट की मंशा जाहिर की थी। पंतजलि ने मऊगंज के घुरेहटा में जमीन का भी एग्रीमेंट करा लिया है। घुरेहटा में फूड पार्क का निर्माण किया जाएगा। 
  • 2026 -  घुरेहटा में पतंजलि अपनी फैक्ट्री का निर्माण कार्य शुरू कर सकता है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 10 से 15 हजार किसानों और लोगों को फायदा होगा। इसके अलावा घूमा में भी कई उद्योगों के शुरू होने के आसार हैं। 

पर्यटन

  • 2025 -  रीवा में रीजनल टूरिज्म इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया। कई इन्वेस्टर रीवा पहुंचे थे। करीब 3 हजार करोड़ के इन्वेस्टमेंट पर सहमति बनी थी। इसमें से हवाई सेवा देने वाली कंपनियों ने वायदा भी पूरा किया। इंडिगो और अलायंस ने सेवाएं देनी शुरू कर दी हैं। 
  • 2026 -  रीवा सहित विंध्य के मंदिरों, पर्यटन स्थलों को बढ़ावा मिलेगा। हवाई जहाज की कनेक्टिविटी मिलने से बाहरी पर्यटकों के रीवा के आने की संभावनाओं को बल मिलेगा। 

रेल

  • 2025 -  रीवा रेलवे से मुम्बई और पूणे के लिए नई ट्रेन मिली। रामपुर नैकिन तक रेलवे ट्रैक का काम पूरा हो गया है। रेलवे स्टेशन का विस्तार हुआ है। 
  • 2026 -  प्लेटफार्म क्र.1 में बनी लिफ्ट का उद्घाटन। अमृत भारत योजना के तहत एक्सलेटर व प्लेटफार्म क्र. 3, 4, 5 में लिफ्ट। सभी प्लेटफार्म को मिलाकर एक अतिरिक्त फुट ओवरब्रिज।

स्वास्थ्य

  • 2025 -  संजय गांधी हास्पिटल के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए 321 करोड़ 94 लाख रुपए के कार्य शुरू हुए। सुपर स्पेशलिटी में 13 करोड़ की एमआरआई मशीन का शुभारंभ हुआ। 6 करोड़ की नई कैथ लैब मशीन आई। 8 करोड़ की संजय गांधी अस्पताल में सीटी स्केन का शुभारंभ हुआ।  जिला अस्पताल में नया ओपीडी भवन बन कर तैयार हुआ।
  • 2026 -  मेडिकल कॉलेज परिसर में बहुमंजिला भवन की सौगात डॉक्टरों को मिलेगी। कैंसर यूनिट की सौगात मिलेगी। संजय गांधी अस्पताल परिसर में नए भवन और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल का एक्सटेंशन भवन बन कर तैयार होगा।

शिक्षा

  • 2025 -  वर्ष 2026 में अवधेश प्रताप सिंह ने रामायण शोध पीठ की स्थापना की। मॉडल साइंस कॉलेज को नैक मूल्यांकन में ए ग्रेड मिला। विश्वविद्यालय में 13वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। 
  • 2026 -  संदीपनि पीके सीएम राइज का नया भवन बन कर तैयार होगा। रीवा की सबसे महंगी स्कूल भवनों में से एक है। इसके अलावा भी कई नए भवन बन कर तैयार होंगे। एडी उच्च शिक्षा कार्यालय भवन की भी सौगात मिलेगी। 

राजनीति

  • 2025 -  रीवा को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का राष्टÑीय अध्यक्ष मिला। प्रो रघुराज तिवारी को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। भाजपा को नया जिला अध्यक्ष मिला। वीरेन्द्र गुप्ता को भाजपा के जिला अध्यक्ष के रूप में बड़ी जिम्मेदारी दी गई। 
  • 2026 -  राजनीति में वर्ष 2026 भी खास रहने वाला है। निगम मंडलों में अध्यक्ष की पदस्थापना संभव है। इसके अलावा मंत्रिमंडल विस्तार में भी रीवा के कुछ चेहरों को जगह मिल सकती है। 

ऐतिहासिक पल

इस वर्ष 31 अक्टूबर को रीवा में सैनिक स्कूल में नौसेना अध्यक्ष एडमिरल दिनेश त्रिपाठी तथा थल सेना अध्यक्ष जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने मंच साझा किया। दोनों सेनाध्यक्ष सैनिक स्कूल रीवा के पुरा छात्र हैं। संयोगवश दोनों वर्तमान में जल और थल सेना की कमान संभाल रहे हैं। यह विन्ध्य के लिए बहुत बड़ा गौरव है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद राष्ट्रीय साहित्य सम्मेलन में शामिल होने के लिए सात नवम्बर को रीवा पधारे। 

रीवा व मऊगंज जिले में आपके लिए है बहुत कुछ

नए साल का पहला दिन गुरुवार को पड़ रहा। नए साल के स्वागत में परिवार के साथ यदि आप कहीं घूमने जाना चाह रहे हैं। कुछ जगहों को आप जरूर घूमने फिरने के लिए चुन सकते हैं। इन जगहों पर देशभर से लोग पर्यटन के लिए आते हैं। रीवा और मऊगंज के वाटर फॉल देश में सुर्खियां बटोर रहे हैं। विंध्य की धरती पर सफेद शेरों की वापसी हुई और तेजी से मुकुंदपुर चिड़ियाघर का विस्तार हो रहा है। नया देखने के लिए यहां अब बहुत कुछ खास है। कई नए वन्यजीव पर्यटकों को देखने को मिलेंगे। 

मुकुंदपुर सफारी : 

रीवा से मुकुंदपुर की दूरी करीब 40 किमी के आसपास है। इसकी शुरुआत 2016 में हुई। करीब 40 साल बाद विंध्य में सफेद बाघों की वापसी इसी जू से हुई थी। विंध्या के रूप में सफेद बाघ की घर वापसी हुई थी। वर्तमान समय में यहां 122 से अधिक प्रजाति के वन्यजीव हैं। सफेद शेर, बब्बर शेर, रॉयल बंगाल टाइगर, स्लाथ वियर एवं  सोन कुत्ता सहित कई अन्य वन्यजीव यहां मौजूद हैं। रंग बिरंगी चिड़ियों के लिए वॉक इन एवियरी भी बनाया गया है। पिछले साल यहां 1 जनवरी को रिकार्ड 14 हजार पर्यटक आए थे। इस साल  रिकार्ड के टूटने का आसार है। 

चचाई वाटर फॉल :

यह वाटर फॉल बीहर नदी पर स्थित है। यह 430 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरती है। यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है। टोंस वाटर फॉल के कारण इसमें साल भर पानी नहीं रहता। हालांकि बारिश के मौसम में यह बेहद मनमोहक रहता है। यह मप्र का दूसरा सबसे ऊंचा झरना है। 

पुरवा वाटर फॉल : 

पुरवा जलप्रपात करीब 230 फीट ऊंचा है। यह सेमरिया तहसील में स्थित है। वर्तमान समय में इसकी खूबसूरती देखते बनती है। पर्यटकों के लिए यहां खास इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा के लिहाज से चारों तरफ फेंसिंग कर दी गई है। यहां साल भर पानी रहता है। यहां नए साल में पर्यटकों की भीड़ लगती है। इसकी गहराई लोगों को काफी आकर्षित करती है। 

क्योंटी वाटर फॉल :

क्योंटी वाटर फॉल रीवा से 40 किमी दूर है। वहीं प्रयागराज से 80 किमी, बनारस से करीब 150 और अयोध्या से 260 किमी दूर है। क्योंटी में दो जलप्रपात हैं। एक हमेशा सूखा रहता है। दूसरे में बारह महीने महाना नदी की मुख्यधारा झरने के साथ बहती है। लोगों का ऐसा कहना है कि  दोनों जलप्रपातों के बीच रात में बहस हुई थी। उस दौरान यह तय हुआ कि नदी का लगाव जिस जलप्रपात से होगा, उसी में मुख्यधारा समाहित होगी। इसी वजह से रात में ही नदी का स्वरूप और रास्ता दोनों बदल गया। क्योंटी जलप्रपात के पास ही 17-18वीं शताब्दी में बना किला भी है। इसे रीवा रियासत के बघेलवंश के राजाओं ने बनवाया था। 

बहुती वाटर फॉल :

यह वाटर फॉल मऊगंज जिला के नईगढ़ी में स्थित है। बहुती वाटर फॉल मप्र का सबसे ऊंचाई वाटर फॉल है। इस वाटर फॉल को देखने हाल में ही मप्र के सीएम भी पहुंचे थे। यह वाटर फॉल सेलर नदी पर स्थित है। इस वाटर फॉल की ऊंचाई 650 फीट है। 

महामृत्युंजय मंदिर किला : 

रीवा किला परिसर में एक अद्वितीय और प्राचीन शिव मंदिर है जो अपने 1001 छिद्रों वाले स्वयंभू शिवलिंग के लिए विश्व में प्रसिद्ध है। ऐसा माना जाता है कि दर्शन और अभिषेक से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है। ऐसा मंदिर कहीं और नहीं है। यह मंदिर 600 साल पुराना है। बघेल राजाओं ने इस मंदिर की स्थापना की थी। 

चिरहुला मंदिर : 

चिरहुला मंदिर को सिविल न्यायालय कहा जाता है। रीवा में जो भी आता है, चिरहुला मंदिर में बिना दर्शन किए लौट कर नहीं जाता। यहां नए वर्ष में काफी भीड़ उमड़ती है। यहां हनुमान जी से जो भी मुरादें मांगी जाती हैं। वह पूरी होती हैं। रीवा रीवा शहर के चंद किमी की दूरी पर ही है। 

खेमसागर मंदिर : 

यह मंदिर हनुमना जी का अद्भुत स्थल है। यहां अलग ही शांति और शक्ति का एहसास होता है। इसे सुप्रीम दरबार के नाम से भी जाना जाता है। यह रीवा शहर से करीब 7 किमी की दूरी पर स्थित है। यहां भी नववर्ष में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। 

रामसागर मंदिर : 

अपनी खास अदालती मान्यता के लिए यह प्रसिद्ध है। भक्त इसे हाईकोर्ट दरबार कहते हैं। जहां भक्तों की हनुमान जी के दर्शन करने से सारी मुरादें पूरी होती है। मान्यता है कि चिरहुला मंदिर में सुनवाई नहीं होने पर लोग रामसागर मंदिर में अर्जी लगाते हैं और यहां उनकी अर्जी सुनी जाती है। 

देवतालाब शिव मंदिर : 

देवतालाब में स्थित शिव मंदिर काफी पुराना है। इस मंदिर को लेकर ऐसी मान्यता है कि इसका निर्माण एक ही पत्थर को काट कर किया गया है। एक ही रात में इस मंदिर का निर्माण हुआ था। ऐसी मान्यता है कि विश्वकर्मा भगवान ने इस मंदिर का निर्माण किया था। जहां शिवलिंग दिन में रंग बदलता है। इस मंदिर के दर्शन को चारधाम यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। 

भैरवनाथ मंदिर : 

उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के प्रयासों से गुढ़ के समीप स्थित भैरवनाथ मंदिर को भव्य दिव्य स्वरूप मिला है। भैरवनाथ मंदिर परिसर को आकर्षक और बेहतरीन बनाने का कार्य अंतिम चरण में है। सभी कार्य पूर्ण हो जाने पर भैरवनाथ लोक का पूर्ण विकसित व सुंदर स्वरूप होगा। ग्यारह सौ वर्ष पुरानी आस्था को नया स्वरूप मिला है। यह स्थल धार्मिक स्थल के साथ ही पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित होगा। श्रद्धालुओं के लिये धर्मशाला व अन्य सुविधायें भी उपलब्ध रहेंगी। भैरवनाथ मंदिर के पहाड़ी में पीपल के 100 पौधे लगाये जा रहे हैं।  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने भैरवनाथ मंदिर में भगवान आशुतोष की पूजा अर्चना की तथा रूद्राभिषेक किया। उन्होंने भैरवनाथ की पूजा भी की। प्रयागराज के वैदिक आचार्यों ने विधि विधान से पूजा अर्चना संपन्न कराई। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने गुढ़ विधायक नागेन्द्र सिंह के साथ पीपल के पौधे लगाये। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भैरवनाथ लोक का लोकार्पण जनवरी माह के अंत में मुख्यमंत्री द्वारा किया जायेगा। 

रानीतालाब मंदिर : 

ऐसी मान्यता है कि यहां लवाना प्रजाति के एक दल ने लगभग 200 साल पहले व्यापार करने रीवा आए थे। इस दौरान उनके साथ सैकड़ों की संख्या में घोड़े थे। जिन पर पत्थरों से बनी बेशकीमती मूर्तियां व कलाकृतियां थी। एक पखवाड़ा के विश्राम के बाद जब दल यहां से रवाना हुआ तो एक मूर्ति टस से मस नहीं हुई। काफी प्रयास के बाद भी जब मूर्ति नहीं हिली तो दल छोड़ कर आगे बढ़ गया। इसके बाद वहीं पर रहने वाले शुक्ला परिवार को स्वप्न में देवी ने अपने मौजूद रहने की जानकारी देकर टीले में विराजित करने का निर्देश दिया। तब से यह स्थान मॉ कालिका के नाम से प्रसिद्ध है। 

बसामन मामा : 

बसामन मामा गौअभ्यारण्य में एक जनवरी को गोलोक दर्शन महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल गोलोक दर्शन महोत्सव का शुभारंभ करेंगे। बसामन मामा गौअभ्यारण्य में हजारों बेसहारा गौवंश को आश्रय दिया जा रहा है। इस संबंध में गौअभ्यारण्य प्रबंधन समिति के सचिव सेवानिवृत्त संयुक्त संचालक पशुपालन डॉ. राजेश मिश्रा ने कहा है कि बसामन मामा तीर्थ के समीप ही गौअभ्यारण्य स्थित है। इसमें एक जनवरी को आयोजित गोलोक दर्शन में आमजनता गौशाला का भ्रमण करते हुए गायों का पूजन कर सकती है।

COMMENTS (0)

RELATED POST

आज से इरादों का नया सबेरा: 2026 का स्वागत आस्था, पर्यटन और विकास की नई उम्मीदों के साथ, रीवा-विंध्य में बदलावों का सुनहरा अध्याय शुरू

आज से इरादों का नया सबेरा: 2026 का स्वागत आस्था, पर्यटन और विकास की नई उम्मीदों के साथ, रीवा-विंध्य में बदलावों का सुनहरा अध्याय शुरू

नए साल 2026 की शुरुआत के साथ रीवा और विंध्य अंचल में विकास, आस्था और पर्यटन की नई तस्वीर उभर रही है। हवाई सेवा, सड़क, रेल, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन के क्षेत्रों में बीते वर्ष की उपलब्धियों और आने वाले साल की योजनाओं ने लोगों में नई उम्मीदें जगा दी हैं।

Loading...

Jan 01, 20264:29 PM

36.55 लाख के संपत्तिकर पर तकरार: 29 साल का बकाया मांगने पर आमने-सामने नगर निगम और कृषि उपज मंडी समिति, कानूनी पेंच में उलझा मामला

36.55 लाख के संपत्तिकर पर तकरार: 29 साल का बकाया मांगने पर आमने-सामने नगर निगम और कृषि उपज मंडी समिति, कानूनी पेंच में उलझा मामला

सतना में कृषि उपज मंडी समिति और नगर निगम के बीच संपत्तिकर को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। नगर निगम ने 1997 से 2026 तक का 36.55 लाख रुपये कर बकाया बताते हुए नोटिस जारी किया है, जबकि मंडी समिति ने इसे अवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट के आदेश और मंडी अधिनियम का हवाला दिया है।

Loading...

Jan 01, 20264:24 PM

इंटरसिटी के लिए 15, तो इटारसी एक्सप्रेस के लिए 30 मिनट पहले आना होगा स्टेशन

इंटरसिटी के लिए 15, तो इटारसी एक्सप्रेस के लिए 30 मिनट पहले आना होगा स्टेशन

रेलवे की नई समय-सारणी के तहत सतना जंक्शन पर ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान समय में अहम बदलाव किए गए हैं। इंटरसिटी एक्सप्रेस और प्रयागराज छिवकी–इटारसी एक्सप्रेस के समय में परिवर्तन के चलते यात्रियों को पहले से स्टेशन पहुंचने की सलाह दी गई है, जबकि कुछ ट्रेनों की गति बढ़ी तो मेमू की चाल और धीमी हो गई है।

Loading...

Jan 01, 20264:21 PM

मुंबई से आया 9 लाख का फंड, झखौरा में धर्मांतरण और मस्जिद निर्माण का नेटवर्क बेनकाब, 3 गिरफ्तार

मुंबई से आया 9 लाख का फंड, झखौरा में धर्मांतरण और मस्जिद निर्माण का नेटवर्क बेनकाब, 3 गिरफ्तार

सतना जिले के झखौरा गांव में धर्मांतरण और मस्जिद निर्माण से जुड़ा मामला पुलिस जांच में गंभीर रूप लेता जा रहा है। मुंबई के एक संदिग्ध बैंक खाते से 9 लाख रुपये की फंडिंग, आपत्तिजनक धार्मिक साहित्य और बाहरी राज्यों से संपर्क के खुलासे के बाद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Loading...

Jan 01, 20264:18 PM

एम्बुलेंस में ही जच्चा-बच्चा ने तोड़ा दम: समय पर इलाज न मिलने से मातृत्व सुरक्षा पर सवाल, सतना में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही फिर आई सामने

एम्बुलेंस में ही जच्चा-बच्चा ने तोड़ा दम: समय पर इलाज न मिलने से मातृत्व सुरक्षा पर सवाल, सतना में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही फिर आई सामने

सतना जिले में संस्थागत प्रसव की तमाम व्यवस्थाओं के दावों के बीच एक गर्भवती महिला और उसके गर्भस्थ शिशु की एम्बुलेंस में मौत ने स्वास्थ्य तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समय पर इलाज, रेफरल व्यवस्था और प्राथमिक उपचार की कमी इस दर्दनाक घटना की बड़ी वजह मानी जा रही है।

Loading...

Jan 01, 20264:14 PM