सतना जिले के झखौरा गांव में धर्मांतरण और मस्जिद निर्माण से जुड़ा मामला पुलिस जांच में गंभीर रूप लेता जा रहा है। मुंबई के एक संदिग्ध बैंक खाते से 9 लाख रुपये की फंडिंग, आपत्तिजनक धार्मिक साहित्य और बाहरी राज्यों से संपर्क के खुलासे के बाद तीन आरोपियों की गिरफ्तारी ने पूरे नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
By: Star News
Jan 01, 20264:18 PM
हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
धारकुंडी थाना क्षेत्र के झखौरा गांव में धर्मांतरण और मस्जिद निर्माण से जुड़े मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जांच में खुलासा हुआ कि मस्जिद निर्माण के लिए मुंबई के एक संदिग्ध बैंक खाते से 9 लाख विभिन्न किश्तों में गांव भेजे गए थे। आरोपियों के कब्जे से आपत्तिजनक धार्मिक साहित्य और मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है। पुलिस अब फंडिंग के मकसद, बाहरी संपर्क और पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुट गई है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक लालच और दबाव के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने के आरोप में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर मस्जिद परिसर से आपत्तिजनक साहित्य व अन्य सामग्री भी जब्त की गई है। पुलिस को बैंक खातों में बाहरी राज्यों से लाखों रुपये जमा होने के साक्ष्य मिले हैं, जिसमें मुंबई स्थित एक संदिग्ध खाते से 9 लाख प्राप्त होने की पुष्टि हुई है। फिलहाल धनराशि के स्रोत, उद्देश्य और नेटवर्क की भूमिका को लेकर गहन जांच की जा रही है।
मस्जिद के विरोध से सामने आया मामला
यह मामला झखौरा गांव में निर्माणाधीन मस्जिद को लेकर ग्रामीणों द्वारा जताई गई आपत्ति के बाद सामने आया था। चार दिन पूर्व मस्जिद निर्माण स्थल पर बाहरी लोगों की बढ़ती आवाजाही और संदिग्ध गतिविधियों को लेकर ग्रामीणों में असंतोष था, जिसके चलते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद की स्थिति भी बनी थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि धार्मिक गतिविधियों की आड़ में गांव में धर्मांतरण की कोशिशें की जा रही हैं।
धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम का केस दर्ज
फरियादी पंकज पाठक (26), निवासी ग्राम कठारा की लिखित शिकायत पर थाना धारकुण्डी में अपराध क्रमांक 131/25 अंतर्गत धारा 299 भारतीय न्याय संहिता और मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम 2021 की धारा 3/5 के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। लालमन चौधरी उर्फ अब्दुल रहमान (68), पिता जिसवा चौधरी, निवासी झखौरा मुख्य आरोपी, विजय भारती उर्फ मोहम्मद उमर (32), पिता लालमन चौधरी, निवासी झखौरा और दीनानाथ चौधरी उर्फ अब्दुला (42), पिता मोहनलाल चौधरी, निवासी रनेही, थाना कोठी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
आपत्तिजनक सामग्री जब्त
आरोपियों की निशानदेही पर झखौरा मस्जिद परिसर से 1 बैनर, 6 धार्मिक पुस्तकें, 1 हस्तलिखित धार्मिक पुस्तक, 3 मोबाइल फोन और अन्य सामुदायिक सामग्री जब्त की गई।
खातों और डिजिटल संपर्क की जांच जारी
पुलिस के अनुसार जब्त मोबाइलों की फॉरेंसिक जांच में व्हाट्सएप कॉलिंग और बाहरी राज्यों के संदिग्ध नंबरों से लगातार संपर्क पाए गए हैं। बैंक लेनदेन, कॉल डिटेल्स और फंडिंग नेटवर्क के हर पहलू की जांच की जा रही है।
2010 में मुख्य आरोपी ने अपनाया था इस्लाम
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी ने वर्ष 2010 में इस्लाम धर्म स्वीकार किया था और बाद में अपने बेटे तथा भतीजे का भी धर्म परिवर्तन कराया। पुलिस को आशंका है कि इसी नेटवर्क के माध्यम से गांव में अन्य लोगों को भी प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था। धारकुण्डी थाना प्रभारी शैलेंद्र पटेल ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सभी पहलुओं पर निष्पक्ष जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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