रीवा में सीवर लाइन कार्य के चलते नया बस स्टैंड–बाणसागर रोड पर घंटों जाम लग रहा है, जिससे एम्बुलेंस, मरीज और आम नागरिक गंभीर संकट में हैं।

हाइलाइट्स:
रीवा, स्टार समाचार वेब
एक तरफ जहां सीवर लाइन का काम करने वाली कंपनी ने शहर को बदसूरत कर दिया है, वहीं मुख्य मार्गों में लगने वाले जाम से आम लोगों के अलावा मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली एम्बुलेंस भी प्रभावित हो रही हैं। ऐसे में जाम से निजात के लिए रूट डायवर्ट करने की आवश्यकता है। हम बात कर रहे हैं नया बस स्टैण्ड से सीधी एवं शहडोल जाने वाली बाणसागर रोड की सड़क का, जहां जेसीबी द्वारा सड़क के किनारे होने वाली खोदाई के चलते दो-दो घंटे तक जाम लगा रहता है। खास बात यह है कि इसी रोड में कई निजी अस्पतालें भी संचालित हैं, जहां पर सीरियस मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में एम्बुलेंस चालकों को मशक्कत करनी पड़ती है। बस स्टैण्ड से सीधी एवं शहडोल जाने वाली बसों का संचालन भी इसी मार्ग से होता है। ऐसी स्थिति में जाम लगना आम बात है। यह बात अलग है कि बसों का संचालन अन्य मार्ग से भी किया जा सकता है परंतु जिम्मेदारों ने यह ठान लिया है कि शहडोल एवं सीधी की बसें इसी मार्ग से जाएंगी। नए बस स्टैण्ड से अगर रूट डायवर्ट कर रिंग रोड से बसों का संचालन कर दिया जाए तो जाम से निजात मिल सकती है।
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जब गंभीर मरीज की अटक गई थी सांसें
पीटीएस चौराहा से नया बस स्टैण्ड तक चार-चार निजी अस्पताल हैं जो तकरीबन सौ बेड तक की बनाई गई हैं। ऐसे मरीज जिन्हें निजी अस्पताल में अपना उपचार कराना होता है, जाम की वजह से वह सही समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। कुछ ऐसा ही वाकया 24 घंटे पहले का है जब एक गंभीर मरीज की सांसें अटक गई थीं। जानकारी के अनुसार सोमवार को एक सीरियस मरीज जिसे ब्रेन में क्लाटिंग की वजह से रीवा हॉस्पिटल ले जाया जा रहा था, उस दौरान मरीज को लेकर जा रही एम्बुलेंस जाम में एक घंटे तक फंसी रही। हालत यह हुई कि जहां मरीज को तुरंत पहुंचना चाहिए वह एक घंटे की देरी से पहुंचा और क्लाटिंग ज्यादा बढ़ जाने की वजह से उसे वेंटीलेटर में रखना पड़ा।
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प्रशासन के पास नहीं है कोई प्लानिंग, कैसे निपटेंगे आपात स्थिति से
शहर में कहीं पर भी दो मिनट के अंदर जाम लग जाना अब यहां की नियति सी बन चुकी है। जगह चाहे राष्ट्रीय राजमार्ग हो या फिर किसी मोहल्ले की मुख्य सड़क, हर जगह जाम लगना आम हो चुका है। चिरहुला मार्ग, समान मार्ग, सिरमौर चौराहा, अस्पताल चौराहा, अमहिया, गल्ला मण्डी, धोबिया टंकी, स्टेचू चौक, खन्ना चौराहा, संजय नगर चौक, ढेकहा तिराहा, पुराना बस स्टैण्ड मार्ग जाम का सेंटर बने हुए हैं। जबकि देखा जाए तो शहर को जाम से निजात दिलाने के लिए फ्लाईओवर तथा रिंग रोड जैसी सुविधाएं मौजूद हैं लेकिन जिला प्रशासन व यातायात पुलिस की लापरवाही तथा किसी भी तरह का प्लान न होने की वजह का खामियाजा आम जनता, मरीजों व स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। यहां सबसे महत्वपूर्ण विषय यह है कि जब शहर के भीतर कोई आपात स्थिति निर्मित हो जाएगी तो उस सूरत में परिस्थितियों से निपटने के लिए क्या विकल्प होना चाहिए इस मुद्दे पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

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