सर्दियों में प्यास कम लगती है लेकिन पानी कम पीना किडनी और लीवर के लिए खतरनाक हो सकता है। जानिए सर्दियों में पानी पीना क्यों है जरूरी और कितनी मात्रा सही है।

लाइफ स्टाइल. स्टार समाचार वेब
सर्दियों के मौसम में अक्सर लोगों को प्यास कम लगती है। ठंड के कारण शरीर से पसीना कम निकलता है, जिससे यह भ्रम हो जाता है कि पानी की जरूरत भी कम है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में भी पर्याप्त पानी न पीना किडनी और लीवर के लिए गंभीर समस्याएं पैदा कर सकता है। ठंड में शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे टॉक्सिन्स बाहर निकालने के लिए पानी की जरूरत और भी बढ़ जाती है। पानी की कमी से शरीर में विषैले तत्व जमा होने लगते हैं, जिसका सीधा असर किडनी और लीवर पर पड़ता है।
क्या असर पड़ता है किडनी-लीवर पर
अगर शरीर को पर्याप्त पानी नहीं मिलता तो किडनी सही तरीके से खून को फिल्टर नहीं कर पाती। इससे यूरिन इंफेक्शन, किडनी स्टोन और किडनी फेल होने का खतरा बढ़ सकता है। लीवर शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। पानी की कमी से लीवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे फैटी लीवर और लीवर डैमेज की समस्या हो सकती है।
सर्दियों में प्यास न लगना यह संकेत नहीं है कि शरीर को पानी की जरूरत नहीं है। अगर समय रहते पर्याप्त पानी नहीं पिया गया, तो किडनी और लीवर पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। स्वस्थ रहने के लिए सर्दियों में भी पानी पीने की आदत बनाए रखें।
सर्दियों में कितना पानी पीना चाहिए

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