चलिए आपको बताते हैं रसोई का वास्तु शास्त्र। क्या ख्याल रखना चाहिए रसोई तैयार करते समय। वास्तु का ध्यान रखने पर जानिए क्या-क्या दिक्कत हो सकती है।
By: Ajay Tiwari
Feb 25, 20264:52 PM
लाइफ स्टाइल. स्टार समाचार वेब
चलिए आपको बताते हैं रसोई का वास्तु शास्त्र। क्या ख्याल रखना चाहिए रसोई तैयार करते समय। वास्तु का ध्यान रखने पर जानिए क्या-क्या दिक्कत हो सकती है।
1. चूल्हे और सिंक की दिशा (अग्नि और जल का संतुलन) वास्तु शास्त्र के अनुसार, चूल्हा (अग्नि) और सिंक (जल) को कभी भी एक-दूसरे के बिल्कुल बगल में या आमने-सामने नहीं होना चाहिए। अग्नि और जल परस्पर विरोधी तत्व हैं।
दोष: यदि ये पास हों, तो परिवार के सदस्यों के बीच झगड़े और स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं।
उपाय: यदि जगह कम है, तो चूल्हे और सिंक के बीच एक लकड़ी का बोर्ड या कोई छोटा पौधा रख दें।
2. दवाइयों का रसोई में होना बहुत से लोग अपनी नियमित दवाइयां रसोई के किसी डिब्बे या सेल्फ पर रखते हैं ताकि याद रहे।
दोष: वास्तु के अनुसार रसोई में दवाइयां रखना बीमारी को न्योता देना है। यह माना जाता है कि रसोई में रखी दवाइयां कभी खत्म नहीं होतीं और परिवार का कोई न कोई सदस्य हमेशा बीमार रहता है।
उपाय: दवाइयों को हमेशा बेडरूम या लिविंग रूम के किसी कैबिनेट में रखें।
3. गूंथे हुए आटे को फ्रिज में रखना अक्सर समय बचाने के लिए लोग रात को आटा गूंथकर फ्रिज में रख देते हैं और सुबह उसकी रोटियां बनाते हैं।
दोष: ज्योतिषीय दृष्टि से फ्रिज में रखा आटा 'पिंड' के समान माना जाता है, जो नकारात्मक शक्तियों और राहु-केतु के प्रभाव को आकर्षित करता है। इसके अलावा, बासी आटे की रोटी खाने से आलस्य और तामसिक प्रवृत्ति बढ़ती है।
उपाय: हमेशा ताजा आटा गूंथकर ही रोटियां बनाएं।
4. टूटे हुए बर्तन और कबाड़ रसोई में चटके हुए कप, टूटे हुए कांच के बर्तन या पुराने बेकार डिब्बे रखना दरिद्रता का प्रतीक है।
दोष: यह घर में 'लक्ष्मी' के आगमन को रोकता है और आर्थिक तंगी पैदा करता है।
उपाय: समय-समय पर रसोई की सफाई करें और टूटे हुए बर्तनों को तुरंत बाहर निकालें।
5. तवे और कढ़ाई का रखरखाव तवा और कढ़ाई राहु का प्रतिनिधित्व करते हैं। इन्हें कभी भी गंदा या उल्टा करके नहीं रखना चाहिए।
दोष: तवे को रात भर गंदा छोड़ने से घर में आर्थिक हानि होती है।
उपाय: खाना बनाने के बाद तवे को साफ करके ऐसी जगह रखें जहाँ बाहरी व्यक्ति की नजर उस पर न पड़े। तवे पर पहली रोटी डालने से पहले थोड़ा नमक छिड़कना शुभ माना जाता है।
अपनी रसोई की सुख-समृद्धि और बरकत बनाए रखने के लिए इन 10 बिंदुओं का रखें ख्याल
✅ दिशा (Direction): क्या आपकी रसोई घर के दक्षिण-पूर्व (आग्नेय कोण) में स्थित है?
✅ चूल्हा और सिंक (Fire & Water): क्या आग और पानी के बीच कम से कम 2-3 फीट की दूरी है? (ये कभी एक साथ नहीं होने चाहिए)।
✅ मुंह की दिशा (Cooking Face): क्या खाना बनाते समय आपका चेहरा पूर्व (East) दिशा की ओर रहता है? यह सबसे शुभ माना जाता है।
✅ अनाज का भंडारण (Storage): क्या भारी अनाज और राशन के डिब्बे दक्षिण या पश्चिम दीवार की तरफ रखे हैं?
✅ तवे का नियम: क्या आप तवे को इस्तेमाल के बाद छुपाकर रखते हैं और उसे कभी उल्टा नहीं रखते?
✅ नमक का डिब्बा: क्या आपकी रसोई में नमक कांच के जार में रखा है? (प्लास्टिक या लोहे में नमक रखना वास्तु दोष पैदा करता है)।
✅ झाड़ू की जगह: सुनिश्चित करें कि रसोई में झाड़ू न हो। यदि रखनी ही पड़े, तो वह चूल्हे से दूर और नजरों से ओझल हो।
✅ जूठे बर्तन: क्या रात को सोने से पहले आपकी सिंक पूरी तरह साफ रहती है? (रात में जूठे बर्तन छोड़ना धन हानि का बड़ा कारण है)।
✅ पहली रोटी: क्या आपके घर में रोज पहली रोटी गाय के लिए निकाली जाती है?
✅ रोशनी और हवा: क्या रसोई में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी और ताजी हवा के लिए खिड़की है?