सतना में महज तीन इंच बारिश से ही घरों और दुकानों में पानी घुस गया। स्मार्ट सिटी की नाकामी और ड्रेनेज सिस्टम की पोल खोलता यह हाल।

शहर की सड़कें बनी तालाब....
सतना, स्टार समाचार वेब
तस्वीर देखकर यदि आप सोच रहे हैं कि लोग किसी नदी को पार कर रहे हैं तो आपकी सोच गलत है। यह नजारा किसी नदी, तालाब का नहीं बल्कि स्मार्ट सिटी सतना के मुख्य चौराहों और गलियों की है, जहां बुधवार को हुई 3.268 इंच की बारिश में सड़कें नदियां व तालाब बन गईं। कई घरों और दुकानों में पानी घुस गया। पिछले पांच दिनों के अंदर दुकानों और घरों में दूसरी बार पानी घुसने से शहर के ड्रेनेज सिस्टम और वर्ल्ड क्लास इंजीनियरिंग पर सवाल उठने लगे हैं। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट और नगर निगम द्वारा शहर में कई निर्माण व विकास कार्य कराए गए हैं। इन विकास कार्यों में सड़क,नाली के निर्माणके अलावा चौराहों के सौन्दर्यीकरण का काम भी शामिल है। इन कामों में करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बाद भी जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं की गई, जिसके चलते चंद मिनटों की बारिश में ही शहर के प्रमुख चौराहे जलमग्न हो गए। पानी निकासी का सिस्टम सही न होने घंटों इन चौराहों में घुटनों तक पानी भरा रहा। हालत यह रही कि कई दुकानों और घरों के सामने सड़कें ऊंची होने से उनमें भी पानी भरा रहा। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू तो यह है कि शहर के सर्वांगीण विकास का प्लान तैयार करने और उस विकास को अमली जामा पहनाने वाले नगर निगम कार्यालय से महज 100 मीटर के दायरे के अंदर ही सर्किट हाउस चौराहा तालाब बना रहा। तो उसके आसपास की गलियां नदियों में तब्दील रहीं।
हर जगह पानी-पानी
मंगलवार की देर रात से बुधवार की शाम तक लगभग 85 मिमी बारिश हुई। इस बारिश ने शहर के व्यवस्थित विकास को पूरी तरह से लोगों के सामने रख दिया। शहर का ऐसा कोई भी कोना नहीं रहा होगा जहां पानी घुटनों तक न भरा रहा हो। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से यह समस्या खड़ी हुई है। सवाल यह उठता है कि विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च करने वाला नगर निगम जल निकासी की आखिर पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं कर पा रहा है।
गौशाला चौक में लगा रहा जाम
लंबे समय तक सीवर लाइन का दंश भोग चुके गौशाला चौक वासियों के लिए बारिश का यह मौसम परेशानियां लेकर आया है। सीवर लाइन डालने के लिए खोदी गई सड़क के कारण लोगों को आवागमन में काफी परेशानी है, लोगों की दुकानों और घरों में पानी घुसा तो शाम को जाम का सामना भी लोगों को करना पड़ा।
मुख्य मार्ग की सड़कों ने कालोनी की गलियों को बना दिया नाला
नगर निगम व स्मार्ट सिटी के काबिल इंजीनियरों द्वारा तैयार की गई ड्राइंग डिजाइन के आधार पर बनी शहर की सड़कें लोगों के घरों व दुकानों से ऊंची हो गई हैं, लिहाजा हल्की बारिश में ही पानी लोगों के घरों व दुकानों में घुस रहा है। शाम की बारिश से जहां लोग बचते नजर आए वहीं बाजार, चेम्बर वाली गली व अन्य स्थानों पर लोग दुकानों व घरों में पानी न घुसे इसका बचाव करते नजर आए। सड़कों की उंचाई ने कई कालोनी की गलियों को नाले में तब्दील कर दिया।
नहीं नजर आए स्मार्ट सिटी-ननि के इंजीनियर
हाल ही में कलेक्टर सतीश कुमार एस ने निर्देशित किया था कि शहर में बारिश होने पर नगर निगम और स्मार्ट सिटी के इंजीनियर जल भराव वाले स्थानों पर पहुंचेंगे लेकिन बुधवार को न तो निगम के इंजीनियर और न ही स्मार्ट सिटी के इंजीनियर फील्ड पर नजर आए। बताया तो यहां तक जा रहा है कि कलेक्टर के निर्देश के बावजूद अभी तक जल भराव वाले स्थान चिन्हित नहीं किए गए हैं। जबकि शहर में जल भराव की समस्या बरसात के समय हर साल होती है और इससे निपटने के प्लान भी बनते हैं। यह बात अलग है कि इन प्लानों को आज तक अमली जामा नहीं पहनाया जा सका।
तय हो ‘अनाड़ियों’ की जवाबदेही
हर साल की तरह पहली ही बारिश में शहर के कई मोहल्ले जलमग्न हो गए। शहर का यह हाल तब रहा जब शहर में स्मार्ट सुविधाओं के नाम पर तकरीबन साढ़े 9 सौ करोड़ रूपए खर्च किए जा चुके हंै। सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधि जनता के बीच शहर की इस स्मार्टनेस को एक बड़ी उपलब्धि बताते रहे हैं, लेकिन बुधवार की बारिश ने जनप्रतिनिधियों के घरों का भी रूख किया। यह सच है कि सतना का स्मार्ट सिटी से जुड़ना एक बड़ी उपलब्धि थी लेकिन योजना का क्रियान्वयन अधिकारियों और तकनीकी अमले ने किया , उससे एक बात तो साफ हो गई कि स्मार्ट सिटी को विकसित करने की कमान जिस अमले पर थी वह स्मार्ट नहीं बल्कि अनाड़ी थे, जिन्हें इतनी भी तकनीकी समझ नहीं थी कि यदि सड़क के ऊपर सड़क बना दी गई तो यह उचाई घरों में मलबे और प्रदूषित पानी के भरने का कारण बनेगी। बारिश हुई तो ऐसा ही हुआ। यहां तक कि प्रमुख मार्गों से जुड़े कई जनप्रतिनिधियों के घरों में भी प्रदूषित पानी घुस गया। तकनीकी अमले की चूक ने जनप्रतिनिधियों के स्मार्ट सिटी बनाने के दावों को कटघरे में खड़ा कर दिया है। इसे अधिकारियों व सत्तापक्ष के नेताओं को संजीदगी से लेना होगा और साढ़े 9 सौ करोड़ खर्च होने के बाद भी जलनिकासी जैसी समस्याएं खड़ी करने वालों की जवाबदेही तय करनी होगी, अन्यथा शहरवासियों को स्मार्ट सुविधाएं मुहैया कराने की सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना जनमानस के लिए जहां परेशानी का सबब बनती रहेगी वहीं सरकार की ‘स्मार्ट ब्रांडिंग’ करने वाली यह योजना लोगों की नाराजगी का कारण बनेगी।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी का प्रकोप देखने को मिल रहा है। देश के कई राज्य भीषण गर्मी से तप रहे हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा से लेकर राजस्थान और महाराष्ट्र के कई जिलों में लोगों का गर्मी से बुरा हाल रहा। यूपी का बांदा 46.7 के साथ और एमपी का राजगढ़ जिला 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म शहर रहा।
भोजशाला मामले में MP के पूर्व CM दिग्विजय सिंह ने हाईकोर्ट के फैसले को अस्पष्ट बताते हुए कहा कि ASI को मंदिर के सबूत नहीं मिले। वहीं भोज उत्सव समिति ने दिग्विजय सरकार पर पूजा प्रतिबंधित करने का आरोप लगाया है। पढ़ें पूरी खबर।
भोपाल में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की बहू ट्विशा शर्मा सुसाइड केस में नया मोड़। मायके वालों ने शव लेने से किया इनकार, दिल्ली AIIMS में दोबारा पोस्टमार्टम की मांग को लेकर सीएम हाउस के सामने किया प्रदर्शन।
मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा के जंगीपुरा रोड स्थित मदरसा रोड पर देर रात एक इलेक्ट्रॉनिक दुकान और मकान में भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि दुकान में रखे इलेक्ट्रॉनिक सामान और एसी रिपेयरिंग के सिलेंडरों में धमाके होने लगे। धमाकों से पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के अफसर और कर्मचारियों के अवकाश नियमों में बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, वित्त विभाग द्वारा मप्र सिविल सेवा अवकाश नियम 2025 के तहत अवकाश मंजूरी के अधिकारों को विभाजित कर दिया है।
मध्यप्रदेश के देवास जिले के पीपलरावा थाना क्षेत्र में बैराखेड़ी गांव के समीप प्याज से भरा एक मिनी ट्रक मोड़ पर अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ट्रक के ऊपर सो रहे तीन मजदूरों की मौत हो गई। दो अन्य लोग घायल हो गए।
सुबह से ही श्रद्धालुओं का उत्साह देखते बन रहा था। ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और जयघोष के साथ श्रद्धालुओं ने भोजशाला परिसर में प्रवेश किया। महिलाएं, युवा, बुजुर्ग और बच्चे हाथों में मां सरस्वती के चित्र और धार्मिक ध्वज लिए पहुंचे।
मध्यप्रदेश के रतलाम में आज भीषण टेन हादसा हो गया। राहत की बात यह है कि सभी यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया। दरअसल, दिल्ली निजामुद्दीन की ओर जा रही राजधानी एक्सप्रेस (12431) के दो कोच में रविवार सुबह आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
दमोह (तेंदूखेड़ा) के आईईएस पब्लिक स्कूल में शिक्षिका की कथित मारपीट के शिकार 9 वर्षीय छात्र काव्य नामदेव की भोपाल एम्स में मौत। परिजनों ने शव के साथ एसपी ऑफिस घेरा, SIT करेगी जांच।
भोपाल के DPI परिसर में शिक्षक भर्ती परीक्षा-2025 के अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन। पदवृद्धि और जॉइनिंग की मांग पर अड़े वर्ग 2-3 के परीक्षार्थी। तेज धूप में महिला अभ्यर्थी की तबीयत बिगड़ी।