सतना में दिशा बैठक के दौरान सांसद गणेश सिंह ने स्मार्ट सिटी और सीवर लाइन कार्यों की अव्यवस्था पर कड़ा रुख अपनाया। लेटलतीफी, गुणवत्ता और जिम्मेदारी को लेकर अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
सारा शहर खुदा पड़ा है... सीवर लाइन के अव्यवस्थित काम से सरकार की किरकिरी हो रही है। गलतियां तुम लोग करते हो, सुनना हमें पड़ता है। महापौर का फेसबुक खोलकर देखिए लोग कैसे-कैसे कमेंट कर रहे हैं... यह बात सांसद गणेश सिंह ने शुक्रवार को जिला कलेक्ट्रेट में आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति दिशा की बैठक में कही। सांसद स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में चल रहे निर्माण कार्यों की लेटलतीफी और अधिकारियों के गैर जिम्मेदाराना रवैये से नाराज थे। सांसद ने बैठक में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के कई कार्यों पर जहां सवाल उठाया वहीं उन्होंने साइकल ट्रैक का नाम बदल कर उसका नाम हॉकर जोन करने की सलाह दी।
शुक्रवार को आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में वैसे तो सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की गई लेकिन सबसे ज्यादा सांसद के निशाने पर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में चल रहे कार्य और सीवर लाइन रहा। दिशा की बैठक के दौरान पेश किए गए पालन प्रतिवेदन में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि पूर्व के 14 में से 10 कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं, चार प्रगतिरत हैं। इस पर सांसद ने कहा कि पूर्ण किए गए कार्य कौन से हैं नाम बताएं? अधिकारियों द्वारा बैठक के दौरान बताया गया कि सीवर लाइन डालने के बाद शहर में रोड रेस्टोरेशन कर दिया गया है, अधिकारियों के द्वारा इतना कहते ही सांसद भड़क उठे उन्होंने कहा कि सीवर लाइन डालने के बाद शहर में 26 ऐसे स्थान हैं जहां अब भी रोड रेस्टोेरेशन नहीं हुआ। उन्होंने उन स्थानों की सूची मय फोटो के अधिकारियों को सौंपी।
यह भी पढ़ें: सतना के रास्ते मुंबई के लिए नई अमृत भारत एक्सप्रेस की सौगात
क्या हुआ जांच रिपोर्ट का
सांसद गणेश सिंह ने बैठक के दौरान स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े कार्यों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाया और जानना चाहा कि पूर्व में गुणवत्ता की जांच के लिए जो सेम्पल लैब भेजे गए थे उनका क्या हुआ? लैब रिपोर्ट आई कि नहीं।
बदल दो साइकिल ट्रैक के नाम
बैठक के दौरान साढ़े पांच करोड़ के साइकिल ट्रैक में सब्जी की दुकानें व अन्य निजी कार्यों को लेकर उठ रहे मामलों का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि साइकिल ट्रैक का उपयोग नहीं हो पा रहा है। यहां से सब्जी की दुकानें नहीं हटाई जा रही है तो इसका नाम साइकिल ट्रैक की बजाय हॉकर जोन कर दिया जाना चाहिए।
विधायकों ने बनाई दूरी
जिले के विकास को लेकर सत्ता हो या विपक्ष उससे जुड़ा जनप्रतिनिधि गंभीर नजर नहीं आ रहा। दरअसल शुक्रवार को आयोजित जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक से सत्ता और विपक्ष दोनों के विधायकों ने दूरी बनाए रखी। गौरतलब है कि जिले में भाजपा के चार और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस का एक विधायक है जिनमें से किसी भी विधायक ने बैठक में शामिल होना उचित नहीं समझा।
यह भी पढ़ें: सतना में बकायादारों पर कार्रवाई, विद्युत विभाग ने 65 लाख बकाया वाले कनेक्शन काटे
दो-दो प्लांट फिर क्यों खरीदी जा रही ऑक्सीजन
दिशा की बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सांसद ने जिला अस्पताल में दो-दो प्लांट के बावजूद ऑक्सीजन खरीदने के मामले में आपत्ति जताते हुए कहा कि जिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट द्वारा तैयार की जा रही ऑक्सीजन का प्रयोग करें। सतना जिले में दो-दो प्लांट ऑक्सीजन के स्थापित हैं फिर बाजार में आक्सीजन क्रय की स्थिति नहीं बननी चाहिए। गौरतलब है कि बीते दिनों स्टार समाचार ने इस मुद्दे को बड़ी प्रमुखता के साथ उठाया था। जनहित के इस मुद्दे को भी सांसद ने बड़ी गंभीरता के साथ लिया। सांसद श्री सिंह ने इस दौरान पेट सीटी स्कैन मशीन और एमआरआई की मशीन की संभावना तलाशते हुए जिला अस्पताल में स्थापित करने की योजना बनाने के निर्देश दिये। आयुष्मान कार्ड निर्माण वयवंदन 70 प्लस योजना में केवल 37 प्रतिशत प्रगति को अत्यंत कम बताते हुए प्रगति लाने के निर्देश दिये।
ठेकेदार ने बंद किया ओवर ब्रिज का काम
बैठक के दौरान मुख्त्यारगंज ओवर ब्रिज का काम कब तक पूरा होगा? इस पर बताया गया कि यह काम मार्च तक पूर्ण कर लिया जाएगा। इस पर सांसद ने कहा कि अभी यह काम क्यों बंद है? तो बताया गया कि ठेकेदार ने पैसा न होने के कारण काम बंद कर दिया है। बताया गया कि भू अर्जन का काम ज्यादा हो गया है इसलिए पैसा कम पड़ गया है।
एयरपोर्ट की लम्बाई बढ़ाने शिफ्ट होगा बाईपास
बैठक के दौरान एयरपोर्ट की लम्बाई बढ़ाने का मामला भी आया जिस पर महापौर योगेश ताम्रकार ने कहा कि लम्बाई बढ़ाने के लिए पर्याप्त जगह है, सीएम ने 1800 मीटर लम्बाई बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इस पर विभागीय अमले द्वारा बताया गया कि बाईपास रोड को शिफ्ट करने का प्रस्ताव भेज दिया गया है।
पुराना पालीटेक्निक और आबकारी विभाग की अनुपयोगी भूमि के पुर्नधनत्वीकरण की योजना
सतना शहर में पुराने पालीटेक्नीक परिसर की अनुपयोगी भूमि और आबकारी विभाग के गोदाम कार्यालय परिसर की भूमि का निर्वतन कर तैयार की गई पुर्नघनत्वीकरण योजना के प्रस्ताव पर चर्चा की गई। मध्यप्रदेश गृह निर्माण मंडल के कार्यपालन यंत्री ने बताया कि म.प्र. शासन की पुर्नघनत्वीकरण नीति के तहत पुराने पालीटेक्नीक परिसर की 8771 वर्ग मीटर भूमि निर्वतन की 76 करोड़ रुपए की योजना बनाई गई थी। इसमें 59 करोड़ 25 लाख रुपए के 112 आवासीय शासकीय भवन, कलेक्ट्रेट के पास 600 सीटर टाउनहाल, मल्टी लेवल पार्किग, लोक निर्माण विभाग का संभागीय कार्यालय और पालीटेक्नीक में 14 क्लास रूम के शासकीय प्रस्तावित कार्य कराये जाने हैं। इसी प्रकार आबकारी विभाग की 5947 वर्ग मीटर भूमि अनुमानित मूल्य 80.88 करोड़ में निर्वतन से प्राप्त राशि से पुराने ओव्हर ब्रिज से जोड़ते हुए मेगामार्ट के सामने से रेल्वे स्टेशन तक ओव्हर ब्रिज का 48.60 करोड़ लागत से निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। इसके अलावा 48.60 करोड़ रुपए की लागत से आबकारी विभाग का आफिस स्टाफ क्वार्टर एवं 3 नये गोदामों का निर्माण कार्य भी प्रस्तावित है। प्रस्ताव राज्य साधिकार समिति की ओर विचार और स्वीकृति के लिए प्रेषित किये गये हैं।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में पुलिस ने 'नशा मुक्ति अभियान 2.0' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एमडी ड्रग्स फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 2 तस्करों को रंगे हाथों दबोचा और करोड़ों के माल के साथ केमिकल जब्त किए।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, हाईटेक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम ई-बस सेवा के तहत सोमवार से शहर में यात्रियों के साथ इलेक्ट्रिक बसों का ट्रायल रन शुरू होने जा रहा है।
दतिया का सियासी पारा इन दिनों चरम पर है। भगवा पार्टी की तरफ से चुनावी रण में उतरीं किन्नर प्रत्याशी संजना सिंह का प्रचार अभियान पूरे प्रदेश में कौतूहल और चर्चा का केंद्र बना हुआ है। दतिया की गलियों में यह सिर्फ एक चुनाव नहीं, बल्कि एक अनोखा लोक-उत्सव जैसा नजारा बन गया है।
मध्यप्रदेश में भले ही सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति का दावा करती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट नजर आ रही है। प्रदेश में भ्रष्टाचार के आरोपियों पर केस चलाने के लिए विभिन्न विभाग अभियोजन की अनुमति देने में आनाकानी कर रहे हैं।
रीवा के एपीएस विश्वविद्यालय में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया में समिति बदलने से विवाद गहरा गया है। पात्रता, दस्तावेजों और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
रीवा में एनएसयूआई ने पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और शिक्षा व्यवस्था के विरोध में भाजपा कार्यालय घेरने का प्रयास किया। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोका और कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।
रीवा में ज्वेलरी दुकान से करीब दो लाख रुपये के जेवर चोरी हो गए। सीसीटीवी में आरोपी कैद हुआ है। वहीं 50 लाख से अधिक की चोरी का खुलासा अब तक नहीं होने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
पन्ना दौरे पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 184 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया। सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि जारी करते हुए मेडिकल कॉलेज, केन-बेतवा परियोजना और समान नागरिक संहिता पर सरकार की प्राथमिकताएं बताईं।
सतना के एक स्पा सेंटर में कर्मचारियों और संचालक के बीच विवाद के बाद आधी रात पुलिस पहुंची। ताला तोड़कर युवतियों को बाहर निकाला गया। शिकायत नहीं मिलने पर पुलिस ने समझाइश देकर मामला शांत कराया।
सतना में नीट पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस और एनएसयूआई ने कलेक्ट्रेट घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस से झड़प, हिरासत, यातायात जाम और थाना वाहन में तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई।