नगर निगम सतना में महापौर-आयुक्त विवाद ने फिर तूल पकड़ा, पुराने ममता पांडेय-प्रतिभा पाल टकराव की यादें ताजा, ज्ञापन से बढ़ी राजनीतिक हलचल।
By: Yogesh Patel
Feb 21, 202612:54 PM
हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
नगर निगम सतना में महापौर और कमिश्नर का विवाद कोई नया नहीं है। भले ही महापौर योगेश ताम्रकार के ज्ञापन ने इन दिनों जिले से लेकर प्रदेश तक सुर्खियां बटोर रखी हों लेकिन नगर निगम का सबसे चर्चित महापौर और कमिश्नर का विवाद पूर्व महापौर ममता पांडेय और पूर्व नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल का रहा है। दोनों के बीच प्रशासनिक स्तर पर कोई पत्राचार तो नहीं हुआ लेकिन दोनों की अदावत ने उस दौर में प्रदेश भर में अपनी सुर्खियां बटोरी थीं।
महापौर का सीधा टकराव
नगर निगम सतना में एक कार्यवाहक समेत भाजपा के पांच महापौर हुए हैं। जिसमें से दो का नगर निगम कमिश्नर से सीधा टकराव हुआ है। इसी कड़ी में हालिया नाम महापौर योगेश ताम्रकार और नगर निगम आयुक्त शेर सिंह मीना का सुमार हो गया है। नगर निगम कमिश्नर को हटाने के लिए महापौर और पार्षदों द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन दिए जाने के बाद मेयर और कमिश्नर की आंतरिक विरोध अब सतह पर आ गया है।
औकात में रहने की दी थी हिदायत
वर्तमान समय में महापौर और कमिश्नर के विवाद के बीच आज से 9 साल पहले तत्कालीन महापौर ममता पांडेय और तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर और वर्तमान रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल का विवाद फिर से चर्चा में आ गया है। गौरतलब है कि नवम्बर 2017 में परिषद की बैठक के दौरान महापौर ममता पांडेय और नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल का सीधा टकराव हो गया था जिसमें महापौर ने कमिश्नर को औकात में रहने की बात कही थी। दरअसल दोनों के बीच भाषाशैली को लेकर विवाद हुआ था।
मेयर और स्पीकर भी रहे आमने-सामने
नगर निगम में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है। यहां तो भाजपा के महापौर और नगर निगम अध्यक्ष के बीच हमेशा से 36 का आंकड़ा रहा है। नगर निगम सतना में भले ही पिछले कई वर्षों से भाजपा के ही महापौर और स्पीकर होते रहे हों लेकिन शासकीय नुमाइंदे और निगम के भाजपा से निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के बीच आपस में अहम की लड़ाई अक्सर सार्वजनिक होती रही है। मौजूदा कार्यकाल में भले ही महापौर योगेश ताम्रकार और स्पीकर राजेश चतुर्वेदी पालन कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे हों लेकिन ममता पांडेय के समय में उनका उस समय की स्पीकर अनिल जायसवाल, विमला पांडेय के समय उस समय के स्पीकर सुधाकर चतुर्वेदी एवं डॉ. बीएल यादव के कार्यकाल के दौरान सुधीर सिंह तोमर के बीच हमेशा 36 का आंकड़ा रहा है।
पिछले दो दिनों से चर्चा में ‘ज्ञापन’
नगर निगम कमिश्नर को हटाने के लिए महापौर के नेतृत्व में पार्षदों द्वारा कलेक्टर को दिया गया ज्ञापन पिछले दो दिनों से शहर व नगर निगम में चर्चा का विषय बना हुआ है। हर सख्श इस ज्ञापन के पीछे की कहानी तलाशने में जुटा है। भले ही ज्ञापन में पिछले 6 महीनों से विकास कार्यों की फाइल कमिश्नर द्वारा रोकने का आरोप लगाया जा रहा हो लेकिन लोग इसके पीछे कोई और वजह मान रहे हैं। लोगों का मानना है कि अब तक के कार्यकाल में पिछले लगभग दो सालों से मौजूदा कमिश्नर ही हैं, जिनके कार्यकाल में शहर में विकास की गाथा लिखने का पिछले कुछ दिनों पहले ही दावा किया गया था तो अब ऐसा क्या हो गया कि उन्हें हटाने के लिए कलेक्टर को ज्ञापन तक देना पड़ा।