रीवा के पद्मधर पार्क में आयोजित श्रीयुत शताब्दी समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उपस्थिति ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को विंध्य की पुरानी गौरवगाथा की याद दिला दी। स्व. श्रीनिवास तिवारी और दिग्विजय सिंह की जोड़ी कभी विंध्य की राजनीति का पर्याय मानी जाती थी, जिसे कार्यकर्ताओं ने एक बार फिर भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

हाइलाइट्स:
सतना, स्टार समाचार वेब
पद्मधर पार्क रीवा में आयोजित शताब्दी समारोह कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के दिग्गज नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए जहां पूर्व विधानसभा अध्यक्ष स्व. श्रीनिवास तिवारी को गरीब, शोषित, पीड़ित वर्ग का मसीहा बताया। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण रहे। कार्यक्रम में कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमर सिंघार, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल, रामेश्वर नीखरा समेत प्रदेश व विन्ध्य के कई बड़े नेता मौजूद रहे। इस दौरान कार्यक्रम में आए कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने कहा कि जिस जोश से शताब्दी समारोह कार्यक्रम में आए हैं, उसी ताकत से अपने-अपने क्षेत्र में जुटकर कार्य करें ताकि कांग्रेस जमीनी स्तर तक सशक्त हो सके।
कभी विंध्य की राजनीति में स्व. श्रीनिवास तिवारी ‘श्रीयुत’ और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ‘दिग्गी राजा’ की जोड़ी का ऐसा जलवा था कि कांग्रेस की सियासत इन्हीं के इर्द-गिर्द केंद्रित मानी जाती थी। बुधवार को रीवा में आयोजित स्व. श्रीनिवास तिवारी की प्रतिमा अनावरण कार्यक्रम में जब राज्यसभा सांसद व पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह पहुंचे, तो यह जोड़ी एक बार फिर कार्यकर्ताओं की यादों में ताजा हो गई। कार्यक्रम में शामिल होने रीवा पहुंचे दिग्विजय सिंह का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ं ने जिस उत्साह और आत्मीयता से स्वागत किया, उसने साफ संकेत दिया कि पार्टी कार्यकर्ताओं के दिलों में आज भी उनका गहरा असर बरकरार है। रीवा से लेकर सतना तक रास्ते में कार्यकर्ताओं का जोश देखने लायक था। यह वही गर्मजोशी थी, जिसने वर्षों पहले कांग्रेस को विंध्य में मजबूत नींव दी थी। राजनीतिक इतिहास गवाह है कि जब दिग्विजय सिंह मुख्यमंत्री थे और श्रीनिवास तिवारी विधानसभा अध्यक्ष, तब उनकी आपसी समझदारी और आदरयुक्त रिश्तों ने विंध्य ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में कांग्रेस को सशक्त आधार प्रदान किया। दिग्विजय सिंह अक्सर विनम्रता से कहते थे कि मुख्यमंत्री प्रदेश का मैं हूं, लेकिन रीवा का मुख्यमंत्री तो श्रीयुत ही हैं। यह वाक्य उस दौर की राजनीतिक मर्यादा और परस्पर सम्मान का प्रमाण था। बुधवार का आयोजन केवल प्रतिमा अनावरण नहीं था, बल्कि यह विंध्य कांग्रेस की गौरवशाली परंपरा को स्मरण करने का अवसर भी था।
सतना, सीधी, सिंगरौली समेत आसपास के जिलों से पहुंचे कार्यकर्ताओं ने दिग्विजय सिंह के स्वागत में जो उत्साह दिखाया, उसने स्पष्ट कर दिया कि आज भी उनकी सहजता, राजनीतिक चातुर्य और कार्यकर्ताओं से जुड़ाव जीवित है। भले ही कांग्रेस इस समय सत्ता की ड्योढ़ी तक पहुंचने के लिए संघर्षरत हो, लेकिन श्रीयुत-दिग्गी की विलक्षण जोड़ी की स्मृतियां कार्यकर्ताओं ं के मनोबल को संजीवनी देती हैं। इस जोड़ी ने ही कांग्रेस को विंध्य की राजनीति में पहचान और मजबूती दी थी, जिसकी गूंज बुधवार को रीवा की धरती पर फिर से सुनाई दी।
सहजता ऐसी कि मंच में नहीं बैठे
बेशक राजनीतिक हल्कों में दिग्विजय सिंह को राजा साहब कहा जाता है लेकिन पूरे आयोजन के दौरान जैसी सहजता पूर्व मुख्यमंत्री ने दिखाई वह विंध्य के कांग्रेसियों को अभिभूत कर गई। रीवा स्थित पदमधर पार्क में आयोजित सभा में शामिल होने पहुंचे पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह मंच में बैठने की बजाय जनता के बीच बैठने में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई। जैसे ही अपने बीच पूर्व सीएम को विंध्य के कांग्रेसियों ने पाया वे सभी सम्मान में उठ खड़े हुए। हालांकि दिग्विजय सिंह ने वहीं रखी साधारण कुर्सी में अपना आसन जमाया और ठीक बगल में बैठे पूर्व सांसद रामेश्वर नीखरा के साथ गपसप करने लगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान वे वहीं बैठे रहे और जब उन्हें सम्बोधन के लिए बुलाया गया तो वे मंच पर तो गए लेकिन कुर्सी पर न बैठ कर स्टेज में अपना सम्बोधन देकर विंध्य के कांग्रेसियों को प्रेरित किया।
सतना से गया 50 से अधिक वाहनों का काफिला
श्रीयुत के प्रतिमा अनावरण समारोह में सिरकत करने सतना के कांग्रेसियों का जत्था भी रीवा पहुंचा। विधायक व जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा डब्बू के अलावा भारी संख्या में वरिष्ठ व युवा कांग्रेसी कार्यक्रम में शामिल होने 50 से अधिक वाहनों का काफिल लेकर पहुंचे। कांग्रेसियों के बीच सबसे बड़े आकर्षण पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह थे जो लम्बे अर्से बाद विंध्य की धरती में आयोजित किसी बडेÞ राजनीतिक आयोजन में शामिल होने आए थे। इस दौरान सईद अहमद, आरिफ इकबाल सिददीकी, संगठन मंत्री प्रदीप समदरिया,उर्मिला त्रिपाठी, सुनील मिश्रा, रमेश द्विवेदी, कांग्रेस सेवा दल बरमेन्द्र सिंह, पंकज कुशवाहा, यूथ कांग्रेस अध्यक्ष वरुण गुर्जर, अमित अवस्थी, गुडडू सिंह परसवारा, बालेश त्रिपाठी, मनमोहन कुशवाहा, विक्रांत त्रिपाठी, सिद्धार्थ सिंह सिद्धू, अजय पटेल, सुखविंदर सिंह,
पार्टी की बात पर एक थे दाऊ साहब व श्रीयुत
श्रीयुत शताब्दी समारोह कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह राहुल ने कहा कि बहुत लोगों को यह नहीं मालूम होगा कि दाऊ साहब और श्रीनिवास तिवारी के संबंध कैसे थे। उन्होंने कहा कि उनके बीच में वैचारिक मतभेद जरूर रहा होगा लेकिन जब कांग्रेस की बात आती थी तो दोनों एक हो जाते थे। किसी को पता ही नहीं चलता था और बातचीत करके सब फाइनल कर लेते थे। उन्होंने कहा कि विंध्य समाजवाद का गढ़ था, इन्हीं नेताओं ने विंध्य को बनाया था। श्री सिंह ने कहा कि बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि इस विरासत को हम सम्हाल नहीं पाए। 2028 में भाजपा को राज करते हुए 25 साल हो जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को आह्वान किया कि इस बार कमर कस लें कि कांग्रेस की सरकार बनानी है। कांग्रेस की सरकार बनेगी तो कम से कम यह संतोष तो होगा कि किसानों को लाठियां नहीं खानी पड़ेंगी।
उन्होंने कहा कि यहां पूंजीपतियों का राज है। मुम्बई में अदाणी कंपनी को कचरा उठाने का ठेका दिया गया है। 1700 करोड़ रुपए कचरा हटाने का काम दिया गया है। कचरा हटाने के बाद जो जमीन खाली होगी वह भी दी जाएगी। यही हाल रीवा में भी हो रहा है। यदि देश और प्रदेश को बचाना है तो सभी को अभी से तैयारी करनी होगी।
कांग्रेस को एक मंच देने मनाते थे जन्म दिवस
श्रीयुत शताब्दी समारोह की आयोजक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी की पुत्रवधु डॉ. अरुणा तिवारी ने कहा कि बब्बा जी अपना जन्म दिन कांग्रेस के नेता एवं कार्यकर्ताओं को एक मंच देने के लिए मनाया करते थे। उन्होंने कहा कि मुो याद है कि वह अपने जन्मदिन के अवसर पर लोगों की समस्याओं से भी रूबरू होकर उसका निराकरण करते थे। डॉ. श्रीमती तिवारी ने कहा कि दादा श्रीयुत सर्वहारा वर्ग के नेता थे, जब वह चुनाव हार गए थे उसके बाद भी उनसे मिलने वालों की लम्बी भीड़ देखी जाती थी। डॉ. तिवारी ने कहा कि हम सबको उनके बताए हुए रास्ते पर चलने की आवश्यकता है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने स्व. श्री तिवारी की पुत्रवधु एवं कांग्रेस नेत्री डॉ. अरुणा तिवारी को इस बड़े आयोजन के लिए आशीर्वाद दिया।

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