सिंगरौली के दुधमनियां गांव में 24 घंटे में मात्र चार घंटे बिजली मिल रही है, जिससे खेती, बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीण जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
By: Star News
Jan 07, 20264:17 PM
हाइलाइट्स:
सिंगरौली, स्टार समाचार वेब
तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत दुधमनियां में बिजली की भारी किल्लत ने ग्रामीणों का जीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हालात ऐसे है कि गांव के लोग आज भी अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। दुधमनियां गांव सहित आसपास के कई क्षेत्रों को एग्रीकल्चर एजी फीडर से जोड़ दिया गया है,जिसमें कागजों पर 10 घंटे बिजली देने का प्रावधान तो किया है । लेकिन जमीनी हकीकत इससे बदतर है। ग्रामीणों के अनुसार सुबह 10 बजे बिजली दी जाती है जो की मात्र 2 घंटे बाद 12 बजे बिजली गुल हो जाता है। फिर बिजली आती है 4 बजे तक काट दिया जाता है। शाम ढलते ही गांव अंधेले में डूब जाता है। रात करीबन 1 बजे आता है। फिर 2 घंटे बाद काट दिया जाता है।
इस अव्यवस्थित आपूर्ति से किसानों की खेती चौपट हो रही है । किसान सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जिससे फसल सूखने की कगार पर है। वहीं बच्चों की पढाई प्रभावित हो रही है।
यह भी पढ़ें: दुष्कर्म आरोपी 24 घंटे में गिरफ्तार, नागौद पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बढ़ा भरोसा
किसानों की नहीं हो पा रही खेत की सिंचाई
ग्रामीणों का कहना है की यदि बिजली की समय सारणी में थोड़ा सा बदलाव कर सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक नियमित बिजली दी जाए, तो समस्या से छुटकारा मिल सकता है। दिन में किसान सिंचाई कर लेते व रात में 6 बजे से 10 बजे तक बच्चों की पढाई हो जाऐगी । जिससे फसल के साथ साथ-साथ बच्चों की पढाई व भविष्य सुरक्षित हो सकेगा। दुधमनियां के ग्रामीणों ने प्रशासन व बिजली बिभाग से मांग की है कि इस गंभीर समस्या को जल्द से जल्द संज्ञान में लेकर व्यवस्था में सुधार किया जाए।
यह भी पढ़ें: अवैध खनन उजागर, जांच टीम की दबिश में हाइवा और चैन माउंटेन जब्त
सरकार बड़े बड़े दावे करती है कि किसानों को 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन हकीकत यह है की आज भी हम ग्रामीण अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। अनियमित आपूर्ति से खेती किसानी प्रभावित हो रही है, साथ में बच्चों का पढाई भी चौपट हो रही है। सरकार से स्पष्ट मांग है की हमें बिजली की सुविधा से वंचित न किया जाए और क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति तत्काल बहाल करें।
अरविंद साकेत, स्थानीय समाजसेवी
हम लोग लगातार बिजली की किल्लत से परेशान हैं। जिससे शासन प्रशासन को गंभीरता से ध्यान देने की जरूरत है।
रामधनी राठिया, ग्रामीण
गांव में बिजली की गंभीर समस्या बनी हुई है । बिजली कभी कभार आता है और थोड़ी देर बाद बिजली गुल हो जाती है। हमारे गांव में 5 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है और पूरे महीने भर का बिजली का बिल थमा दिया जाता है। अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए। 24 घंटे संभव नहीं है तो 20 घंटे ही दिया जाए।
रामयज्ञ साकेत, ग्रामीण