खंडवा में बीजेपी नेता और ठेकेदार जीतू चौधरी ने जहर खाकर आत्महत्या की। मरने से पहले कांग्रेस नेता पर सूदखोरी और प्रताड़ना के आरोप लगाए। पुलिस मामले की जांच में जुटी।
खंडवा जिले में मंगलवार को एक प्रसूता ने 108 एंबुलेंस में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया।
मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के पुनासा में सर्राफा व्यापारी से 2 करोड़ की लूट हो गई। बदमाशों ज्वैलर्स संचालक से मारपीट कर 900 ग्राम सोना और 80 किलो चांदी लेकर बदमाश रफूचक्कर हो गए। इस वारदात की भनक लगते ही पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया।
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले को मिले राष्ट्रीय जल पुरस्कार पर विवाद। कांग्रेस ने AI तस्वीरों से भ्रष्टाचार का आरोप लगाया, जबकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पुरस्कार का आधार वास्तविक कार्य और पोर्टल डेटा है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी ने बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। पटवारी ने दावा किया है कि खंडवा जिला प्रशासन ने एआई से बनी तस्वीरों का इस्तेमाल करके राष्ट्रीय जल संरक्षण पुरस्कार जीता है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए खंडवा जिला पंचायत के सीईओ नागार्जुन बी गौड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा।
खंडवा-इंदौर रोड स्थित मोरटक्का पुल पर देर रात राखड़ लोड हाईवा ने दो कारों को टक्कर मारी। टक्कर इतनी तेज थी कि एक कार उछलकर रेलिंग तोड़ते हुए 50 फीट नीचे नर्मदा नदी में जा गिरी। वहां मौजूद मछुआरों ने कार ड्राइवर को सुरक्षित बाहर निकाला। हाईवा का अगला हिस्सा पुल से लटक गया।
खंडवा पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नकली नोट छापने वाले अंतरजिला गिरोह का पर्दाफाश किया। गिरोह के मास्टरमाइंड डॉ. प्रतीक नवलखे समेत तीन आरोपी भोपाल से गिरफ्तार किए गए। जब्त सामग्री में ₹25 हजार के नकली नोट, लैपटॉप और नोट छापने के उपकरण शामिल हैं।
धार की रुखसार ने निकाह ठुकराकर स्वेच्छा से सनातन धर्म अपनाया और वंशिका नाम रखा। उन्होंने खंडवा के विशाल राजपूत से विवाह कर कहा- हिंदू धर्म में नारी का सम्मान होता है। जानें पूरी कहानी।
खंडवा में युवती से बातचीत के विवाद में एक युवक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी (हिस्ट्रीशीटर गोपी यादव) और एक नाबालिग को 24 घंटे में पकड़ा। एसपी मनोज कुमार राय ने मामले का खुलासा किया।
नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने खंडवा मदरसे से नकली नोट बरामद होने पर चिंता जताई और राज्य के मदरसों की गतिविधियों की निगरानी के लिए नई नीति बनाने की मांग की।






















