डोनाल्ड ट्रम्प ने टैरिफ केस हारने के बाद अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को 'विदेशी एजेंट' करार दिया। भारतीय मूल के वकील नील कात्याल पर 'स्लाइमबॉल्स' जैसी टिप्पणी की और नए 10% टैरिफ का ऐलान किया।

वाशिंगटन। स्टार समाचार वेब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके 'ग्लोबल टैरिफ' को अवैध घोषित किए जाने के बाद न्यायपालिका पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। 6-3 के बहुमत से मिली इस करारी हार के बाद ट्रम्प ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में न केवल कोर्ट को "विदेशी हितों से प्रभावित" बताया, बल्कि मामले की पैरवी करने वाले भारतीय मूल के प्रमुख वकीलों और कंपनियों के खिलाफ भी अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने ऐतिहासिक फैसले में ट्रम्प के 'लिबरेशन डे' टैरिफ को असंवैधानिक करार दिया। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने स्पष्ट किया कि टैरिफ एक प्रकार का टैक्स है और संविधान के अनुसार इसे लगाने का अधिकार केवल कांग्रेस (संसद) को है, राष्ट्रपति को नहीं। इस फैसले में ट्रम्प द्वारा ही नियुक्त किए गए दो जजों- नील गॉर्सच और एमी कोनी बैरेट- ने भी बहुमत के पक्ष में मतदान कर राष्ट्रपति को बड़ा कानूनी झटका दिया।
ट्रम्प ने विशेष रूप से भारतीय मूल के वरिष्ठ वकील नील कात्याल और प्रतीक शाह को निशाने पर लिया। कात्याल ने उन छोटे व्यवसायों और कंपनियों की पैरवी की थी जो ट्रम्प के टैरिफ के कारण दिवालिया होने की कगार पर पहुँच गई थीं। ट्रम्प ने कात्याल को 'अन-अमेरिकन स्लाइम बॉल्स' और 'मेजर स्लेजबैग्स' जैसे शब्दों से संबोधित किया। शिकागो स्थित 'लर्निंग रिसोर्सेज' और 'हैंड2माइंड' जैसी कंपनियों का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने आरोप लगाया कि ये कंपनियां भारतीय कंपनियों (जैसे फनस्कूल और लाइटहाउस लर्निंग) के हितों के लिए काम कर रही हैं। इन कंपनियों ने कोर्ट में दलील दी थी कि टैरिफ की वजह से उन्हें करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ है।
ट्रम्प ने फैसले को 'रिडिकुलस' और राष्ट्र के लिए 'शर्मनाक' बताया। उन्होंने बिना किसी सबूत के दावा किया कि विदेशी ताकतें जजों को डराकर या दोस्ती के जरिए प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने जजों को 'रैडिकल लेफ्ट के लैपडॉग्स' कहा और संविधान के प्रति उनकी वफादारी पर सवाल उठाए।
इस हार को 'अपनी ताकत बढ़ाने वाला' बताते हुए ट्रम्प ने हार मानने के बजाय एक नई चुनौती पेश की है। उन्होंने आगामी मंगलवार से नए 10% ग्लोबल टैरिफ की घोषणा कर दी है। ट्रम्प ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो विदेशी कंपनियां और उनके हितैषी अभी खुश हो रहे हैं, वे ज्यादा दिन खुश नहीं रहेंगे। दूसरी ओर, नील कात्याल ने जवाब देते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 250 सालों से अमेरिकी मूल्यों की रक्षा की है और यह राष्ट्रपति की शक्तियों के पृथक्करण (Separation of Powers) का मामला है।

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
नेपाल-तिब्बत बॉर्डर के पास चोचेन और पुरेपु सांगपो नदी के संगम पर बनी झील फटने से बाढ़ का खतरा मंडरा गया है। भारत समेत दोनों देशों में अब तक 552 लोगों की मौत और 1500 से अधिक लापता हैं।
नेपाल में चीन बॉर्डर के पास भीषण बाढ़ से भारी तबाही हुई है। सैकड़ों लोगों की मौत और लापता होने के बाद नेपाल ने घरेलू एजेंसियों पर भरोसा जताते हुए विदेशी रेस्क्यू टीमों के ऑफर्स ठुकरा दिए हैं।
एक अमेरिकी संघीय न्यायाधीश ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को लागू करने की कोशिशों पर दो हफ्ते के लिए अस्थायी रोक लगा दी है, जो डाक मतदान को सीमित करता है। यह रोक ऐसे समय में लगाई गई है, जब मध्यावधि चुनावों के लिए पहला डाक बैलेट भेजे जाने में महज एक हफ्ता बचा है।
नेपाल में इस हफ्ते की शुरुआत में आई भयानक फ्लैश फ्लड से मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 तक पहुंच गई है। नेपाल पुलिस ने इस भारी त्रासदी में जान गंवाने वालों के आधिकारिक आंकड़ों की पुष्टि की। चीन ने पुष्टि की है कि तिब्बत की ओर तीन लोगों की मौत हुई है, जिससे इस आपदा में जान गंवाने वालों की कुल संख्या 472 हो गई है।
भारत और चीन के बीच बीजिंग में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वांग यी की 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता संपन्न। सीमा विवाद, कैलाश मानसरोवर यात्रा, व्यापार और एलएसी प्रबंधन पर हुए अहम फैसले।
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलमार्ग के प्रबंधन और आय के बंटवारे को लेकर समझौता हो गया है। जानिए क्या हैं इसके नियम और क्यों अमेरिका ने दी है चेतावनी।
नेपाल और तिब्बत में अचानक आई बाढ़ से भारी तबाही, 22 की मौत और कई भारतीय लापता। भारत सरकार ने यूपी-बिहार में हाई अलर्ट जारी किया, गंडक बैराज के सभी गेट खुले और वायुसेना राहत कार्य के लिए तैयार।
न्यूयार्क के मेयर जोहरान ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम का विरोध किया है। जानें इस विवाद और उनके बयानों से जुड़ी पूरी जानकारी।
नेपाल में तिब्बत की सीमा से लगे इलाके में अचानक आई जबरदस्त बाढ़ ने कई गांवों और प्रोजेक्ट साइट्स को तबाह दिया और 28 पुलिसकर्मी तापता हैं। अधिकारियों ने भारी जान-माल के नुकसान की आशंका जताते हुए नदी के किनारे रहने वाले लोगों से ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की।
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आज बुधवार की सुबह एक भयानक हादसा हो गया। एक अस्पताल में आग लगने से करीब 15 बच्चों की मौत हो गई। यह हादसा पाकिस्तान इंस्टीट्यूट आफ मेडिकल साइंसेज के गायनेकोलॉजी वार्ड में हुआ।