उमरिया जिले के पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक माह से टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। गंभीर चोट या घाव के बाद मरीजों को इलाज से वंचित कर बाहर मेडिकल दुकानों से दवा खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बीएमओ का लापरवाह बयान स्वास्थ्य तंत्र की संवेदनहीनता को उजागर करता है। ग्रामीणों ने सरकार और अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और तुरंत दवा उपलब्ध कराने की मांग की।

हाइलाइट्स
उमरिया, स्टार समाचार वेब
जिले के पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य सेवाओं की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है। केंद्र में बीते एक माह से टिटनेस का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। हालात यह हैं कि गंभीर परिस्थिति में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को अस्पताल से वापस लौटा दिया जाता है और उन्हें बाहर मेडिकल दुकानों से इंजेक्शन खरीदने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सवाल यह है कि आखिर सरकार और अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खामियाजा कब तक आम लोग अपनी जान जोखिम में डालकर भुगतते रहेंगे। टिटनेस का इंजेक्शन किसी भी छोटे-बड़े कट या चोट लगने की स्थिति में बेहद जरूरी माना जाता है। ग्रामीण इलाकों में यह इंजेक्शन जीवनरक्षक साबित होता है, क्योंकि समय पर इसकी डोज नहीं मिलने पर मरीज को गंभीर संक्रमण या मृत्यु तक का खतरा रहता है। इसके बावजूद पाली सीएचसी में बीते 30 दिनों से इसकी अनुपलब्धता मरीजों और परिजनों को परेशान कर रही है। अस्पताल से इलाज कराने आए मरीजों को साफ शब्दों में कह दिया जाता है कि इंजेक्शन बाहर से खरीदना पड़ेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन चुका है। जब इस संबंध में पाली बीएमओ पुट्टू लाल सागर से बात की गई तो उनका जवाब और भी हैरान करने वाला रहा।
उन्होंने कहा की टिटनेस का इंजेक्शन जिला से जितना मिलता है उतना चल जाता है, फिर स्वतः खत्म हो जाता है। यह कोई बड़ी बात नहीं है। सरकार जितना देती है उतना मिल जाता है, उसमें ना हम खरीद सकते हैं और ना ज्यादा मांग सकते हैं।
बीएमओ का यह बयान स्पष्ट करता है कि अस्पताल प्रबंधन मरीजों की जरूरतों को लेकर गंभीर नहीं है। एक जीवनरक्षक दवा की कमी को कोई बड़ी बात नहीं कहकर टाल देना, सरकारी स्वास्थ्य तंत्र की संवेदनहीनता की बानगी है। स्वास्थ्य विभाग हर साल करोड़ों रुपए के बजट का दावा करता है। कागजों में योजनाओं और घोषणाओं की लंबी सूची होती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। यदि जिला स्तर पर पर्याप्त मात्रा में टिटनेस का इंजेक्शन नहीं भेजा जा रहा, तो यह सरकार की सीधी नाकामी है। वहीं, अस्पताल प्रबंधन भी सिर्फ हाथ पर हाथ धरे बैठा है। यदि मरीजों को इलाज के लिए जरूरी दवा उपलब्ध नहीं हो रही, तो क्या अस्पताल का दायित्व सिर्फ हृजितना मिलता है उतना बांट दो" तक ही सीमित रह गया है ? नगरवासियों का कहना है कि जब भी कोई हादसा होता है और घाव पर टिटनेस लगवाने की जरूरत पड़ती है, तो अस्पताल की कमी के कारण उन्हें निजी दुकानों पर भागना पड़ता है। कई बार रात के समय दवा दुकानों के बंद होने से और भी खतरनाक स्थिति बन जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब सरकार की लापरवाही और स्वास्थ्य विभाग की ढीली कार्यप्रणाली का नतीजा है। पाली सीएचसी में टिटनेस का इंजेक्शन न मिलना केवल एक दवा की कमी नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की असलियत का आईना है। यह मामला सिर्फ प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ है। सरकार और अस्पताल प्रबंधन को तुरंत संज्ञान लेकर दवा की सप्लाई सुनिश्चित करनी चाहिए, वरना इस तरह की अनदेखी कभी भी किसी की जान ले सकती है।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के जगला गांव का दौरा किया। उन्होंने कुपोषण और मलेरिया से जान गंवाने वाले आदिवासी बच्चों के परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना।
मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2028 में होने हैं। चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक का समय बाकी है, लेकिन कांग्रेस अभी से तैयारी में जुट गई है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक पखवाड़े के भीतर दूसरी बार मध्य प्रदेश आ रहे हैं। वह आज बालाघाट के बैहर विकासखंड के जागला गांव में कुपोषण, मलेरिया और खसरा से प्रभावित बैगा आदिवासी बच्चों के परिजनों से मुलाकात करेंगे।
विश्व प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नए पर्यटन सत्र का गुरुवार को उत्साहपूर्ण आगाज हुआ। पर्यटन सत्र के पहले दिन ताला, मगधी और खितौली गेट को आकर्षक ढंग से सजाया गया। पार्क प्रबंधन और वन विभाग के अधिकारियों ने पर्यटकों का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया।
मध्य प्रदेश बीजेपी के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव और सह प्रभारी रेखा वर्मा भोपाल पहुंच गए हैं। पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं ने गुफा मंदिर में दर्शन किए और बीजेपी कार्यालय में सीएम मोहन यादव के साथ महत्वपूर्ण बैठक शुरू की।
सहारा सोसायटी के 45,719 करोड़ रुपए के घोटाले में 4 साल से फरार चेयरमैन खालिद चौधरी को ग्वालियर पुलिस ने लखनऊ से गिरफ्तार किया। उपभोक्ता आयोग में पेशी के बाद मिली जमानत।
मध्य प्रदेश में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन। भोपाल, बैतूल, खरगोन और इंदौर सहित कई जिलों में पुतला दहन, वाटर कैनन का उपयोग और कलेक्ट्रेट घेराव की पूरी खबर।
मध्यप्रदेश डिंडोरी जिले के जनपद पंचायत मेंहदवानी अंतर्गत ग्राम पंचायत सारंगपुर के पोषक गांव कनेरी में बुधवार की सुबह ग्रामीणों और स्कूली छात्र-छात्राओं के सब्र का बांध टूट गया। पक्की सड़क की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने मेंहदवानी-शहपुरा स्टेट हाईवे पर चक्का जाम कर दिया।
मध्यप्रदेश भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देव और सह-प्रभारी रेखा वर्मा अपने पहले आधिकारिक दौरे पर भोपाल पहुंचे। राजा भोज एयरपोर्ट पर पार्टी के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष व खजुराहो सांसद वीडी शर्मा ने दोनों वरिष्ठ नेताओं का आत्मीय स्वागत किया।
सतना जिला अस्पताल की छत पर नई कैंटीन शुरू, स्टाफ और मरीजों के परिजनों को दिन-रात खाद्य सामग्री मिलेगी। एनक्वास मानकों के तहत सुविधा शुरू हुई, सुरक्षा और अग्निशमन व्यवस्था पर भी रहेगा विशेष ध्यान।