यूपी के अयोध्या में तैनात डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समर्थन में इस्तीफा दिया। शंकराचार्य की टिप्पणियों से आहत अधिकारी ने इसे अपनी अंतरात्मा की आवाज बताया। पूरी खबर पढ़ें।
By: Star News
Jan 27, 20265:09 PM
अयोध्या: स्टार समाचार वेब
उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक हलकों में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट के बाद अब अयोध्या में तैनात राज्यकर विभाग के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रशांत कुमार सिंह ने यह कड़ा कदम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और शीर्ष नेतृत्व के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त करते हुए उठाया है।
इस्तीफे के बाद प्रशांत कुमार सिंह काफी भावुक नजर आए। अपनी पत्नी से फोन पर बात करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े। उन्होंने रुंधे हुए गले से कहा, "मैंने इस्तीफा दे दिया है, अब और बर्दाश्त करना मेरे बस में नहीं था। जिसका नमक खाया है, उसका हक अदा करना जरूरी है।" उन्होंने बताया कि वे पिछले दो दिनों से सो नहीं पाए थे और काफी मानसिक तनाव में थे।
राज्यपाल को भेजे गए अपने दो पन्नों के त्यागपत्र में प्रशांत कुमार सिंह ने ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के हालिया बयानों को आधार बनाया है। उन्होंने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ की गई अभद्र टिप्पणियां केवल व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और संविधान का अपमान हैं।
प्रशांत कुमार सिंह ने अपने पत्र में स्पष्ट किया कि एक अधिकारी होने के साथ-साथ वे एक जागरूक नागरिक और पिता भी हैं। उन्होंने लिखा "मेरा राजकीय धर्म केवल राजस्व जुटाना नहीं, बल्कि उस नेतृत्व के सम्मान की रक्षा करना भी है जिसके तहत मैं कार्य करता हूं। मैं केवल एक वेतनभोगी रोबोट की तरह चुप रहकर अपमान नहीं सह सकता।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह के बयान समाज में जातिवाद का जहर घोलने और सामाजिक ताने-बाने को तोड़ने का प्रयास हैं।
2023 से अयोध्या में तैनात प्रशांत कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस्तीफा स्वीकार नहीं होता, वे अपना कार्य पूरी निष्ठा से करेंगे। पद छोड़ने के बाद उन्होंने किसी राजनीतिक लाभ की इच्छा से इनकार करते हुए कहा कि वे अपने निजी संसाधनों से सामाजिक कार्यों में योगदान देंगे ताकि उनकी बेटियां देख सकें कि उनके पिता सही के साथ खड़े होने से कभी पीछे नहीं हटे।