×

12 जुलाई: विश्व पेपर बैग दिवस - पर्यावरण संरक्षण का एक महत्वपूर्ण कदम

12 जुलाई को मनाए जाने वाले विश्व पेपर बैग दिवस के महत्व को समझें। जानें कैसे पेपर बैग प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने और हमारे पर्यावरण को बचाने में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इस आंदोलन में शामिल हों और एक हरित भविष्य के लिए अपना योगदान दें।

By: Ajay Tiwari

Jul 06, 20254:51 PM

view39

view0

12 जुलाई: विश्व पेपर बैग दिवस - पर्यावरण संरक्षण का एक महत्वपूर्ण कदम

स्टार समाचार वेब. फीचर डेस्क

हर साल 12 जुलाई को विश्व पेपर बैग दिवस मनाया जाता है। यह दिवस हमें प्लास्टिक के बजाय कागज के बैग के इस्तेमाल के महत्व को याद दिलाता है। इसका मुख्य उद्देश्य प्लास्टिक प्रदूषण को कम करना और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन इस बात पर जोर देता है कि कैसे एक छोटा सा बदलाव, जैसे कि प्लास्टिक बैग की जगह पेपर बैग का इस्तेमाल करना, हमारे ग्रह पर बड़ा सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।

क्यों महत्वपूर्ण है पेपर बैग?

पेपर बैग कई कारणों से प्लास्टिक बैग से बेहतर विकल्प हैं:

  • पर्यावरण के अनुकूल: पेपर बैग बायोडिग्रेडेबल होते हैं, जिसका अर्थ है कि वे स्वाभाविक रूप से विघटित हो जाते हैं और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाते। वहीं, प्लास्टिक बैग को विघटित होने में सैकड़ों साल लग जाते हैं।

  • पुनर्चक्रण योग्य: कागज के बैग को आसानी से पुनर्चक्रित (recycle) किया जा सकता है, जिससे नए उत्पादों के निर्माण के लिए कच्चे माल की आवश्यकता कम होती है और कचरे में कमी आती है।

  • नवीकरणीय स्रोत: पेपर बैग लकड़ी से बनते हैं, जो एक नवीकरणीय संसाधन है। टिकाऊ वन प्रबंधन के साथ, पेड़ों को फिर से उगाया जा सकता है।

  • कम प्रदूषण: प्लास्टिक के उत्पादन में अधिक ऊर्जा और जीवाश्म ईंधन का उपयोग होता है, जिससे ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है। पेपर बैग के उत्पादन में अपेक्षाकृत कम प्रदूषण होता है।

  • महासागरों के लिए बेहतर: प्लास्टिक बैग अक्सर नदियों और महासागरों में पहुँच जाते हैं, जिससे समुद्री जीवन को गंभीर खतरा होता है। पेपर बैग समुद्री जीवों के लिए कम हानिकारक होते हैं।

प्लास्टिक प्रदूषण की भयावहता

आज प्लास्टिक प्रदूषण एक वैश्विक संकट बन गया है। प्लास्टिक बैग सड़कों, जल निकायों और landfills में जमा हो रहे हैं, जिससे हमारी धरती और महासागरों का दम घुट रहा है। ये बैग छोटे-छोटे टुकड़ों में टूटकर माइक्रोप्लास्टिक्स बन जाते हैं, जो खाद्य श्रृंखला में प्रवेश कर मानव स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकते हैं। विश्व पेपर बैग दिवस हमें इस गंभीर समस्या की याद दिलाता है और हमें इसके समाधान का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करता है।

इतिहास और प्रेरणा

विश्व पेपर बैग दिवस 1852 में फ्रांसिस वोले (Francis Wolle) द्वारा पहली पेपर बैग बनाने वाली मशीन के पेटेंट को चिह्नित करता है। यह आविष्कार पेपर बैग के बड़े पैमाने पर उत्पादन का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे वे प्लास्टिक के आगमन से पहले एक लोकप्रिय विकल्प बन गए। हालांकि प्लास्टिक ने बाद में बाजार पर कब्जा कर लिया, लेकिन पर्यावरण चिंताओं के कारण अब दुनिया भर में पेपर बैग की ओर वापसी हो रही है।

आप क्या कर सकते हैं?

विश्व पेपर बैग दिवस के अवसर पर हम सभी कुछ सरल कदम उठाकर इस आंदोलन में शामिल हो सकते हैं:

  • प्लास्टिक बैग का उपयोग बंद करें: खरीदारी करते समय हमेशा अपने साथ कपड़े का थैला या पेपर बैग ले जाएं।

  • पुन: उपयोग करें: अगर आपके पास पेपर बैग है, तो उसे फेंकने के बजाय बार-बार इस्तेमाल करें।

  • जागरूकता फैलाएं: अपने परिवार, दोस्तों और समुदाय के सदस्यों को पेपर बैग के फायदे और प्लास्टिक के नुकसान के बारे में बताएं।

  • व्यवसायों को प्रोत्साहित करें: उन व्यवसायों का समर्थन करें जो पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग का उपयोग करते हैं।

विश्व पेपर बैग दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं है, बल्कि यह एक आंदोलन है, जो हमें हमारे पर्यावरण की रक्षा के लिए एक सामूहिक जिम्मेदारी का एहसास कराता है। आइए, इस दिन संकल्प लें कि हम अपने ग्रह को बचाने के लिए छोटे-छोटे लेकिन महत्वपूर्ण कदम उठाएंगे।

COMMENTS (0)

RELATED POST

जानिए, 13 फरवरी का मूलांक फल.. क्या कह रहे हैं आपके अंक

जानिए, 13 फरवरी का मूलांक फल.. क्या कह रहे हैं आपके अंक

13 फरवरी 2026 का मूलांक भविष्यफल। जानें अंक 1 से 9 तक के जातकों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन। अंक ज्योतिष से अपनी किस्मत बदलें

Loading...

Feb 13, 20261:33 AM

महाशिवरात्रि : विज्ञान और अनजाने तथ्य 

महाशिवरात्रि : विज्ञान और अनजाने तथ्य 

महाशिवरात्रि केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि भारतीय आध्यात्मिक चेतना की सबसे गहन और अर्थपूर्ण अभिव्यक्तियों में से एक है।  यह तिथि शिव और शक्ति के कॉस्मिक मिलन, शिव के तांडव और उस महाक्षण की स्मृति से जुड़ी है जब शिव ने हलाहल विष का पान कर सृष्टि को विनाश से बचाया और नीलकंठ कहलाए।

Loading...

Feb 12, 202612:45 PM

दीनदयाल उपाध्यायः एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक

दीनदयाल उपाध्यायः एकात्म मानवदर्शन के प्रणेता और समर्थ भारत निर्माण के चिंतक

व्यक्ति से समाज और समाज से राष्ट्र निर्माण का मार्ग दिखाने वाले , विलक्षण व्यक्तित्व के धनी , एकात्म मानव दर्शन और अंत्योदय के प्रणेता पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के चरणों में कोटिशः नमन।

Loading...

Feb 10, 20266:30 PM

बंधुआ मजदूरी: आधुनिक सभ्यता के माथे पर कलंक और मुक्ति का संघर्ष

बंधुआ मजदूरी: आधुनिक सभ्यता के माथे पर कलंक और मुक्ति का संघर्ष

भारत में हर साल 9 फरवरी को बंधुआ मजदूर दिवस मनाया जाता है। जानिए क्या है बंधुआ मजदूरी का इतिहास, कानूनी प्रावधान और आधुनिक दौर में इस शोषण को रोकने के उपाय।

Loading...

Feb 07, 20263:58 PM

गणतंत्र दिवस- हमारा कर्तव्य

गणतंत्र दिवस- हमारा कर्तव्य

26 जनवरी को भारत अपने गणतंत्र का 76 वां वर्ष हर्षोल्लास से मना रहा है | 26 जनवरी 1950 को भारत ने अपने संविधान को लागू किया था |

Loading...

Jan 25, 20268:03 PM