पन्ना-दमोह मार्ग स्थित व्यारमा नदी पुल की अत्यधिक जर्जर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर दमोह ने 29 जुलाई 2025 से पुल पर यातायात पूरी तरह बंद करने के आदेश जारी किए हैं। यह निर्णय जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। यात्री अब प्रशासन द्वारा सुझाए गए वैकल्पिक मार्गों से यात्रा कर सकेंगे। पुल का पुनर्निर्माण कार्य लंबा चल सकता है।

हाइलाइट्स
पन्ना, स्टार समाचार वेब
जिले में सड़क परिवहन के लिए सबसे अहम मार्गों में एक पन्ना-दमोह मार्ग क्षतिग्रस्त पुल के कारण बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं, जिसके अब लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। बताया जाता है कि स्टेट हाइवे 55 जो पन्ना जिले को दमोह जिले से जोड़ता है, इस मुख्य मार्ग पर स्थित व्यारमा नदी के ऊपर बने पुल को अब यातायात के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया है। पुल की खराब स्थिति और निर्माण कार्य के दौरान संभावित दुर्घटना की आशंका को देखते हुए कलेक्टर दमोह द्वारा यह निर्णय लिया गया है। कलेक्टर कार्यालय से जारी आदेश दिनांक 29 जुलाई 2025 के अनुसार, पुल की मरम्मत या पुनर्निर्माण कार्य के चलते यह मार्ग बंद रहेगा, और यातायात वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जाएगा।
यह निर्णय सड़क विकास निगम लिमिटेड, सागर द्वारा दिए गए पत्र के आधार पर लिया गया है, जिसमें बताया गया है कि हटा-गैसाबाद-सिमरिया-पन्ना राज्यमार्ग क्रमांक 55 के किमी 66/6 में स्थित व्यारमा नदी पुल की स्थिति अत्यंत जर्जर है। इसके चलते पुल पर आवागमन खतरनाक हो सकता है। जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर दमोह ने यह आपात निर्णय लिया है। गौरतलब है कि जिले के पवई, सिमरिया, मोहन्द्रा आदि क्षेत्र के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण हैं, इसके अतिरिक्त पन्ना से सागर और भोपाल जाने के लिए भी अधिकांश लोग इस मार्ग का उपयोग करते रहे हैं। साथ ही सतना-रीवा से भी वाया पवई लोग इस मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक पहुंचते रहे हैं। इस मार्ग के बंद होने से लोगों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा, विशेष कर प्रतिदिन सफर करने वालों के लिए यह मुसीबत लम्बे समय के लिए हो गई है, क्योंकि स्पष्ट किया गया है कि व्यारमा का पुल बेहद खराब हैं और उसे दोबार बनाने में खासा समय लग सकता है। ऐसे में यह बड़ी समस्य बन सकता है।
प्रशासन ने सुझाए 4 वैकल्पिक मार्ग
यात्रियों और वाहन चालकों की सुविधा के लिए प्रशासन ने विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की है, जो इस प्रकार हैं-

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