नवंबर का महीना खत्म होने वाला है और एक दिसंबर से देश में कई वित्तीय और प्रशासनिक नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर जनता की जेब और रोजमर्रा के लेन-देन पर पड़ेगा। खासकर पेंशनभोगियों और बैंक ग्राहकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण समय सीमाएं हैं जिन्हें जानना बेहद जरूरी है।
By: Arvind Mishra
Nov 30, 202512:14 PM

नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
नवंबर का महीना खत्म होने वाला है और एक दिसंबर से देश में कई वित्तीय और प्रशासनिक नियम बदलने जा रहे हैं। इन बदलावों का सीधा असर जनता की जेब और रोजमर्रा के लेन-देन पर पड़ेगा। खासकर पेंशनभोगियों और बैंक ग्राहकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण समय सीमाएं हैं जिन्हें जानना बेहद जरूरी है। पहला बदलाव घर की रसोई के बजट से जुड़ा हुआ है। दरअसल, हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियों एलपीजी के दाम में बदलाव करती हैं और 1 दिसंबर को भी नई कीमतें जारी की जा सकती हैं। बीते कुछ समय से 19 किलोग्राम वाले एलपीजी में तो कई बार बदलाव देखने को मिला है। लेकिन घरेलू इस्तेमाल वाले 14 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर के दाम लंबे समय से स्थिर हैं। ऐसे में इसकी कीमतों में साल के आखिरी महीने में कम होने की उम्मीद जताई जा रही है।
दूसरा बदलाव-एटीएफ की कीमतें बदलेंगी
आॅयल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को जहां एलपीजी सिलेंडर की कीमत अपडेट करती हैं, तो वहीं हवाई ईंधन यानी एयर टर्बाइन फ्यूल के नए दाम भी जारी किए जाते हैं। 1 दिसंबर 2025 को भी इनें बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका सीधा असर हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। इसके अलावा कंपनियों सीएनजी और पीएनजी के भाव में बदलाव का ऐलान कर सकती हैं।
तीसरा बदलाव- यूपीएस की डेडलाइन
एक दिसंबर से तीसरा बड़ा बदलाव सरकारी कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है। दरअसल, इनके लिए यूनिफाइड पेंशन स्कीम (यूपीएस) चुनने की डेडलाइन बीते 30 सितंबर से बढ़ाकर 30 नंबवर निर्धारित किया गया था, जिसकी आज अंतिम तिथि है। कोई भी सरकारी कर्मचारी एनपीएस और यूपीएस में से कोई एक विकल्प चुन सकता है। अगर डेडलाइन नहीं बढ़ाई गई, तो कल 1 दिसबंर के बाद उन्हें ये मौका नहीं मिल सकेगा।
चौथा बदलाव- पेंशन का टेंशन
2025 के आखिरी दिसंबर महीने में होने वाले बदलावों में सीनियर सिटीजन की पेंशन से जुड़ा चेंज भी है। दरअसल, पेंशन को लगातार जारी रखने के लिए लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने का आज आखिरी मौका है, क्योंकि इसकी डेडलाइन 30 नंवबर तक तय की गई है। इसकी अंतिम तिथि अगर नहीं बढ़ाई गई तो फिर पेंशन में रुकावट पेश आ सकती है।
पांचवां बदलाव- टैक्स से जुड़े नियम
अगला बदलाव टैक्स से जुड़ा हुआ है। अगर अक्टूबर महीने में आपकी टीडीएस कटौती हुई है, तो फिर सेक्शन 194-आईए, 194-आईबी, 194 एम और 194 एस के तहत स्टेटमेंट जमा करने का आखिरी मौका है। 1 दिसंबर के बाद ये काम नहीं हो सकेगा। जिन करदाताओं को सेक्शन 92 ई के तहत रिपोर्ट जमा करनी थी, उनके लिए आयकर विभाग की ओर से इसकी आखिरी तारीख 30 नंवबर तय की गई थी।
छठा बदलाव: बैंकों में बंपर छुट्टियां
बैंक से जुड़ा कोई काम है, तो फिर जान लें दिसंबर महीने में बैंकों में बंपर छुट्टियां हैं। आरबीआई की बैंक छुट्टी सूची के मुताबिक, महीने की शुरुआत ही छुट्टी से हो रही है। वहीं दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा रविवार के साप्ताहिक अवकाश को मिलाकर पूरी दिसंबर महीने में 17 दिन बैंकों में काम-काज नहीं होगा। हालांकि, ये बैंक हॉलिडे अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग हो सकते हैं।