भारत सरकार ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दे दी है। 3.25 लाख करोड़ रुपये की इस डील से भारतीय वायुसेना की ताकत में जबरदस्त इजाफा होगा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
By: Ajay Tiwari
Feb 12, 20263:41 PM
हाइलाइट्स
भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया
भारत ने अपनी हवाई ताकत को मजबूत करने लिया फैसला
114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट खरीदी को मंजूरी
नई दिल्ली| स्टार समाचार वेब
भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। चीन और पाकिस्तान की दोहरी चुनौतियों के बीच, भारत ने अपनी हवाई ताकत को अभूतपूर्व स्तर पर ले जाने की तैयारी कर ली है। रक्षा खरीद परिषद (DAC) ने गुरुवार को फ्रांस से 114 राफेल मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) खरीदने के शुरुआती प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
दुनिया की सबसे बड़ी रक्षा डील्स में से एक
इस मेगा डील की अनुमानित लागत 3.25 लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह सौदा फ्रांस की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी डासॉल्ट एविएशन (Dassault Aviation) के साथ किया जाएगा। आधिकारिक मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही दोनों देशों के बीच तकनीकी और वाणिज्यिक (Commercial) स्तर की बातचीत शुरू होगी। इस सौदे के तहत 'मेक इन इंडिया' पहल को भी बल मिलने की उम्मीद है, जिससे भारतीय रक्षा उद्योग को नई तकनीक प्राप्त होगी।
वायुसेना की घटती ताकत और सुरक्षा चिंताएं
भारतीय वायुसेना (IAF) लंबे समय से फाइटर जेट्स की कमी से जूझ रही है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, वायुसेना के पास वर्तमान में लड़ाकू विमानों की केवल 29 स्क्वाड्रन बची हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 42 होनी चाहिए। मिग-21 जैसे पुराने विमानों के लगातार रिटायर होने के कारण यह गैप और बढ़ गया है। एलएसी (LAC) पर चीन की बढ़ती सक्रियता को देख
राफेल की खासियतें जो इसे बनाती हैं 'गेम चेंजर'
राफेल न केवल अपनी रफ्तार के लिए जाना जाता है, बल्कि इसकी मारक क्षमता बेजोड़ है। यह मीटियर (Meteor) और स्कैल्प (SCALP) जैसी मिसाइलों से लैस है, जो दुश्मन के विमानों को बिना उनकी नज़र में आए लंबी दूरी से ही तबाह करने में सक्षम हैं। 114 नए राफेल आने के बाद भारतीय वायुसेना की ताकत दक्षिण एशिया में निर्विवाद रूप से सबसे अधिक हो जाएगी।
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