वीबी-जी राम-जी कानून को लेकर आज बुधवार को भोपाल में सीएम डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पत्रकारवार्ता की। इस दौरान सीएम ने कहा- वीबी-जी राम जी बिल के आधार पर प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी धन राशि देश को दी है। इससे गांवों का विकास होगा।
By: Arvind Mishra
Jan 07, 20262:38 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
वीबी-जी राम-जी कानून को लेकर आज बुधवार को भोपाल में सीएम डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पत्रकारवार्ता की। इस दौरान सीएम ने कहा- वीबी-जी राम जी बिल के आधार पर प्रधानमंत्री मोदी ने बड़ी धन राशि देश को दी है। इससे गांवों का विकास होगा। केंद्र सरकार ने छह माह के भीतर इस योजना को राज्य में अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत राज्य सरकार शीघ्र ही इसका नोटिफिकेशन जारी करेगी। मनरेगा के माध्यम से 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, जी राम जी ने 125 दिन रोजगार की गारंटी दी है। इससे कौशल और उद्यमिता में भी बढ़ी संभावना है। कृषि श्रमिकों को काम की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य ओर केंद्र के मध्य राशि 60:40 का रेश्यो रखा है। पहले 100 दिन थे अब सवा सौ दिन दिए हैं। पीएम के दूरदर्शी निर्णयों से विश्व के कई देश हमारे ओर देख रहे हैं।
2026 कृषि वर्ष घोषित किया
सीएम ने कहा-नई मजदूरी दर जब तक तय नहीं होगी तब तक नरेगा के तहत ही मजदूरी देंगे। बेरोजगारी भत्ता देने की भी बाध्यता है। इससे जल संरक्षण के काम भी होंगे। सीएम ने कहा कि हमने इस वर्ष-2026 को कृषि वर्ष घोषित किया है। जबकि 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है। किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने प्रयास करेंगे। किसानों को लघु उद्योग और एमएसएमई से भी जोड़ेंगे।
देश की चार प्रमुख जातियां
सीएम ने कहा-प्रधानमंत्री ने देश की चार प्रमुख जातियां बताई हैं- गरीब, युवा, किसान और महिलाएं। इन्हीं वर्गों के उत्थान को सरकार की प्राथमिकता बताया गया है। उन्होंने बताया कि इस बैठक में देश के अन्य राज्यों से कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा। किसानों के हित में व्यापक विचार-विमर्श के बाद ठोस और प्रभावी फैसले लिए जाएंगे।
खेती भी कर सकेंगे श्रमिक
इधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा-वीबी-जी राम जी योजना को लेकर कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। इस योजना में ऐसी व्यवस्था की गई है कि जब खेती का काम हो, तब किसान खेती कर सकें और जब मजदूरी का काम उपलब्ध हो, तब किसान और मजदूर मजदूरी कर सकें। योजना के तहत जरूरत के अनुसार मजदूरों से काम कराया जाएगा।