वेनेजुएला पर अमेरिका ने हमला किया। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना को लेकर पूरी दुनिया हैरान है। वहीं, अब भारतीय विदेश मंत्री ने भी इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है। विदेश मंत्री ने कहा-वेनेजुएला में जो कुछ हुआ भारत उससे काफी चिंतित है।
By: Arvind Mishra
Jan 07, 202611:24 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
वेनेजुएला पर अमेरिका ने हमला किया। राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना को लेकर पूरी दुनिया हैरान है। वहीं, अब भारतीय विदेश मंत्री ने भी इस मामले पर चुप्पी तोड़ी है। विदेश मंत्री ने कहा-वेनेजुएला में जो कुछ हुआ भारत उससे काफी चिंतित है। भारतीय विदेश मंत्री एस.जयशंकर लक्जमबर्ग के दौरे पर हैं। वहीं, वेनेजुएला पर हमले के बाद ये जयशंकर का पहला बड़ा बयान है। लक्जमबर्ग में आयोजित एक समारोह में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सभी पक्षों से आह्वान किया की कि वे एक साथ बैठकर वेनेजुएला के लोगों के कल्याण के लिए एक समाधान पर पहुंचे। उन्होंने कहा-मुझे लगता है कि हमने कल एक बयान जारी किया था, इसलिए मैं आपसे उसे देखने की अपील करूंगा। बयान का सार यह है कि हम हाल ही में हुए इन घटनाक्रमों को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे अब बैठकर वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के हित में कोई समाधान निकालें, क्योंकि आखिरकार यही हमारी चिंता है।
वेनेजुएला से भारत के रिश्ते
जयशंकर ने कहा-हम वेनेजुएला को एक ऐसे देश के रूप में देखना चाहते हैं, जिसके साथ हमारे कई सालों से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। इसलिए हम चाहते हैं कि घटनाक्रम चाहे जो भी हो, वहां के लोग सुरक्षित रहें। वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हाल ही में एक आॅपरेशन के दौरान अमेरिकी फोर्सेज ने राजधानी कराकस से गिरफ्तार किया और उन्हें अमेरिका ले जाया गया है।
हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा-वेनेजुएला में हाल के घटनाक्रम बेहद चिंताजनक हैं। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। हम सभी संबंधित पक्षों से शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए संवाद के माध्यम से शांतिपूर्ण समाधान निकालने का आह्वान करते हैं। कराकस स्थित भारतीय दूतावास भारतीय समुदायों के संपर्क में है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
आपरेशन सिंदूर का भी किया जिक्र
जयशंकर ने कहा-आज के समय में देश वही करेंगे जिससे उन्हें सीधा फायदा होगा। वे आपको मुफ्त सलाह देंगे। अगर कुछ होता है तो वे कहेंगे, कृपया ऐसा न करें। अगर तनाव होता है तो हमें चिंता होती है कभी-कभी आप लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं, जैसा कि आपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर आप उनसे पूछें कि सच में उन्हें चिंता है तो वो अपने ही इलाके को क्यों नहीं देखते और खुद से क्यों नहीं पूछते कि वहां हिंसा का स्तर क्या है कितना जोखिम उठाया गया है आप जो कर रहे हैं उससे हम बाकी लोगों को कितनी चिंता है? लेकिन दुनिया का यही स्वभाव है। लोग जो कहते हैं, वह करते नहीं हैं। हमें इसे इसी भावना से स्वीकार करना होगा।