भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो दिनों की तेजी पर आज ब्रेक लग गया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कारोबार के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे शेयरधारकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें तो बैंको प्रोडक्ट्स, जेपी पावर के शेयरों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली।

भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो दिनों की तेजी पर आज ब्रेक लग गया।
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार में पिछले दो दिनों की तेजी पर आज ब्रेक लग गया। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में कारोबार के दौरान भारी गिरावट दर्ज की गई है। इससे शेयरधारकों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। दरअसल, ग्लोबल से लेकर एशियाई शेयर बाजारों के लिए आज बुरा दिन रहा, क्योंकि सिर्फ एक खबर के कारण बाजार भरभराकर टूट गया। भारतीय शेयर बाजार में भी बड़ी गिरावट देखी गई। निफ्टी 120 अंक टूटकर 26072 पर कारोबार कर रहा है, जबकि सेंसेक्स 380 अंक टूटकर 85250 पर था। निफ्टी बैंक में 430 अंकों की गिरावट आई। शेयर बाजार में इस भारी गिरावट के कारण निवेशकों की वेल्थ करीब 3.50 लाख करोड़ झटके में खत्म हो गई।
आठ शेयरों में नाम मात्र की तेजी
बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से 22 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 8 शेयरों में मामूली तेजी है। टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, जोमैटो और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में एक फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, जबकि महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1.34 फीसदी ओर मारुति के शेयर 0.30 फीसदी चढ़कर कारोबार कर रहे हैं।
133 शेयरों में लोअर सर्किट
बीएसई पर 132 शेयरों में अपर सर्किट और 133 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है। 3,882 शेयरों में से 1,160 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 2,531 शेयर गिरावट पर हैं। 191 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 67 शेयर 52 सप्ताह के हाई पर हैं, जबकि 158 शेयर 52 सप्ताह के निचले स्तर पर कारोबार कर रहे हैं।
इसलिए गिरा बाजार
सबसे बड़ा कारण अमेरिका के जॉब डाटा में बढ़ोतरी हुई है, जिस कारण दिसंबर में फेड रेट में कटौती की उम्मीदें कम हो गईं। इसी कारण ग्लोबल से लेकर एशियाई बाजार में भारी गिरावट आई। एशियाई बाजारों में गिरावट दर्ज की गई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3 प्रतिशत से ज्यादा और जापान का निक्केई 225 2 प्रतिशत से ज्यादा टूट गया। रातोंरात, अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए,जहां नैस्डैक कंपोजिट 2.15 प्रतिशत, एसएंडपी 500 1.56 प्रतिशत और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.84 प्रतिशत गिर गया।
चुनिंदा शेयर बिखरे
सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों की बात करें तो बैंको प्रोडक्ट्स, जेपी पावर के शेयरों में 5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। इसके बाद जेनटेक, गार्डेन रीच शिपबिल्डर्स, हिटाची, विशाल मेगा मार्ट, बीडीएल और जेएसडब्ल्यू एनर्जी के शेयरों में दो फीसदी की गिरावट आई।
एशियाई मार्केट का बुरा हाल
एशियाई बाजारों का हाल बेहाल होता नजर आया। जापान का निक्केई 225 खुलते ही 1.57 परसेंट गिरा, जबकि टॉपिक्स 0.72 परसेंट तक फिसल गया। साउथ कोरिया के कोस्पी इंडेक्स में 4.09 परसेंट और कोस्डैक में 3.01 परसेंट की गिरावट दर्ज की गई। आॅस्ट्रेलिया का एसएंडपी/ एएसएक्स 200 भी 1.3 परसेंट नीचे कारोबार करता नजर आया।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
टाटा संस के प्रस्तावित पुनर्गठन को लेकर टाटा ट्रस्ट्स में दरार आ गई है। सीनियर ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन और विजय सिंह ने बिना सलाह के फैसले लेने पर आपत्ति जताई है।
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को भी भारी गिरावट दर्ज की गई। सुबह प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 97.96 अंक के नुकसान के साथ 72,382.33 पर कारोबार करता दिखा। वहीं, निफ्टी 53.71 अंक लुढ़ककर 22,566.75 के स्तर पर आ गया।
अक्टूबर 2026 में सिलेंडर, हवाई ईंधन, बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट और सरकारी योजनाओं से जुड़े बदलाव हो रहे हैं। कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ने से रेस्टोरेंट मालिकों का खर्च मामूली बढ़ेगा। ऐसे में वे चाय, नाश्ता महंगा कर सकते हैं। शादियों की कैटरिंग भी महंगी हो सकती है।
सोने-चांदी की कीमतों में आज लगातार दो दिन की गिरावट के बाद तेजी है। 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 712 रुपए बढ़कर 1,48,379 रुपए पर आ गया। इससे पहले 29 सितंबर को यह 1,47,667 रुपए पर था। वहीं, एक किलो चांदी 673 रुपए बढ़कर 2,22,273 रुपए पर आ गई है, जो मंगलवार को 2,21,600 रुपए पर थी।
एपल ने भारत में अपनी डिजिटल पेमेंट सर्विस 'एपल पे' को लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही आईफोन और एपल वॉच यूजर्स के लिए कार्डलेस और कॉन्टैक्टलेस पेमेंट का नया ऑप्शन भी अवेलेबल हो गया है। एपल की इस सर्विस के लिए एक्सिस बैंक पहला पार्टनर बना है।
आज भारतीय शेयर बाजार में मिलाजुला रुख देखने को मिला। सेंसेक्स में मामूली वृद्धि दर्ज हुई, जबकि निफ्टी गिरावट के साथ 22,700 के नीचे बंद हुआ। दो दिन की बिकवाली के बाद कुछ क्षेत्रों में सुधार दिखा, लेकिन विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने बाजार को प्रभावित किया।
भारतीय शेयर बाजार में सप्ताह की शुरुआत कमजोर रही। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 600 से अधिक अंक टूट गया। निफ्टी भी 22,600 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे फिसल गया। सुबह 10:02 बजे सेंसेक्स 616.08 अंक यानी 0.84 फीसदी गिरकर 72,155.64 अंक पर कारोबार कर रहा था।
देशभर के बैंक उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। इस सप्ताह सभी बैंक आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस ने 28 से 30 सितंबर तक प्रस्तावित तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल को टालने का फैसला किया है।
सोमवार को शुरुआती कारोबार में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी बुरी तरह गिरे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं बाजार पर हावी रहीं। एशियाई बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
गर आपको बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम निपटाना है, तो तुरंत सतर्क हो जाइए। आज रविवार को भले ही बैंक की शाखाएं खुली हुई हैं और कामकाज चल रहा है, लेकिन आने वाले हफ्ते में बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित रहने वाली हैं। आम ग्राहकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है और करोड़ों रुपए का वित्तीय लेनदेन अटकने की संभावना है।