देश के सबसे स्वच्छ शहर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम दावों के बाद भी पीड़ितों की मौत हो रही है। बीती देर रात 32वीं मौत दर्ज की गई, जिसने क्षेत्र में दहशत बढ़ गई है।
By: Arvind Mishra
Feb 02, 202612:25 PM
इंदौर। स्टार समाचार वेब
देश के सबसे स्वच्छ शहर मध्यप्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमाम दावों के बाद भी पीड़ितों की मौत हो रही है। बीती देर रात 32वीं मौत दर्ज की गई, जिसने क्षेत्र में दहशत बढ़ गई है। मृतका का नाम अनिता कुशवाह बताया जा रहा। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा था। क्षेत्र के तीन मरीज अब भी भर्जी हैं। इनमें से 2 आईसीयू में हैं। उनकी हालत काफी गंभीर है। दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी हादसे में एक और मौत हो गई। एक माह से अधिक समय से भर्ती रही अनिता कुशवाह (65) ने रविवार देर रात को दम तोड़ दिया। अनिता का बॉम्बे हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। वह लंबे समय से वेंटिलेटर पर थीं। इन्हें मिलाकर दूषित पानी से अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं।

मृतका का नाम अनिता कुशवाह बताया जा रहा।
घर लाते ही बिगड़ी तबीयत
बेटे नीलेश ने बताया कि उन्हें पहले से कोई बीमारी नहीं थी। 28 दिसंबर को उल्टी-दस्त के कारण भाग्यश्री हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था। दो दिन बाद डिस्चार्ज होकर घर पर लाया गया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद फिर हालत बिगड़ी। उन्हें 1 जनवरी को अरबिंदो हॉस्पिटल में भर्ती किया गया था।
वेंटिलेटर पर कार्डियक अरेस्ट
अरबिंदो हॉस्पिटल से उन्हें 4 जनवरी को बॉम्बे हॉस्पिटल शिफ्ट किया गया था। इसके बाद उनकी हालत बिगड़ती गई। हालत गंभीर होने पर किडनी फेल हो गई, जिसके चलते लगातार हेमोडायलिसिस किया जा रहा था। फिर वेंटिलेटर पर भी लिया गया। इलाज के दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट भी आया।
सीएमएचओ ने की पुष्टि
इधर, सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि शासन की ओर से हायर सेंटर पर इलाज करवाया गया, लेकिन दुर्भाग्य से मरीज को बचाया नहीं जा सका। महिला के पति मिल से रिटायर्ड हैं। भागीरथपुरा दूषित पानी हादसे में अब तक 32 मौतें हो चुकी हैं। इस मामले में 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज किए जा चुके हैं।