संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 62वें सत्र में भारत ने पाकिस्तान और इस्लामिक सहयोग संगठन द्वारा जम्मू-कश्मीर को लेकर की गई टिप्पणियों पर सख्त आपत्ति जताई है। भारत ने पाकिस्तान के सभी आरोपों को दुर्भावनापूर्ण बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया है।
मौसम विभाग ने दावा किया है कि एक सप्ताह के अंदर मानसून मध्यप्रदेश पहुंच जाएगा। तेलंगाना के भद्राचलम में मानसून एक सप्ताह से अटका हुआ है। इस वजह से मध्यप्रदेश के साथ छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में यह लेट हो गया है।
देश के नौ राज्यों में प्री मानसून सक्रिय हो गया है। राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की कई जगहों पर आंधी और बारिश का कहर देखने को मिला। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल समेत चार जिलों में बारिश हुई। आंधी के बाद पेड़ और बिजली के तार टूट गए।
भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा-आतंक के संरक्षकों तक सिंधु नदी का पानी नहीं पहुंचने देंगे। भारत शांति की भाषा न समझने वालों को जवाब देना अच्छे से जानता है और जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को पूरी तरह बंद नहीं करता, तब तक यह जल-बंटवारा समझौता निलंबित ही रहेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा-देश के अलग-अलग हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। इसके साथ ही दैनिक जीवन में गर्मी से होने वाली कई कठिनाइयां भी बढ़ रही हैं। मैं सभी देशवासियों से आग्रह करता हूं कि जितनी अधिक सावधानी बरत सकें, अवश्य बरतें।
भारत ने सिंधु जल संधि पर हेग स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) के 15 मई 2026 के फैसले को पूरी तरह खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने कहा- अवैध अदालत का फैसला शून्य और अमान्य।
ग्राम पंचायत मोरूखेड़ी में जनभागीदारी से पंचायत क्षेत्र की पहाड़ी पर कंटूर ट्रेंच निर्माण कार्य किया गया है। एक हेक्टेयर क्षेत्र में किए जा रहे इस कार्य के तहत कुल 350 कंटूर ट्रेंच बनाई गई हैं। इन ट्रेंचों के माध्यम से प्रतिवर्ष लगभग 13 लाख लीटर वर्षा जल का संचयन किया जा सकेगा।
मटके का ठंडा पानी सेहत के लिए वरदान है, लेकिन इसकी गलत सफाई आपको बीमार कर सकती है। जानें मटके को साफ करने का सही तरीका और इसे बैक्टीरिया मुक्त रखने के आसान टिप्स।
आज दुनियाभर में जल दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता को शुभकामनाएं दी। उन्होंने जोर देकर कहा कि पानी केवल जीवन का आधार नहीं, बल्कि पृथ्वी के भविष्य को आकार भी देता है।
दक्षिण अमेरिकी देश ब्राजील में कुदरत का भयानक कहर देखने को मिल रहा है। दक्षिण-पूर्व ब्राजील में भीषण बाढ़ से लगातार मृतकों का आंकड़ा बढ़ रहा है। अब तक 46 लोगों की मौत हो गई। कई लोग लापता है, जिनको तलाश जारी है। वहीं सैकड़ों लोग अपने घरों को छोड़ने के लिए मजबूर है।






















