मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी चल रही है। दावा किया जा रहा है कि फेरबदल के जद में आने वाले अफसरों की सूची भी फाइनल हो गई है। हालांकि इसमें खास बात यह है कि कुछ कलेक्टरों को प्रशासनिक ओहदा भी बढ़ेगा।
By: Arvind Mishra
Mar 02, 202612:47 PM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी चल रही है। दावा किया जा रहा है कि फेरबदल के जद में आने वाले अफसरों की सूची भी फाइनल हो गई है। हालांकि इसमें खास बात यह है कि कुछ कलेक्टरों को प्रशासनिक ओहदा भी बढ़ेगा। दरअसल, एसआईआर की कवायद पूरी होने के बाद अब जनगणना शुरू होनी है। इसको देखते हुए राज्य सरकार जिलों में नए सिरे से अधिकारियों की तैनाती करना चाह रही है। कुछ जिलों में कलेक्टरों का कार्यकाल दो साल से अधिक हो चुका है। साथ ही कुछ जगह अधिकारियों को उनके प्रदर्शन के आधार पर हटाने की चर्चा है। इससे पहले एसआईआर और विधानसभा सत्र के चलते अधिकारियों के तबादला को लेकर सरकार निर्णय नहीं ले रही थी, लेकिन अब सरकार इसे प्राथमिकता देते हुए जल्द ही जारी कर सकती है। इस माह के दूसरे सप्ताह में तबादला सूची जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

दो साल के कार्यकाल वालों पर नजर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भोपाल, ग्वालियर, धार और शहडोल समेत कई जिलों के कलेक्टर इस फेरबदल की जद में हो सकते हैं। 2010 बैच के आईएएस भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह सेक्रेटरी रैंक में आ गए हैं, उनको मंत्रालय में पदस्थ किया जा सकता है। वहीं, 2011 बैच की आईएएस ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान अगले साल सेक्रेटरी रैंक में आ जाएंगी। इसके अलावा कई कलेक्टर अपने कार्यकाल का दो साल पूरा कर चुके हैं। साथ ही कुछ को उनके परफार्मेंस के आधार पर दूसरी जगह ट्रांसफर किया जा सकता है।
रीवा कलेक्टर भी होंगी इधर से उधर

धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, शहडोल कलेक्टर केदार सिंह, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना, शिवपुरी कलेक्टर रविंद्र चौधरी, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल सिंह और नर्मदापुरम कलेक्टर सोनिया मीना को इधर से उधर किया जा सकता है। वहीं, मोहन सरकार लंबे समय से जमे अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायतों के सत्यापन के बाद अधिकारियों को हटा कर उनकी जगह युवा और नए अधिकारियों को जिलों की कमान सौंप सकती है।