सत्ता के शिखर पर दिखाई देने वाला चेहरा भले एक हो, पर उसकी सफलता के पीछे कई लोग होते हैं। किसी भी मुख्यमंत्री की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उनकी कोर टीम कितनी मजबूत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शुरुआती दौर में एक चौंकाने वाला चेहरा ‘सरप्राइज चॉइस’ के रूप में देखा गया, लेकिन बीते ढाई सालों में उन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि भाजपा संगठन के साथ भी बेहतरीन तालमेल बिठाया है।
मध्यप्रदेश में 62 आईपीएस के तबादले किए गए हैं, जिसमें 24 जिलों के एसपी हटाए गए हैं। वहीं सिंगरौली बैंक डकैती मामले के बाद वहां के एसपी को भी हटाया गया है। दरअसल, राज्य सरकार ने बीती देर रात 62 आईपीएम के स्थानांतरण किए।
केंद्र सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 48 अफसरों की नई नियुक्तियां की हैं। इनमें कई आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को जॉइंट सेक्रेटरी और बराबर के पदों पर तैनात किया गया है। वहीं हार्दिक सतीशचंद्र शाह को प्रधानमंत्री के निजी सचिव के तौर पर ही अब जॉइंट सेक्रेटरी स्तर पर नियुक्त किया गया है।
मध्यप्रदेश में एक बार फिर बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी चल रही है। दावा किया जा रहा है कि फेरबदल के जद में आने वाले अफसरों की सूची भी फाइनल हो गई है। हालांकि इसमें खास बात यह है कि कुछ कलेक्टरों को प्रशासनिक ओहदा भी बढ़ेगा।
मध्य प्रदेश में शुक्रवार रात 11 IAS और 4 SAS अफसरों के तबादले। मनीष सिंह को जनसंपर्क और परिवहन की कमान, अशोक वर्णवाल बने स्वास्थ्य सचिव। देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट।
मध्यप्रदेश कैडर के अनुभवी और कई जिलों में कप्तान की भूमिका निभा चुके आईपीएस अभिषेक तिवारी ने अचानक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मांगकर प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। तिवारी पिछले दो वर्षों से दिल्ली में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर थे।


















