मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी में ब्लास्ट से आग लग गई। दिव्यांग की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक सुनील कुमार लोखंडे पुत्र बलीराम लोखंडे सारनी का ही रहने वाला था। वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर जीवनयापन करता था।
By: Arvind Mishra
Jan 31, 20261:54 PM
बैतूल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में ई-ट्राइसाइकिल की बैटरी में ब्लास्ट से आग लग गई। दिव्यांग की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक सुनील कुमार लोखंडे पुत्र बलीराम लोखंडे सारनी का ही रहने वाला था। वह बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर जीवनयापन करता था। मौके पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक लपटें तेज हो चुकी थीं, जिससे सुनील को बचाया नहीं जा सका। घटना बीती देर रात को जय स्तंभ चौक के पास हुई। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए घोड़ाडोंगरी भिजवाया है। मृतक के भाई राजेश ने बताया कि भाई सुनील ने बीई की हुई थी। वह दो भाइयों में छोटा था। बच्चों को इंजीनियरिंग की ट्यूशन पढ़ाकर अपना खर्च चलाता था।
पढ़ाई के दौरान हुआ दिव्यांग
सुनील बचपन में सामान्य था, लेकिन बीई की पढ़ाई के दौरान विकलांगता आने लगी थी। जोड़ों का लिक्विड सूखने लगा था। इस वजह से उठने-बैठने और चलने में दिक्कत होने लगी थी। इसके चलते करीब 15 साल पहले वह दिव्यांग हो गया।
स्वनिधि योजना से मिली थी ट्राइसाइकिल
जिस ट्राइसाइकिल से दिव्यांग के साथ हादसा हुआ वह ढाई साल पहले स्वनिधि योजना के तहत नगरपालिका की ओर से दी गई थी। बताते हैं उसमें कभी कोई समस्या नहीं रही। परिजनों का कहना कि रात को अचानक ऐसा क्या हुआ यह समझ नहीं आ रहा है। लोगों ने घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है, जिससे बैटरी ब्लास्ट के कारणों का पता चल सके।
इसलिए लग रही इलेक्ट्रिक वाहन में आग
ईवी यानी इलेक्ट्रिक वाहन में आग लगने के संभावित कारणों में बैटरी और सेल की गुणवत्ता जिम्मेदार हो सकती है। बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम का ठीक से काम न करना या खराब होना भी वजह मानी जा सकती है। खराब वेंटिलेशन और इस्तेमाल करने के पैटर्न संबंधी कमी आ लगने का कारण बन सकती है। चार्ज करने के दौरान शॉर्ट सर्किट की वजह से भी आग लग सकती है। बैटरी के क्षतिग्रस्त होने या किसी कमी की वजह से आग लग सकती है।