मध्यप्रदेश के इंदौर जिले का दूषित जल कांड अब राज्यसभा तक पहुंच गया है। दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 32 मौत पर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज पानी सबसे गंभीर समस्या बन चुका है।
By: Arvind Mishra
Feb 03, 202610:48 AM
इंदौर। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के इंदौर जिले का दूषित जल कांड अब राज्यसभा तक पहुंच गया है। दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई 32 मौत पर राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने सदन में मुद्दा उठाते हुए कहा कि आज पानी सबसे गंभीर समस्या बन चुका है। इसमें कोई संदेह नहीं कि जनता को जहरीला पानी सप्लाई किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल आपूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार है। इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन की उपस्थिति में तिवारी ने कहा कि यह विषय केवल मध्यप्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता से जुड़ा हुआ प्रश्न है।
केंद्रीय मंत्री लें जिम्मेदारी
तिवारी ने पूछा कि गुजरात के गांधीनगर में दूषित पानी पीने से कितने लोग बीमार हुए और इंदौर में अब तक कितनी मौतें हो चुकी हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से हस्तक्षेप कर जिम्मेदारी लेने की मांग की। साथ ही यह भी सवाल उठाया कि भूजल की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार की ठोस कार्ययोजना क्या है और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
इमरान ने भी इंदौर का मुद्दा उठाया
महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य इमरान प्रतापगढ़ी ने भी इंदौर का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि इन मौतों की जिम्मेदारी किसकी तय की गई है। क्या केवल राज्य सरकार जिम्मेदार है या जल शक्ति मंत्रालय ने भी इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने यह भी जानना चाहा कि केंद्र ने राज्य सरकार से कोई रिपोर्ट तलब की है या नहीं। इससे पहले कांग्रेस सांसद डॉ. सैयद नासिर हुसैन ने भी राज्यसभा में इंदौर की सफाई व्यवस्था और पेयजल आपूर्ति की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए चिंता जताई थी।
सरकार घटना से अवगत
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि केंद्र इंदौर के भागीरथ पुरा में हुई जल प्रदूषण की घटना से अवगत है। साथ ही, सरकार अमृत और अमृत 2.0 जैसी योजनाओं के माध्यम से राज्यों को सहायता प्रदान कर रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रभावित क्षेत्र में पाइपलाइनें 1997 जितनी पुरानी हैं। नगर निगम ने जल आपूर्ति के लिए चार पैकेज निविदाएं जारी की हैं। पैकेज-1 का कार्य शुरू हो चुका है। इस परियोजना में जल स्रोत विकास से लेकर आधुनिक वितरण प्रणाली और दीर्घकालिक रखरखाव शामिल है।