मध्यप्रदेश सरकार अब अपने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियों में जुट गई है। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। दावा किया जा रहा है कि बजट का आकार पिछले बजट से 10 प्रतिशत बड़ा होगा। इस बजट में सबसे खास बात यह रहेगी कि मध्यप्रदेश के संसदीय इतिहास में पहली बार पूरी तरह ई-बजट पेश किया जाएगा।
By: Arvind Mishra
Feb 03, 202612:55 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश सरकार अब अपने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियों में जुट गई है। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होगा। दावा किया जा रहा है कि बजट का आकार पिछले बजट से 10 प्रतिशत बड़ा होगा। इस बजट में सबसे खास बात यह रहेगी कि मध्यप्रदेश के संसदीय इतिहास में पहली बार पूरी तरह ई-बजट पेश किया जाएगा। वित्त मंत्री कागजी दस्तावेजों के बजाय टैबलेट के माध्यम से बजट भाषण पढ़ेंगे। दरअसल, प्रदेश के वित्त मंत्री और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा ने एक चर्चा के दौरान कहा- इस बार का बजट सर्वस्पर्शी होगा, जिसमें समाज के हर वर्ग को राहत देने की कोशिश की जाएगी। विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप विकास और समावेशी विकास का रोडमैप पेश करेगी। इस बार का बजट पूरी तरह डिजिटल होगा और इसमें कृषि कल्याण वर्ष के तहत किसानों, युवाओं और कर्मचारियों पर विशेष फोकस रहेगा।
4.63 लाख करोड़ का होगा बजट
वित्त मंत्री देवड़ा ने स्पष्ट किया है कि बजट तैयार करते समय उन चार स्तंभों (गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति) पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिनकी बात पीएम मोदी अक्सर करते हैं। इस साल के बजट का आकार पिछले वर्ष के 4.21 लाख करोड़ से करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 4.63 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।
किसानों के लिए खुलेगा पिटारा
राज्य सरकार ने 2026 को कृषि कल्याण वर्ष घोषित किया है, जिसका सीधा असर बजट प्रावधानों में देखने को मिलेगा। इस बार कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों जैसे डेयरी, मत्स्य पालन, सहकारिता और उद्यानिकी के लिए बजट में भारी वृद्धि की संभावना है। इन क्षेत्रों के फंड में पिछले साल के मुकाबले इस बार बड़ी बढ़ोतरी की जा सकती है ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिले।
बजट में बड़ी घोषणाएं संभव
बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए बहुप्रतीक्षित स्वास्थ्य बीमा योजना की घोषणा हो सकती है। साथ ही, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए नए प्रावधान किए जा रहे हैं। सरकार का विशेष फोकस मेट्रोपॉलिटन रीजन और बड़े शहरों के अधोसंरचना विकास पर भी रहने वाला है।
ग्रामीण विकास को मिलेगा बढ़ावा
सरकार जैविक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए नई योजनाओं का ऐलान कर सकती है। चूंकि 2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है, इसलिए खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना के लिए विशेष रियायतों की घोषणा की जा सकती है।