मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
By: Arvind Mishra
Jan 10, 20261:47 PM

भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज शनिवार को रवीन्द्र भवन, भोपाल में आयोजित लोक निर्माण विभाग के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर सीएम ने कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क-2026 दस्तावेज का विमोचन और एडवांस फीचर्स के साथ तैयार हुए लोकपथ 2.0 ऐप का शुभारंभ किया। इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- लोकपथ 2.0 ऐप नागरिकों को सड़क रखरखाव की निगरानी, शिकायतों का त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन एसओएस सुविधा और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा।
शहरों की तस्वीर बदल रही
सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।
प्रदेश की दिशा तय करता है विभाग
मंत्री राकेश सिंह ने कहा-लोक निर्माण विभाग केवल सड़कें नहीं बनाता, बल्कि प्रदेश की गति और दिशा भी तय करता है। कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क प्रदेश के विकास की भविष्य की नींव है। वर्चुअल बैठक के माध्यम से प्रदेश के 1700 इंजीनियरों से सुझाव लिए गए, जिनमें से 927 इंजीनियरों के सुझावों के आधार पर ही कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क तैयार किया गया।
स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर बनेगा एप
मंत्री ने कहा-गूगल कई जानकारियां देता है, लेकिन लोकपथ ऐप उससे भी बेहतर साबित होगा। यह ऐप स्मार्ट ट्रैवल पार्टनर की तरह काम करेगा, लोगों को वैकल्पिक मार्ग सुझाएगा और ब्लैक स्पॉट की जानकारी यात्रा के दौरान 500 मीटर पहले ही वॉयस अलर्ट के जरिए देगा। प्रदेश में लागू की गई नियमित निरीक्षण प्रणाली से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
अस्पताल की रहेगी जानकारी
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव सुखबीर सिंह ने कहा-लोकपथ एप में मार्ग में पड़ने वाले एक्सीडेंट, ब्लैक स्पॉट, अस्पताल की जानकारी रहेगी। इस कार्यक्रम में 1500 इंजीनियर कैपेसिटी बिल्डिंग प्रबंधन की ट्रेनिंग लेने के लिए आए हैं। जिसको लेकर विक्रांत सिंह तोमर ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। इसमें पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों की जिम्मेदारी और चुनौती का फ्रेमवर्क बनाया गया है।