मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे प्रशासन के तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं। इंदौर के भागीरथपुरा में मृतकों की संख्या 15 हो गई है। महिला का नाम गीताबाई (68) है। 16 बच्चों समेत सैकड़ों लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।

प्रशासन के तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं।
इंदौर। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे प्रशासन के तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं। इंदौर के भागीरथपुरा में मृतकों की संख्या 15 हो गई है। महिला का नाम गीताबाई (68) है। 16 बच्चों समेत सैकड़ों लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। सभी 15 लोगों की जान दूषित पानी की वजह से ही गई है। वहीं, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी माना कि भागीरथपुरा के पेयजल में सीवेज का पानी मिलने से हालात बिगड़े हैं। उधर, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मामले में संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह में रिपोर्ट तलब की है। वहीं दूषित पानी से मौत का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। आज जबलपुर की दो सदस्यीय बेंच आनलाइन सुनवाई करेगी।
फिर मच गया हड़कंप
भागीरथपुरा में दूषित पानी के कारण बीमार होने वाले मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। 338 नए मरीज मिलने से एक बार फिर हड़कंप मच गया है। अभी-भी 32 मरीज आईसीयू में भर्ती है। जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। अब तक करीब 2800 मरीज सामने आ चुके हैं।
मरीजों की लगी कतार
भागीरथपुरा स्थित स्वास्थ्य केंद्र में सुबह से लेकर देर रात तक मरीज आते रहे। यहां बच्चे से लेकर बुजुर्ग अपनी समस्याओं को लेकर आ रहे हैं, इनमें से अधिकांश मरीज उल्टी-दस्त के ही है। रहवासियों में अभी आक्रोश है, कई परिवार में तो सभी सदस्य बीमार हो गए है।
पानी से लगने लगा डर
यहां पानी का टैंकर सुविधा के लिए भेजा जा रहा है, लेकिन इसका पानी उपयोग करने में भी लोग डर रहे हैं। वह आरओ का पानी बुलवाकर पी रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के मुताबिक 21 टीमें बनाई है, जिसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल, एएनएम व आशा कार्यकर्ता शामिल है। घर-घर जाकर उबला पानी पीने एवं बाहर का भोजन ना खाने की समझाइश भी दी जा रही है।
71 मरीजों को मिली छुट्टी
अभी 1714 घरों का सर्वे किया गया, जिसमें लगभग 8571 लोगों की जांच की गई। इनमें से करीब 338 मरीज मिले, जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। अब तक कुल 272 मरीजों को भर्ती किया गया है, इनमें से 71 मरीजों को डिस्चार्ज किया जा चुका है। अभी विभिन्न अस्पतालों में 201 मरीज भर्ती है, जिनमें 32 मरीज आईसीयू में है।
पांच नंबर जोन में बढ़ीं जल शिकायत
भागीरथपुरा में दूषित जल से दर्जनों मौत के बाद निगम के अधिकारी जल संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। साल के पहले दिन दोपहर 2.30 बजे तक इंदौर-311 हेल्पलाइन पर पिछले 24 घंटे में 206 जल संबंधित पहुंची। सबसे ज्यादा शिकायतें जोन नंबर पांच की हैं।


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