मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इससे प्रशासन के तमाम दावे खोंखले साबित हो रहे हैं। इंदौर के भागीरथपुरा में मृतकों की संख्या 15 हो गई है। महिला का नाम गीताबाई (68) है। 16 बच्चों समेत सैकड़ों लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।
इंदौर के महाराजा यशवंतराव (एमवाय) अस्पताल में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां नवजात शिशु इकाई (NICU) में भर्ती दो नवजात शिशुओं को चूहों ने काट लिया। इस घटना में एक नवजात की मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस लापरवाही के लिए ड्यूटी नर्स को निलंबित कर दिया गया है और जांच कमेटी का गठन किया गया है।
सतना जिला अस्पताल के पीआईसीयू वार्ड में वर्ष 2025 के पहले पांच महीनों में 31 बच्चों की मौत हुई और 64 बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया। सुविधाओं की कमी, न्यूरोसर्जन का अभाव और ओवरलोडेड बेड्स इस संकट के प्रमुख कारण हैं।
















