मध्यप्रदेश के एजुकेशन सिस्टम को वर्ल्ड क्लास बनाने के दावे किए जा रहे हैं। साउथ कोरिया और दिल्ली जैसे एजुकेशन मॉडल को लागू करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर कई बार देश के अन्य राज्यों ही नहीं, विदेश की यात्राएं कर चुके हैं। यह नहीं, प्रदेश के शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले तरह-तरह के अभियान भी चलाए जाते हैं।

भोपाल, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर के सरकारी स्कूलों की हालत सबसे ज्यादा खराब है।
भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश के एजुकेशन सिस्टम को वर्ल्ड क्लास बनाने के दावे किए जा रहे हैं। साउथ कोरिया और दिल्ली जैसे एजुकेशन मॉडल को लागू करने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग के अफसर कई बार देश के अन्य राज्यों ही नहीं, विदेश की यात्राएं कर चुके हैं। यह नहीं, प्रदेश के शिक्षा सत्र शुरू होने से पहले तरह-तरह के अभियान भी चलाए जाते हैं। जिस पर पानी की तरह धन भी खर्च किया जाता है। लेकिन परिणाम शून्य ही नजर आता है। इससे राज्य की जमकर किरकिरी हो रही है। स्कूलों में बच्चों की संख्या में लगातर गिरावट दर्ज की जा रही है। मप्र के महानगरों की बात की जाए तो भोपाल, जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर के सरकारी स्कूलों की हालत सबसे ज्यादा खराब है। दरअसल, सरकारी और प्रायवेट स्कूलों के इस साल सात लाख के करीब बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 5.70 लाख था। वहीं सरकारी स्कूलों में इस साल करीब 4.67 लाख बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है। पिछले साल 3.99 लाख बच्चों ने पढ़ाई छोड़ी थी। इसमें निजी स्कूलों के दो लाख विद्यार्थी शामिल हैं।

उक्त आंकड़ा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के तहत यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इंफार्मेशन सिस्टम फार एजुकेशन (यूडाईस) रिपोर्ट में सामने आई है। रिपार्ट के अनुसार, 2024-25 में प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में पहली से 12वीं तक में करीब 1.50 करोड़ बच्चों का पंजीयन हुआ था। वहीं 2025-26 में एक करोड़ 41 हजार बच्चों का 13 जुलाई तक प्रोग्रेसिंग पेंडिंग है।
इधर, 6.70 लाख बच्चे ऐसे हैं, जिन्होंने किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि विद्यार्थियों के प्रोग्रेशन को पूर्ण करें और ड्रापबाक्स के बच्चों को खोजकर स्कूल में नामांकन कराएं तथा नामांकित विद्यार्थियों का मैपिंग कराएं। लेकिन हालात यही बयां कर रहे हैं कि डीईओ ने सरकार के आदेश को गंभीरता से लिया ही नहीं।
प्रदेश के कुछ जिलों में अधिक संख्या में बच्चों ने स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। इसमें इंदौर में सर्वाधिक 38 हजार, शिवपुरी में 25 हजार, धार व बड़वानी में 21 हजार, छिंदवाड़ा में 20 हजार, छतरपुर में 19 हजार, खरगोन में 18 हजार, बालाघाट में 17 हजार और खंडवा में 16 हजार बच्चों ने स्कूल में प्रवेश नहीं लिया।
सरकारी स्कूलों में पिछले सत्र में 79.75 लाख बच्चों का नामांकन दर्ज हुआ था। इस सत्र में अब तक 53.81 लाख का प्रोग्रेशन पेडिंग है। वहीं 4.67 लाख बच्चों ने किसी भी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है। इसमें सबसे अधिक बड़वानी में 17 हजार, छिंदवाड़ा व छतरपुर में 16 हजार, बालाघाट में 13 हजार, भिंड में 10 हजार, शहरी क्षेत्र ग्वालियर व भोपाल में चार-चार हजार, जबलपुर में छह हजार और इंदौर में 11 हजार छात्रों ने पढ़ाई छोड़ी है।
इधर, प्रदेश की स्कूलों में गिरती बच्चों की संख्या पर शिक्षा विभाग भी पर्दा डालने में जुट गया है। विभाग के जिम्मेदार तर्क दे रहे हैं कि बच्चों का अपने माता-पिता के साथ दूसरी जगह जाना भी एक कारण है। समग्र आईडी से मैपिंग नहीं होने के कारण ऐसे हालात बने। जगह बदलने के कारण बच्चे का ठीक से मैपिंग नहीं होना भी है।
इधर, दिसंबर-2024 के आंकड़ों पर नरज डालें तो मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों से साढ़े 12 लाख बच्चों ने पढ़ाई छोड़ दी है। इतना ही नहीं, प्राइवेट स्कूलों में भी सवा 9 लाख बच्चे घट गए हैं। यह कमी एक साल में नहीं, बल्कि पिछले सात साल में हुई है। यह खुलासा मध्य प्रदेश विधानसभा में हुआ था। धार की सरदारपुर सीट से कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल के एक सवाल के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने यह जवाब दिया था। मंत्री ने खुद स्वीकार किया था कि राज्य में पिछले 7 साल में सरकारी और निजी स्कूलों को मिलाकर 22 लाख बच्चे कम हो गए हैं। उन्होंने जवाब दिया था कि 2016-17 से लेकर 2023-24 तक प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से 12वीं तक के 12 लाख 23 हजार 384 बच्चे घटे हैं। कक्षा पहली से 5वीं में 635434, कक्षा 6 से 8 में 483171 और कक्षा 9 से 12 में 104479 बच्चे कम हुए हैं। वहीं, इसी अवधि के दौरान ही निजी स्कूलों में बच्चों की संख्या घटी है। निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 5वीं में 625409, कक्षा 6 से 8वीं में 15656 और कक्षा 9 से 12वीं में 284986 बच्चे कम हुए हैं। इस पूरी अवधि में निजी स्कूलों में कक्षा 1 से 12 तक के कुल 926051 बच्चे कम हुए हैं।


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
जबलपुर में लगातार बारिश के बाद बरगी बांध का जलस्तर 101% पार हो गया है। जलस्तर नियंत्रित करने के लिए 5 गेट खोले गए हैं, जिससे नर्मदा के घाटों पर जलस्तर बढ़ने की संभावना है।
भोपाल के अवधपुरी में कांग्रेस के पूर्व पार्षद मुकेश गजभिए ने फांसी लगाकर आत्महत्या की। वे लंबे समय से सिकल सेल बीमारी से पीड़ित थे और उनका इलाज चल रहा था। पुलिस जांच में जुटी।
त्योहारी सीजन में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने भोपाल मंडल से गुजरने वाली 3 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों के फेरे बढ़ा दिए हैं। इसके अलावा, नॉन-इंटरलॉकिंग कार्य के कारण 2 ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं।
मध्य प्रदेश के इंदौर में 3 से 5 अक्टूबर तक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक होने जा रही है। शताब्दी वर्ष के समापन और संगठनात्मक बदलावों पर चर्चा के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
मंडला नगर पालिका CMO गजानन नाफड़े 2 लाख रुपए की रिश्वत लेते लोकायुक्त द्वारा रंगे हाथ गिरफ्तार। 15 लाख के भुगतान के एवज में मांग रहे थे कमिशन।
सतना में शिक्षक दंपती के सूने मकान का ताला तोड़कर जेवर और नकदी चोरी करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार हुए। पुलिस ने करीब आठ लाख रुपये का सामान बरामद किया, सराफा कारोबारी फरार है।
सतना में शादी से इनकार करने पर महिला पर दिनदहाड़े चाकू से हमला किया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया।
गोरसरी पहाड़ में डेरा जमाए नर हाथी ई-5 को सुरक्षित पकड़ने वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है। मैहर के मां शारदा मंदिर की त्रिकूट पहाड़ी पर तेंदुए की आवाजाही सीढ़ियों तक पहुंच गई।
मध्य प्रदेश में 21 साल बाद सरकारी बस सेवा की धमाकेदार वापसी हुई है। भोपाल, इंदौर समेत 7 शहरों में 351 बसों के साथ 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' की शुरुआत की गई है। जानिए किराए, रूट, इलेक्ट्रिक बसों की खासियत और सरकार के आगामी लक्ष्यों के बारे में पूरी जानकारी।
सतना जिला अस्पताल में 24 घंटे में तीन गर्भस्थ शिशुओं की मौत और छह माह में 14 मातृ मृत्यु के बाद स्वास्थ्य विभाग ने समीक्षा बैठक बुलाई है। उपचार, रेफरल, संसाधनों और व्यवस्थाओं की जांच होगी।