इंदौर में आबकारी फर्जी चालान घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले यह घोटाला 49 करोड़ का सामने आया था, लेकिन ईडी की जांच में यह बढ़कर 71 करोड़ तक पहुंच गया है। घोटाले की शुरुआत 8 साल पहले हुई थी, जब रावजी बाजार थाने में आबकारी विभाग ने 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी।
By: Arvind Mishra
Nov 30, 202511:50 AM
भोपाल। स्टार समाचार वेब
इंदौर में आबकारी फर्जी चालान घोटाले का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले यह घोटाला 49 करोड़ का सामने आया था, लेकिन ईडी की जांच में यह बढ़कर 71 करोड़ तक पहुंच गया है। घोटाले की शुरुआत 8 साल पहले हुई थी, जब रावजी बाजार थाने में आबकारी विभाग ने 14 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज कराई थी। दरअसल, ईडी ने मध्य प्रदेश के तीन जिलों इंदौर, मंदसौर और खरगोन में कुल 28 संपत्तियां कुर्क की हैं। इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 70 करोड़ रुपए है। इस घोटाले के आरोपियों ने फर्जी शराब चालान पेश कर सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया और खुद ने अवैध रूप से मुनाफा कमाया। इससे पहले ईडी ने जांच के बाद कहा था कि धोखेबाजों ने अपनी साजिश के तहत शराब के ठेके प्राप्त करने के लिए मामूली राशि के चालान जमा किए और जानबूझकर शब्दों में राशि लिखने वाला कॉलम खाली छोड़ दिया था। इधर, अब तत्कालीन सहायक आयुक्त संजीव दुबे, डीएस सिसोदिया, सुखनंदन पाठक, कौशल्या सबनानी, धनराज सिंह परमार और अनमोल गुप्ता को पूछताछ के लिए समन भेजा गया है। ईडी पूछताछ करेगी।
फर्जी दस्तावेज पेश किए
चालान जमा करने बाद उन्होंने धांधलीपूर्व राशि में हेराफेरी की और अंकों और शब्दों मनमानी राशि भर दी। इसके बाद हेराफेरी किए गए चालानों को संबंधित जिलों के आबकारी कार्यालयों में जमा विदेशी शराब के ठेके प्राप्त कर लिए। इसके जरिए उन्होंने उत्पाद शुल्क, बेसिक लाइसेंस फीस और न्यूनतम गारंटी राशि जमा कराने के फर्जी दस्तावेज पेश किए।
सरकार को लगाया चूना
आरोपियों ने अवैध एनओसी, शराब लाइसेंस प्राप्त कर मध्य प्रदेश सरकार को चूना लगाया। जांच एजेंसी ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया था। ईडी ने इंदौर के रावजी बाजार पुलिस थाने में दायर एफआईआर के आधार पर यह कार्रवाई की।
रसूखदारों पर भी शिकंजा
ईडी ने हाल ही में इंदौर के 18 ठिकानों पर छापामार कार्रवाई की थी। इनमें एमजी रोड समूह के अविनाश और विजय श्रीवास्तव, जीपीओ चौराहा समूह के राकेश जायसवाल, तोपखाना समूह के योगेंद्र जायसवाल, बायपास देव गुराडिया समूह के राहुल चौकसे, गवली पलासिया समूह के सूर्यप्रकाश अरोरा, गोपाल कुशवाह, लवकुश और प्रदीप जायसवाल के नाम सामने आए।