महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में आज यानी गुरुवार को बीएमसी सहित 29 नगर महापालिका में मेयर का चुनाव किया गया। लॉटरी सिस्टम के जरिए बीएमसी में महिला मेयर बनने का एलान किया गया है। मुंबई मेयर का पद जनरल कैटेगरी की उम्मीदवार के लिए आरक्षित कर लिया गया है।
By: Arvind Mishra
Jan 22, 20262:02 PM
मुंबई। स्टार समाचार वेब
महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में आज यानी गुरुवार को बीएमसी सहित 29 नगर महापालिका में मेयर का चुनाव किया गया। लॉटरी सिस्टम के जरिए बीएमसी में महिला मेयर बनने का एलान किया गया है। मुंबई मेयर का पद जनरल कैटेगरी की उम्मीदवार के लिए आरक्षित कर लिया गया है। इस प्रक्रिया के बाद अब बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉपोर्रेशन (बीएमसी) के योग्य उम्मीदवार अपना नॉमिनेशन फाइल करेंगे। इसके बाद, चुने हुए पार्षद एक खास असेंबली में वोट करेंगे, जहां सभी उम्मीदवारों में से आधे से ज्यादा वोट पाने वाले उम्मीदवार को मेयर चुना जाएगा। वहीं शिवसेना-यूीबीटी ने मुंबई आरक्षण पर लॉटरी को लेकर आपत्ति जताई है। ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी ने सवाल उठाया था कि ओबीसी आरक्षण ड्रॉ से मुंबई को क्यों बाहर रखा गया। इसके अलावा पुणे, धुले, बीएमसी, नांदेड़, नवी मुंबई, मालेगांव, मीरा भयंदर, नासिक और नागपुर में मेयर की सीट महिलाओं के लिए आरक्षित हुई है।
17 सीटों पर महिला मेयर चुनी जाएंगी
दरअसल, महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को राज्य की 29 महानगरपालिकाओं के लिए मेयर पद के आरक्षण की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मंत्रालय में आयोजित आरक्षण लॉटरी के मुताबिक, 29 में से 16 सीटें तमाम श्रेणियों के लिए आरक्षित की गई हैं, जबकि 13 सीटें सामान्य वर्ग के लिए हैं। इस बार महिलाओं का दबदबा देखने को मिला है, जहां कुल 17 सीटों पर महिला मेयर चुनी जाएंगी।
ओबीसी को आठ सीट आवंटित
मुंबई, पुणे, नागपुर और नाशिक जैसी प्रमुख महानगरपालिकाएं सामान्य महिला श्रेणी के लिए आरक्षित हुई हैं। वहीं, ठाणे को एससी और कल्याण-डोंबिवली को एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। जालना और लातूर की सीटें अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं। ओबीसी के लिए 8 सीटें आवंटित की गई हैं, जिनमें अहिल्यानगर और अकोला जैसी जगहों पर महिला मेयर होंगी। इस आरक्षण ने आने वाले मेयर चुनावों के लिए पार्टियों के चुनावी गणित को पूरी तरह बदल दिया है।
प्रमुख महानगरों में आरक्षण की स्थिति
आरक्षण लॉटरी के परिणामों ने राज्य के बड़े राजनीतिक केंद्रों में नई स्थिति पैदा कर दी है। मुंबई, पुणे, नागपुर, नाशिक और नवी मुंबई जैसी हाई-प्रोफाइल सीटें सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित हुई हैं। इसका मतलब है कि इन शहरों में अब केवल महिला उम्मीदवार ही मेयर पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगी। वहीं, वसई-विरार, पिंपरी-चिंचवड और सोलापूर जैसी सीटें पूरी तरह ओपन रखी गई हैं, जहां किसी भी वर्ग का उम्मीदवार मेयर बन सकता है।