बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच आज यानी शनिवार को सुबह-सुबह पटना में जदयू की अहम बैठक हुई। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में पार्टी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
By: Arvind Mishra
Mar 07, 202610:26 AM
पटना। स्टार समाचार वेब
बिहार के सीएम नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच आज यानी शनिवार को सुबह-सुबह पटना में जदयू की अहम बैठक हुई। मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित इस बैठक में पार्टी के सांसद, विधायक, विधान पार्षद और कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पार्टी के अंदर चल रही अटकलों और नेताओं की चिंता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने खुद स्थिति स्पष्ट की और कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करने की कोशिश की। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने साफ कहा कि राज्यसभा जाने के बावजूद वे बिहार की राजनीति और प्रशासन से दूर नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी और सरकार के काम पहले की तरह चलते रहेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा- किसी को कोई दिक्कत नहीं होगी। हम बिहार में भी रहेंगे। सारा काम होता रहेगा। चिंता मत करिए। हम राज्यसभा जा रहे हैं, लेकिन सब कुछ देखते रहेंगे।
फैसले को लेकर सियासी हलचल
नीतीश कुमार के संभावित राज्यसभा जाने की खबर सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। जदयू के कई कार्यकर्ता और नेता इस फैसले को लेकर हैरानी जता रहे हैं। कुछ नेताओं ने इसके पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका भी जताई है। हालांकि मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि वे किसी दबाव में नहीं बल्कि अपनी इच्छा से राज्यसभा जाने का फैसला कर रहे हैं।
ललन सिंह ने भी दिया बड़ा बयान
बैठक से पहले केंद्रीय मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जो लोग नीतीश कुमार के स्वभाव को नहीं जानते, वही इस तरह की बातें कर रहे हैं। आज तक किसी ने भी नीतीश कुमार से उनकी इच्छा के खिलाफ कोई फैसला नहीं कराया है। वे अपने फैसले खुद लेते हैं और वही तय करेंगे कि आगे क्या करना है। बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, यह भी फैसला नीतीश कुमार ही करेंगे। पार्टी में इस मामले को लेकर कोई भ्रम नहीं है।
कार्यकर्ताओं को दिया गया भरोसा
जदयू की इस बैठक का मुख्य उद्देश्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच फैली असमंजस की स्थिति को दूर करना था। मुख्यमंत्री के बयान के बाद नेताओं ने राहत की सांस ली। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि चाहे कोई भी राजनीतिक फैसला हो, नीतीश कुमार की भूमिका बिहार की राजनीति में पहले की तरह महत्वपूर्ण बनी रहेगी और पार्टी उनके नेतृत्व में ही आगे बढ़ेगी।