सत्ता के शिखर पर दिखाई देने वाला चेहरा भले एक हो, पर उसकी सफलता के पीछे कई लोग होते हैं। किसी भी मुख्यमंत्री की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उनकी कोर टीम कितनी मजबूत है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को शुरुआती दौर में एक चौंकाने वाला चेहरा ‘सरप्राइज चॉइस’ के रूप में देखा गया, लेकिन बीते ढाई सालों में उन्होंने न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर अपनी पकड़ मजबूत की है, बल्कि भाजपा संगठन के साथ भी बेहतरीन तालमेल बिठाया है।
विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को एक के बाद एक सियासी झटके लग रहे हैं। दरअसल, आज एक बार कलकत्ता हाईकोर्ट से भी बड़ा झटका लगा है।
महाराष्ट्र में भी उद्धव ठाकरे के साथ खेला हो गया है। शिवसेना (यूबीटी) के 9 में से 6 सांसदों ने बुधवार सुबह साढ़े 9 बजे स्पीकर को पत्र देकर एकनाथ शिंदे की पार्टी में विलय करने की मांग की है। छह सांसदों ने अपना गुट बनाकर शिवसेना में विलय कर दिया है।
बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी में टूट के बाद अब महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसद एकनाथ शिंदे वाली शिवसेना का समर्थन करने जा रहे हैं। इधर, शिवसेना ने बुधवार को कहा- राजनीति पूरी तरह से अनिश्चित हो गई है।
जिस तरह से सीएम डॉ. मोहन यादव और प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के नेतृत्व में फैसले लिए जा रहे हैं, उससे स्पष्ट है कि भाजपा पुराने स्थापित राजनीतिक घरानों से हटकर नए और युवा चेहरों को मौका दे रही है। स्टार समाचार की विशेष रिपोर्ट...।
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के 21 सांसदों ने बीजेपी प्रभारी भूपेंद्र यादव के घर बैठक की। इससे पहले राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने इस्तीफा देकर ममता बनर्जी के 15 साल के शासन को अराजक बताया।
मध्यप्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा के भीतर सस्पेंस बरकरार है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने तीसरे उम्मीदवार की संभावना से इंकार किया है, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक बयान ने राजनीतिक अटकलों को फिर हवा दे दी है।
पश्चिम बंगाल में TMC के भीतर बड़ी टूट। 58 बागी विधायकों ने ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। जानिए क्या है फर्जी साइन विवाद और क्या ममता बनर्जी बचा पाएंगी अपनी पार्टी?
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि उच्च स्तरीय समिति गठित कर विभिन्न धर्म समुदायों से सुझाव लिए जाएंगे। आम नागरिकों के लिए सुझाव देने हेतु वेबसाइट भी लॉन्च की गई है।
मध्य प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के बीच शुरू हुई बयानबाजी अब बड़े राजनीतिक विवाद का रूप लेती दिखाई दे रही है।






















