पीएम नरेंद्र मोदी ने आज यानी गुरुवार को दिल्ली में नीति आयोग की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में मध्यप्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव सहित देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, केंद्र शासित प्रदेशों के एलजी और प्रशासक, केंद्रीय मंत्री, नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
पीएम मोदी के नेतृत्व में NDA सरकार के 12 साल पूरे होने पर 10 जून को दिल्ली के भारत मंडपम में बड़ी बैठक होने जा रही है। पीएम मोदी ने चुनाव जीतकर सबसे लंबे समय तक पीएम रहने का नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जानिए NCP के कार्यक्रम में क्या बदलाव हुआ।
मध्य प्रदेश के इंदौर में ब्रिक्स कृषि सम्मेलन शुरू हो गया है। 20 देशों के प्रतिनिधि खाद्य सुरक्षा, स्मार्ट फार्मिंग और जलवायु अनुकूल खेती पर मंथन कर रहे हैं।
NEET UG 2026 Re-Exam: 21 जून को होने वाली नीट पुनर्परीक्षा के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NTA मुख्यालय का दौरा किया। वायुसेना के MI-17 हेलिकॉप्टर, जीपीएस और अर्धसैनिक बलों की निगरानी में होगी परीक्षा।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को आइना दिखाया। अफगानिस्तान की स्थिति पर आयोजित बैठक के दौरान भारत ने पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे फिटना अल हिंदुस्तान शब्द को सरकारी स्तर पर फैलाया जा रहा दुष्प्रचार करार दिया।
लोकसभा चुनाव के बाद दिल्ली में INDI ब्लॉक की पहली बैठक हुई। ममता बनर्जी की पहल पर आयोजित इस बैठक में 23 दल शामिल हुए, जबकि आंतरिक मतभेदों के चलते AAP और DMK ने दूरी बनाए रखी।
मध्यप्रदेश की तीसरी राज्यसभा सीट को लेकर भाजपा के भीतर सस्पेंस बरकरार है। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने तीसरे उम्मीदवार की संभावना से इंकार किया है, जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक बयान ने राजनीतिक अटकलों को फिर हवा दे दी है।
RBI MPC Meeting Decisions: आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा है। जानिए महंगाई, कच्चे तेल की कीमतों और प्लास्टिक नोटों को लेकर केंद्रीय बैंक की क्या योजना है।
वैश्विक आर्थिक मंदी और पश्चिम एशिया विवाद के बीच पीएम मोदी ने आर्थिक सलाहकार परिषद के साथ की अहम बैठक। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और आर्थिक सुधारों पर हुआ बड़ा मंथन।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।





















