मध्यप्रदेश में कुपोषण के चर्चित चंबल अंचल एक बार फिर सुर्खियों में है। शिवपुरी जिले में एक बार फिर कुपोषण की भयावह तस्वीर सामने आई है। जुलाई माह में अब तक डेढ़ दर्जन नए कुपोषित बच्चों का केस उजागर हुआ है। इससे जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है।


भोपाल। स्टार समाचार वेब
मध्यप्रदेश में कुपोषण के चर्चित चंबल अंचल एक बार फिर सुर्खियों में है। शिवपुरी जिले में एक बार फिर कुपोषण की भयावह तस्वीर सामने आई है। जुलाई माह में अब तक डेढ़ दर्जन नए कुपोषित बच्चों का केस उजागर हुआ है। इससे जिम्मेदारों में हड़कंप मच गया है। वहीं जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. बीएल यादव ने बताया कि सभी बच्चे गंभीर स्थिति (सैम) में हैं। अभी प्राथमिक बीमारियों का इलाज किया जा रहा है। इसके बाद उन्हें एनआरसी में शिफ्ट किया जाएगा। दरअसल, यहा सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि राज्य में कुपोषण का कलंक मिटाने के लिए हजारों करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में रखा जाता है। लेकिन अधिकतर जिलों में पोषण की हालत सुधरी नहीं है। केंद्र के पोषण ट्रैकर एप के मुताबिक, मई में मप्र के 55 जिलों में से 45 जिले बच्चों में कम वजन के मामले में रेड जोन में हैं। यानी 20 प्रतिशत से अधिक बच्चों का वजन कम है। वहीं, 22 जिलों में बच्चों में ठिगनापन है, यानी ऊंचाई कम है। 2025-26 में कुपोषण से लड़ने के लिए 4895 करोड़ का बजट रखा गया है। पर आंकड़ों को देखें तो अधिकतर जिलों में 5 साल तक की उम्र के बच्चे गंभीर कुपोषण से जूझ रहे हैं।
मध्यप्रदेश के बड़े जिलों में भी गंभीर कुपोषण वाले बच्चे मौजूद हैं। राजधानी भोपाल के आंगनवाड़ियों में 27 फीसदी, इंदौर के 45 फीसदी, उज्जैन के 46 फीसदी और ग्वालियर-चंबल में लगभग 35 फीसदी गंभीर कुपोषण वाले बच्चे रजिस्टर्ड हैं। प्रदेश की कुल 97 हजार आंगनवाड़ियों में से लगभग 38 फीसदी आंगनवाड़ियों में वे बच्चे दर्ज हैं जिनमें गंभीर कुपोषण है।
गंभीर और मध्यम कुपोषण के मामले अप्रैल 2025 में राष्ट्रीय स्तर पर 5.40 फीसदी थे, जबकि मप्र में 7.79 फीसदी थे। अप्रैल 2024 में यह 6.87 फीसदी था, तो अप्रैल 2023 में 8.5 फीसदी था। आसपास के राज्यों से भी मप्र बदतर स्थिति में है। 5 साल से कम उम्र के 27 फीसदी लड़कों में दुबलापन है, जबकि इसी आयु वर्ग में 22 फीसदी लड़कियों का वजन उम्र के मुताबिक कम है।

शिवपुरी जिले के अलग-अलग हिस्सों से कुपोषित बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इन बच्चों को जब उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं हुईं, तो माता-पिता उन्हें खुद अस्पताल लेकर पहुंचे। मेडिकल जांच के बाद इनके कम वजन और शारीरिक कमजोरी को देखते हुए इन्हें कुपोषित मानते हुए भर्ती किया गया। बच्चों की गंभीर स्थिति को देखते हुए इनमें से 6 को पीआईसीयू, 4 को चिल्ड्रन वार्ड और 4 को एनआरसी में भर्ती किया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। कुपोषित बच्चों के परिजनों को कहना है कि उनके घर कभी भी कोई आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पोषण आहार लेकर नहीं आया। खिचड़ी, दलिया या अन्य पोषण सामग्री देना तो दूर की बात है, बच्चों के बीमार होने पर जब वे खुद अस्पताल पहुंचे, तभी उन्हें पहली बार पता चला कि बच्चा कुपोषित है।
जून तक जिले में 685 कुपोषित बच्चे थे। अब जो 14 नए केस सामने आए हैं, उनमें से कुछ पहले की सूची में भी हो सकते हैं। सभी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हर घर की निगरानी करें। यदि किसी ने लापरवाही की है, तो जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
देवेंद्र सिंह जादौन, जिला कार्यक्रम अधिकारी, शिवपुरी


जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

MP College Admission 2026: ई-प्रवेश दूसरे चरण की अलॉटमेंट लिस्ट जारी, 13 जून तक जमा करें फीस

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज इंदौर संभाग के बड़वानी जिले के सेंधवा स्थित गायत्री धाम में आयोजित कार्यक्रम में गायत्री परिवार के सदस्यों के साथ सहभागिता करते हुए योगाभ्यास किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मनुष्य का जन्म लेना और जीवन यात्रा पूर्ण करना, सब ईश्वर की कृपा से निर्धारित समय का हिस्सा है।
मध्यप्रदेश के धार जिले में चलती कार में आग लगने से सागौर निवासी चार युवकों की मौत हो गई। जबकि एक युवक के गंभीर रूप से झुलस गया। हादसा फोरलने पर हुआ, जहां कार के टायर में आग लगने के बाद वो पुलिया से नीचे गिर गई।
भोपाल के ISBT बस स्टैंड पर रविवार शाम वर्मा ट्रेवल्स की बसों में भीषण आग लग गई। आग ने पास खड़ी कई बसों को चपेट में ले लिया। राहत व बचाव कार्य जारी, देखें पूरी खबर।
इंदौर के क्षिप्रा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म, छेड़छाड़ और अश्लील वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर मुख्य आरोपी सहित चार नाबालिगों को हिरासत में लिया है।
शिवपुरी के करैरा में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की श्रीराम कथा पंडाल में शॉट सर्किट से आग लग गई। कथा का समय बदलने के कारण पंडाल खाली था और बड़ा हादसा टल गया।
बीना रेलवे स्टेशन पर यार्ड रीमॉडलिंग व नॉन-इंटरलाकिंग के चलते 26 और 27 अक्टूबर को बीना-रूठियाई मेमू ट्रेनें रद्द रहेंगी। भोपाल, कोटा, कटनी व मुंगावली रूट की ट्रेनें भी प्रभावित।
मध्य प्रदेश के नगरीय निकायों में टेंडर और खरीदी गड़बड़ी के वायरल वीडियो पर ACS संजय दुबे ने दी सफाई। जानें कैसे AI और ई-नगरपालिका से पकड़ी गई करोड़ों की अनियमितता।
ग्वालियर के दारुल कुरआन मदरसे से 26 बच्चों को रेस्क्यू किया गया। बच्चों ने लोहे की रॉड से पिटाई, भूखा रखने और बच्चियों पर जबरन हिजाब थोपने के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रशासन ने मदरसे को सील कर दिया है।
भोपाल मास्टर प्लान-2047 के प्रारूप पर कांग्रेस प्रवक्ता अभय दुबे ने आपत्ति दर्ज कराई है। कानूनी खामियों, पानी संकट, सार्वजनिक परिवहन और बजट की कमी को लेकर संशोधित ड्राफ्ट जारी करने की मांग की गई है।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने शाजापुर में प्रेस वार्ता कर हिंदुत्व को सनातन धर्म से अलग बताया। उन्होंने चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए मां राजराजेश्वरी मंदिर से सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का आगाज किया।