भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने तीन दशक के शानदार करियर के बाद सेवानिवृत्ति ले ली है। नासा ने घोषणा की कि उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर-2025 से प्रभावी हो गई है। सुनीता ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए।
By: Arvind Mishra
Jan 21, 202611:00 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
भारतीय मूल की नासा अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने तीन दशक के शानदार करियर के बाद सेवानिवृत्ति ले ली है। नासा ने घोषणा की कि उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर-2025 से प्रभावी हो गई है। सुनीता ने कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाए। सुनीता के रिटायरमेंट को मानव अंतरिक्ष उड़ान के एक युग का अंत माना जा रहा है। दरअसल, नासा की की चर्चित अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी और ऐतिहासिक सेवा के बाद एजेंसी से रिटायरमेंट ले लिया है। सुनीता विलियम्स ने अपने करियर में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तीन मिशन पूरे किए और मानव अंतरिक्ष उड़ान के क्षेत्र में कई कीर्तिमान स्थापित किए।

अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली इंसान
नासा के मुताबिक, सुनीता विलियम्स ने कुल 608 दिन अंतरिक्ष में बिताए, जो किसी भी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताए गए कुल समय में दूसरा सबसे बड़ा आंकड़ा है। उन्होंने नौ स्पेसवॉक किए, जिनकी कुल अवधि 62 घंटे 6 मिनट रही। यह किसी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा किया गया सबसे अधिक स्पेसवॉक समय है, जबकि कुल मिलाकर वह इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली इंसान भी बनीं।
अंतरिक्ष में रखी भविष्य के मिशनों की नींव
नासा प्रशासक जैरेड आइजैकमैन ने कहा कि सुनीता विलियम्स मानव अंतरिक्ष उड़ान की अग्रणी रहीं। उन्होंने अंतरिक्ष स्टेशन पर अपने नेतृत्व से भविष्य के मिशनों की नींव रखी। उनके योगदान ने चंद्रमा के लिए आर्टेमिस मिशन और भविष्य में मंगल ग्रह की ओर बढ़ने की राह आसान की है।
2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी से भरी उड़ान
सुनीता विलियम्स ने पहली बार दिसंबर 2006 में स्पेस शटल डिस्कवरी से उड़ान भरी थी। इसके बाद 2012 में उन्होंने कजाखस्तान के बैकोनूर कॉस्मोड्रोम से अंतरिक्ष की यात्रा की और अंतरिक्ष स्टेशन की कमांडर भी रहीं। हाल ही में वह जून 2024 में बोइंग स्टारलाइनर मिशन के तहत अंतरिक्ष गई थीं और मार्च 2025 में पृथ्वी पर लौटीं।
पीढ़ियों को प्रेरित करेगा सुनीता का करियर
नासा के जॉनसन स्पेस सेंटर की निदेशक वनेसा वाइचे ने कहा-सुनीता का करियर नेतृत्व, समर्पण और साहस का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों के अंतरिक्ष यात्रियों को प्रेरित करता रहेगा।
मेरे काम से मंगल मिशन का खुलेगा रास्ता
रिटायरमेंट पर सुनी विलियम्स ने कहा कि अंतरिक्ष उनके लिए सबसे पसंदीदा जगह रही है और नासा में बिताया गया समय उनके जीवन का सबसे बड़ा सम्मान है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनके काम से चांद और मंगल मिशनों का रास्ता और मजबूत होगा।