एम्स्टर्डम में शनिवार तड़के एक यहूदी स्कूल में हुए धमाके ने नीदरलैंड को हिला दिया है। मेयर फेम्के हालसेमा ने इसे यहूदी-विरोधी हमला बताया है। रॉटरडैम और बेल्जियम में हुए पिछले हमलों से इस घटना के तार जुड़े होने की आशंका है।

एम्स्टर्डम/रॉटरडैम।स्टार समाचार वेब
यूरोप में बढ़ती यहूदी-विरोधी (Anti-Semitism) घटनाओं के बीच नीदरलैंड एक बार फिर दहल गया है। शनिवार तड़के नीदरलैंड की राजधानी एम्स्टर्डम में एक यहूदी स्कूल को निशाना बनाकर धमाका किया गया। इस विस्फोट से स्कूल की इमारत को काफी नुकसान पहुँचा है। यह घटना ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही रॉटरडैम शहर में भी एक उपासना स्थल (सिनेगॉग) को निशाना बनाया गया था।
एम्स्टर्डम की मेयर फेम्के हालसेमा ने इस हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इसे सीधे तौर पर यहूदी समुदाय को डराने और निशाना बनाने की साजिश करार दिया। मेयर हालसेमा ने कहा, "एम्स्टर्डम में यहूदी नागरिक लगातार बढ़ती नफरत और हमलों का सामना कर रहे हैं। शिक्षा के मंदिर (स्कूल) पर हमला करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है।"
विस्फोट की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमों ने मोर्चा संभाला और स्थिति को नियंत्रित किया। गनीमत रही कि शनिवार तड़के स्कूल खाली था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। हालांकि, अभी तक आधिकारिक रूप से किसी के हताहत होने की पुष्टि नहीं की गई है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
यह हमला महज एक इत्तेफाक नहीं लग रहा है। शुक्रवार को ही डच बंदरगाह शहर रॉटरडैम में एक सिनेगॉग के प्रवेश द्वार पर धमाका हुआ था। पुलिस ने इस मामले में एक कार से चार संदिग्ध किशोरों को हिरासत में लिया है। वहीं, बेल्जियम के लीज शहर में भी इसी सप्ताह एक सिनेगॉग पर हमला हुआ था।
नीदरलैंड के एक यहूदी संगठन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी साझा की है कि एक इस्लामवादी समूह ने रॉटरडैम विस्फोट का वीडियो जारी कर हमले की जिम्मेदारी ली है। माना जा रहा है कि बेल्जियम और नीदरलैंड के इन हमलों के पीछे एक ही नेटवर्क का हाथ हो सकता है।
जानकारों का मानना है कि पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में इजरायल, ईरान और हिजबुल्ला के बीच जारी भीषण युद्ध की आंच अब यूरोपीय देशों तक पहुँच रही है। युद्ध के कारण उपजी वैचारिक नफरत के चलते यहूदी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बन गई है।
प्रधानमंत्री का कड़ा रुख: डच प्रधानमंत्री ने इन हमलों को "लोकतंत्र और धार्मिक स्वतंत्रता पर सीधा प्रहार" बताया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नीदरलैंड की धरती पर किसी भी समुदाय को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। न्याय और सुरक्षा मंत्रालय (Ministry of Justice and Security) ने पुलिस को यहूदी संस्थानों की सुरक्षा दोगुनी करने के निर्देश दिए हैं।
2. सुरक्षा स्तर में वृद्धि (NCTV): आतंकवाद विरोधी राष्ट्रीय समन्वयक (NCTV) स्थिति की गंभीरता से समीक्षा कर रहा है। हालांकि आधिकारिक खतरा स्तर पहले से ही उच्च था, लेकिन अब विशेष रूप से यहूदी स्कूलों, उपासना स्थलों (Synagogues) और सामुदायिक केंद्रों के बाहर सशस्त्र पुलिस की तैनाती कर दी गई है।
संदिग्धों से पूछताछ: रॉटरडैम में पकड़े गए चार किशोरों से पुलिस सघन पूछताछ कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इन युवाओं का संबंध किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क या ऑनलाइन कट्टरपंथी समूहों से है।
डिजिटल फोरेंसिक: पुलिस उस 'इस्लामवादी समूह' के डिजिटल फुटप्रिंट्स की जांच कर रही है जिसने हमलों की जिम्मेदारी ली है। बेल्जियम (लीज शहर) और नीदरलैंड के हमलों के बीच 'कॉपीकैट' पैटर्न या साझा साजिश की संभावना तलाशी जा रही है।
सामुदायिक डर: एम्स्टर्डम और रॉटरडैम में यहूदी समुदाय के बीच डर का माहौल है। कई स्कूलों ने अस्थायी रूप से सुरक्षा ड्रिल और प्रवेश द्वारों पर अतिरिक्त बैरिकेडिंग लागू की है।
यह मामला केवल नीदरलैंड तक सीमित नहीं है। यूरोपीय संघ के सुरक्षा आयुक्तों ने चेतावनी दी है कि मध्य पूर्व (इजरायल-हमास-हिजबुल्ला) में जारी संघर्ष यूरोप के भीतर 'लोन वुल्फ' (अकेले हमलावर) हमलों को बढ़ावा दे रहा है। फ्रांस और जर्मनी जैसे पड़ोसी देशों ने भी अपने यहाँ सुरक्षा कड़ी कर दी है।

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