भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी दिन की शुरुआत फ्लैट रही। बीएसई सेंसेक्स हरे निशान और एनएसई निफ्टी लाल निशान पर खुला। हालांकि, कारोबार के शुरू होते ही कुछ ही देर में दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल हो गया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स तेजी के साथ कारोबारी दिन की शुरुआत की।

शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी दिन की शुरुआत फ्लैट रही।
मुंबई। स्टार समाचार वेब
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार के कारोबारी दिन की शुरुआत फ्लैट रही। बीएसई सेंसेक्स हरे निशान और एनएसई निफ्टी लाल निशान पर खुला। हालांकि, कारोबार के शुरू होते ही कुछ ही देर में दोनों प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स लाल हो गया। 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स तेजी के साथ कारोबारी दिन की शुरुआत की। वहीं एनएसई निफ्टी गिरावट और लाल निशान के साथ ट्रेड करते हुए ओपन हुआ। दरअसल, सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट देखी गई, क्योंकि निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की अगली ब्याज दर नीति, दूसरी तिमाही के कमजोर नतीजों और भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर अनिश्चितता के चलते सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 55 अंक गिरकर 83,923.48 पर आ गया। 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 40.95 अंक गिरकर 25,722.40 पर आ गया। विदेशों में कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच शुरुआती कारोबार में रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से उबरकर 21 पैसे की बढ़त के साथ 88.56 रुपए प्रति डॉलर पर पहुंच गया।
सेंसेक्स की कंपनियों में पावर ग्रिड, इटर्नल, एचसीएल टेक, मारुति, टाटा मोटर्स और इंफोसिस प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, भारती एयरटेल, टाइटन, रिलायंस इंडस्ट्रीज और महिंद्रा एंड महिंद्रा को लाभ हुआ।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा- एफआईआई की दोबारा बिकवाली से बाजार की तेजी पर अंकुश लग रहा है। पिछले चार दिनों में एफआईआई ने 14,269 करोड़ रुपये की इक्विटी बेची है। यह इस बात का संकेत है कि वे तेजी के दौरान बिकवाली जारी रखेंगे। भारत में ऊंचे मूल्यांकन और कमजोर आय वृद्धि के कारण एफआईआई पर अंकुश लग रहा है, जो बेहतर आय वृद्धि वाले सस्ते बाजारों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक और शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक नीचे कारोबार कर रहा था, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक सकारात्मक क्षेत्र में कारोबार कर रहा था। सोमवार को अमेरिकी बाजार अधिकतर बढ़त के साथ बंद हुए।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.20 प्रतिशत गिरकर 64.76 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,883.78 करोड़ के शेयर बेचे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों ने पिछले कारोबार में 3,516.36 करोड़ के शेयर खरीदे।


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भारतीय अर्थव्यवस्था ने पकड़ी तेज रफ्तार। MoSPI के ताजा आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ 7.7% रही, जबकि चौथी तिमाही में यह 7.8% दर्ज की गई। रियल और नॉमिनल जीडीपी की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें।
एमपीसी के फैसले के बाद शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिली। 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 9.52 अंक गिरकर 74,350.49 अंक पर आ गया। वहीं 50 शेयरों वाला निफ्टी 17.15 अंक गिरकर 23,399.40 अंक पर आ गया।
भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर तीन दिनों तक चले आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति बैठक यानी एमपीसी के फैसलों का एलान कर रहे हैं। पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव और इसके कारण महंगाई और आर्थिक विकास पर मंडराते जोखिमों के बीच पूरे बाजार की नजरें इस बात पर टिकी थीं कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लेकर क्या कदम उठाता है।
भारत और अमेरिका के बीच 1 जून से द्विपक्षीय व्यापार समझौते और सेक्शन 301 टैरिफ उपायों को लेकर गहन चर्चा चल रही है। जानिए 7 जुलाई को होने वाले अंतिम फैसले और वाणिज्य मंत्रालय के इस कदम के मायने।
भारतीय घरेलू शेयर बाजार में आज बेंचमार्क सूचकांकों की शुरुआत निराशाजनक रही। शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। कई बड़ी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में चार फीसदी तक की तेज कमी दर्ज हुई। इस गिरावट ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
दुनिया के टॉप अरबपतियों की सूची में बड़ा उलटफेर हो गया है। जहां एलन मस्क से लेकर मार्क जुकरबर्ग और जेफ बेजोस को बड़ी नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं दूसरी ओर 81 साल के अरबपति लैरी एलिसन ने जोरदार कमाई की है।
भारतीय शेयर बाजार में आज कमजोरी का माहौल देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों दबाव में नजर आए। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और वैश्विक तनाव का असर घरेलू बाजार पर साफ नजर आया। कई दिग्गज शेयरों में गिरावट से बाजार का माहौल कमजोर बना रहा।
आज यानी जून महीने के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार ने शानदार शुरुआत की है। अमेरिकी बाजारों में पिछले कारोबारी सत्र की मजबूती और एशियाई बाजारों में तेजी का सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला।
आज यानी 1 जून-2026 से केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। कुछ में तो राहत दी है, लेकिन कुछ जगह जनता को अपनी जेब ढीली करनी पडेगी। कॉमर्शियल सिलेंडर सोमवार से 53.50 रुपए तक महंगा हो गया है। 5 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपए का इजाफा किया गया है।
घरेलू रसोई गैस के इस्तेमाल और सब्सिडी के दुरुपयोग को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा और सख्त विधिक फैसला लिया है। सरकार ने गैस कंट्रोल आर्डर में बड़ा संशोधन करते हुए साफ कर दिया है कि अब देश के किसी भी एक घर में केवल एक ही एलपीजी कनेक्शन वैध माना जाएगा।