ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले के बाद शेयर बाजार में एक बार फिर हाहाकार मच गया है। निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ खुले हैं। ईरान ने स्ट्रेट आफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे कच्चे तेल के दाम में फिर उछाल आ गया है। कच्चे तेल में तेजी से शेयरों में गिरावट आ गई है जबकि ओएनजीसी के स्टॉक उछल गए हैं।

ईरान पर अमेरिकी हमले से ओएनजीसी के स्टॉक उछले
शेयर बाजार और प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर खुले
मुंबई। स्टार समाचार वेब
ईरान पर अमेरिका के ताबड़तोड़ हमले के बाद शेयर बाजार में एक बार फिर हाहाकार मच गया है। निफ्टी और सेंसेक्स गिरावट के साथ खुले हैं। ईरान ने स्ट्रेट आफ होर्मुज को बंद कर दिया है, जिससे कच्चे तेल के दाम में फिर उछाल आ गया है। कच्चे तेल में तेजी से शेयरों में गिरावट आ गई है जबकि ओएनजीसी के स्टॉक उछल गए हैं। आज के सत्र में एक बार फिर से आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिल रही है और निफ्टी आईटी इंडेक्स तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। दरअसल, आजा यानी सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत बेहद कमजोर रही और प्रमुख सूचकांक लाल निशान पर खुले। बीएसई सेंसेक्स 650 अंकों से अधिक लुढ़क गया, जबकि निफ्टी 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर का परीक्षण करता नजर आया।
रुपया में भी दिखी गिरावट
शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में 0.9 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। सुबह बीएसई सेंसेक्स 446.48 अंक (0.57 प्रतिशत) टूटकर 77,122.91 पर और एनएसई निफ्टी 137.21 अंक (0.57 फीसदी) फिसलकर 24,069.70 पर कारोबार कर रहा था। शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले 34 पैसे गिरकर 95.72 पर आ गया।
बाजार की बढ़त पर फिरा पानी
इस गिरावट के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान आटो और मेटल सेक्टर के शेयरों को उठाना पड़ा, जिनमें भारी बिकवाली देखी गई। यह गिरावट इसलिए भी चिंताजनक है, क्योंकि इससे पहले पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को निफ्टी लगातार दूसरे सत्र में बढ़त बनाते हुए 1.1 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ था। सोमवार को नए भू-राजनीतिक संकट ने बाजार की इस बढ़त पर पूरी तरह से पानी फेर दिया।
बाजार में गिरावट की मुख्य वजह
बाजार में मची इस खलबली के पीछे सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में युद्ध का नया दौर और तनाव का बढ़ना है। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने वैश्विक स्तर पर महंगाई की चिंता को दोबारा हवा दे दी है। सबसे बड़ी खबर यह आ रही है कि ईरान ने स्ट्रेट आॅफ हॉर्मुज को बंद कर दिया है। इस कदम से वैश्विक जोखिम धारणा और कच्चे तेल की कीमतों पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ सकता है। यही कारण है कि वैश्विक स्तर पर निवेशक जोखिम भरे एसेट्स से दूरी बना रहे हैं।
निफ्टी के टॉप गेनर और लूजर
निफ्टी-50 का एडवांस-डिक्लाइन रेशियो 12:38 है यानी 12 शेयरों में खरीदारी और 38 स्टॉक्स में बिकवाली हावी है। निफ्टी के टॉप गेनर में टीसीएस, एचसीएल टेक, ओएनजीसी, अपोलो हॉस्पिटल और टेक महिंद्रा शामिल हैं। वहीं, लूजर में इंडिगो, टाटा स्टील, श्रीराम फाइनेंस, एशियन पेंट्स और बजाज फाइनेंस हैं। वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 3.96 फीसदी बढ़कर 79.02 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा।
भू-राजनीतिक तनाव का प्रभाव
राजनीतिक तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। इससे निवेशकों की समग्र भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 7 फीसदी गिर गया। जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का ररए कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक भी निचले स्तर पर कारोबार कर रहे थे।


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भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने गुणवत्ता मानकों पर खरा न उतरने के कारण एवरेस्ट और लालजी गोधू (Laljee Godhoo) की हींग की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा जांच में अन्य मसालों में भी गड़बड़ी पाई गई है।
भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को तेजी के साथ खुला। पिछले दिन महीने के अंत की समाप्ति सत्र में तेज गिरावट के बाद निवेशकों में घबराहट थी। आज बाजार में सकारात्मक शुरुआत से निवेशकों को राहत मिली है।
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भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को जोरदार शुरुआत की पर फिर बिकवाली हावी हो गई। प्रीओपनिंग के दौरान प्रमुख सूचकांकों में तेजी देखी गई। निवेशकों के चेहरे पर शुरुआती खुशी दिखी, लेकिन फिर सूचकांक सपाट कारोबार करते दिखे।
आज भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर कारोबार करते दिखे। तेल की कीमतों में गिरावट ने बाजार को बड़ा सहारा दिया। ईरान ने ओमान के साथ हॉर्मुज जलडमरूमध्य के प्रबंधन पर बातचीत फिर से शुरू की है।
आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान पर खुले। अमेरिका द्वारा ईरान पर कड़े द्वितीयक प्रतिबंध लगाए जाने के बाद कच्चे तेल के दाम स्थिर रहे। हालांकि, पिछले कारोबारी सत्र में तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट आई थी।
त्योहारी सीजन से ठीक पहले चीनी की बेलगाम होती कीमतों पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कच्ची चीनी के आयात नियमों में संशोधन करते हुए आयातकों के लिए 2 महीने के भीतर रिफाइनिंग और बिक्री को अनिवार्य कर दिया है।
आज सोना महंगा हुआ है तो वहीं, चांदी के रेट गिर ही गए हैं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज के अनुसार, 24 कैरेट सोने का वायदा भाव शुरुआती कारोबार में 0.67 फीसदी बढ़कर यानी 1087 रुपए तेजी के साथ 1,63,525 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है।
आज हफ्ते का पहला दिन है और सावन का आखिरी सोमवार भी है। इस दौरान शेयर बाजार में भी जबरदस्त हरियाली छाई हुई है। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही हरे निशान पर कारोबार कर रहे हैं। सेंसेक्स में कारोबार की शुरुआत 88 अंकों की बढ़त के साथ हुई। वहीं, निफ्टी 33 अंक उछलकर 24000 के पार चल गया।
केंद्र सरकार ने नियमों का पालन न करने पर कई प्रमुख फूड ब्रांड्स और रिटेल चेन के खिलाफ हाल के महीनों में करीब 150 नोटिस जारी किए हैं। भारत की खाद्य सुरक्षा नियामक संस्था एफएसएसएआई ने ये नोटिस भ्रामक विज्ञापनों, झूठे दावों और लेबल से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर दिए हैं।