कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल विधानसभा अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा-वे नेहरू को लोकतंत्र के संस्थापक मानते हैं, लेकिन अंधभक्त नहीं हैं।
By: Arvind Mishra
Jan 09, 20269:50 AM
नई दिल्ली। स्टार समाचार वेब
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केरल विधानसभा अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक महोत्सव भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के कार्यकाल की चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कहा-वे नेहरू को लोकतंत्र के संस्थापक मानते हैं, लेकिन अंधभक्त नहीं हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नेहरू की गलतियों को स्वीकार करना जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए अकेले उन्हें दोषी ठहराना अनुचित है।
मैं नेहरू का प्रशंसक नहीं हूं
कांग्रेस नेता थरूर ने कहा- नेहरू का प्रशंसक हूं, लेकिन बिना सोचे-समझे उनका प्रशंसक नहीं हूं। मैं उनके विचार और दृष्टिकोण की बहुत प्रशंसा करता हूं और उनके प्रति गहरा सम्मान रखता हूं, हालांकि, मैं उनके सभी विचारों और नीतियों का शत प्रतिशत समर्थन नहीं कर सकता। उन्होंने कई ऐसे कार्य किए हैं, जिसमें वे अत्यंत प्रशंसा के पात्र हैं।
नेहरू को बना दिया बलि का बकरा
कांग्रेस सांसद ने कहा-सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने ही भारत में लोकतंत्र की मजबूत नींव रखी, मैं यह नहीं कहूंगा कि वे (मोदी सरकार) लोकतंत्र विरोधी हैं, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी है। मोदी सरकार ने नेहरू को एक सुविधाजनक बलि का बकरा बना दिया गया है।
1962 के लिए नेहरू जिम्मेदार
नेहरू की गलतियों को स्वीकार करते हुए कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा-कुछ मामलों में नेहरू आलोचना का शिकार हो सकते हैं, उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ मिली हार का कुछ श्रेय नेहरू के कुछ फैसलों को दिया जा सकता है। वहीं, उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा-भाजपा अब जो करती है, वह यह है कि मुद्दे की परवाह किए बिना हर चीज के लिए नेहरू को दोषी ठहरा देती है।