पांच बार लोकसभा और तीन बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके लक्ष्मण सिंह मध्यप्रदेश की राजनीति का ऐसा नाम हैं जो बेबाकी, निडरता और दो-टूक बयानबाजी के लिए जाना जाता है। साक्षात्कार पढ़ें/ देखें

लक्ष्मण सिंह.
भोपाल. स्टार समाचार वेब
पांच बार लोकसभा और तीन बार विधानसभा का प्रतिनिधित्व कर चुके लक्ष्मण सिंह मध्यप्रदेश की राजनीति का ऐसा नाम हैं जो बेबाकी, निडरता और दो-टूक बयानबाजी के लिए जाना जाता है। सत्ता में हों या सत्ता के बाहर, उन्होंने कभी शब्दों को मुलायम करने की कोशिश नहीं की। राजनीति उनके लिए पेशा नहीं, जीवन है। स्टार डिजिटल के ब्यूरो चीफ देवाशीष उपाध्याय की विशेष बातचीत में लक्ष्मण सिंह ने धर्म के नाम पर सियासत, कांग्रेस में नेतृत्व के नाम पर जड़ता, प्रदेश से पलायन और विकास के नाम पर पर्यावरण से खिलवाड़, इन सब पर उन्होंने बिना लाग-लपेट के सवाल खड़े किए हैं। उनके शब्द साफ हैं—अगर राजनीति को बचाना है, तो सच बोलना पड़ेगा, चाहे वो कितना ही कड़वा क्यों न हो। प्रस्तुत हैं बातचीत के प्रमुख अंश— सवाल भी सीधे, जवाब भी धारदार।
सवाल - कांग्रेस से अलग होने के बाद अब आपका अगला कदम क्या है
जवाब - राजनीति में तो हम लोग रहेंगे. हमारा जीवन ही राजनीति है। मैं अकेला नहीं मेरे साथ बहुत से लोग जुड़े हुए है। लोगों से हमारा आत्मीय संबंध है. लोगों से हमारे राजनीति के ऊपर उठकर रिश्ते है और ये हमेशा रहेंगे। लेकिन हां, एक बात कह दूं कि आजकल कहा जा रहा है कि सनातन धर्म को खतरा है। मेरी समझ में ये नहीं आता कि जब यहां एक ही पार्टी की सरकार है इतने सालों से तो फिर सनातन को खतरा कैसे है। मैं हमेशा कहता हूं कि धर्म और राजनीति को हमेशा अलग रखना चाहिए।
सवाल - आपकी समरसता यात्रा में मजदूरों के पलायन का मुद्दा उठाने की वजह क्या है।
जवाब - जी, बिल्कुल. मजदूर का पलायन बहुत ज़ोर से हो रहा है। यहां कोई काम धंधा नहीं है और खेती में भी लाभ नहीं है। इस पलायन को रोकने के लिए ग्रामीण रोज़गार बढ़ाने पड़ेंगे और ग्रामीण उद्योग लगाने पड़ेंगे।
सवाल - सर्वाधिक हरियाली वाले मध्यप्रदेश में बढ़ते AQI और प्रदूषण से कैसे निपटा जा सकता।
जवाब - AQI बढ़ रहा है पेड़ कट रहे है क्योंकि इसको रोकने के लिए जो प्रयास होना चाहिए वो नहीं हो रहा है. हमारे यहां राघौगढ़ में भुलाए नाम का गांव है. वहां की गौशाला में लोग गाय के गोबर से लकड़ी बना रहे है। जब यह काम वो कर सकते है तो यह सब क्यों नहीं कर सकते। जब गोबर से लकड़ी कटेगी तो आपका जंगल काटने कौन जाएगा. हमे यज्ञ में भी गाय के गोबर से बनी लकड़ी का इस्तेमाल करना चाहिए।
सवाल - स्वच्छता में नंबर वन आपके बचपन का शहर इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों में आप किसकी कमी देखते है।
जवाब - देखिए मैं शुरू से कह रहा हूं कि दूर से पानी लाना फायदेमंद नहीं है। आपको दूषित पानी ही मिलेगा, जो वर्षा होती है उसका संरक्षण आप करिए। जब कांग्रेस की सरकार थी तब यह योजना थी. जिसमें खेत का पानी खेत में गांव का पानी गांव में और घर का पानी घर में रहना चाहिए। नियम बनाना चाहिए कि घर का नक्शा तब ही पास होगा जब बारिश का पानी का संरक्षण करोगे। आज नर्मदा नदी का पानी भी प्रदूषित है क्योंकि वहां कोई फिल्टर प्लांट ही नहीं है।
सवाल - कांग्रेस पार्टी के वर्तमान हालात पर आप क्या कहेंगे?
जवाब - कांग्रेस पार्टी को सुझाव ये है कि मैं उस पार्टी में रहा हूं और हम सबने मिलकर बहुत मेहनत से पार्टी खड़ी की है। आपका जो शीर्ष नेतृत्व है उसे बदलें. पार्टी को गांव से , वार्ड से शहर से चलाए। आपका शीर्ष नेतृत्व अब तक 95 चुनाव हरा चुका है। अगर आप फिर भी उसको नेता मानते है तो मुझे आपकी बुद्धि पर तरस आता है। कांग्रेस पार्टी का विभाजन हो रहा है और आगे भी होगा।
पूरा इंटर व्यू देंखे

जबलपुर हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला, सरकारी कर्मचारियों को मिलेगा 100% वेतन और एरियर्स

खरमास 2025-2026: कब से कब तक रहेगा, जानें शुभ कार्यों की मनाही का कारण

ऑपरेशन सिंदूर...मुझे एक तस्वीर दिखा दो...जिसमें भारत का एक गिलास भी नहीं टूटा हो

लागू होंगे नए अवकाश नियम: CCL में वेतन कटौती, EL को 'अधिकार' नहीं मानेगा MP वित्त विभाग

आहत जनता को राहत...निचले स्तर पर आई थोक महंगाई

जैतवारा से लेकर बारामाफी तक आक्रोश

सुरक्षित और नेचुरल तरीके से बाल करना है काले तो अपनाएं ये उपाय

बची हुई चाय को दोबारा गर्म करके पीने क्या होगा, जानें इसके बारे में?

अगर 40 की उम्र कर ली है पार और रहना चाहते हैं तंदरुस्त तो अपनाएं ये आदतें

ठंडा पानी पीने और मीठा खाने पर दांतों में होती है झनझनाहट तो हो जाएं सावधान, नहीं तो हो सकती है बड़ी समस्या

ठंड में बढ़ जाती है डिहाइड्रेशन की समस्या, जानें क्या है कारण ?

तनाव से चाहिए है छुटकारा तो इन चीजों से करें तौबा, अपनाएं ये सलाह
कभी बागी और बंदूकों के लिए कुख्यात चंबल का बीहड़ आज एक नए और अधिक खूंखार 'रेत माफिया' की गिरफ्त में है। राष्ट्रीय चंबल अभयारण्य की कोख उजाड़कर फल-फूल रहा यह अवैध धंधा अब महज चोरी नहीं, बल्कि एक संगठित खूनी खेल बन चुका है।
साक्षात्कार ... राजनीति अक्सर उन रास्तों से होकर गुजरती है जिसकी कल्पना व्यक्ति ने स्वयं नहीं की होती। कुछ ऐसा ही सफर पृथ्वीपुर विधायक नितेंद्र सिंह राठौर का रहा।
हर रविवार सियासी, नौकरीशाह की अंदर की खबरों का कॉलम
प्रशानिक, राजनीतिक अंदर खबर की खबर उजागर करने वाला कॉलम
बुंदेलखंड के एक छोटे से गांव से लेकर दिल्ली और फिर मध्य प्रदेश की सबसे बड़ी पंचायत मध्यप्रदेश विधानसभा में 10 वर्ष तक प्रमुख सचिव रहे अवधेश प्रताप सिंह की जीवन यात्रा बेहद प्रेरणादायक रही है।
मध्यप्रदेश में 2023 में 230 निर्वाचित विधायकों में से 90 के खिलाफ आपराधिक केस चल रहे हैं। इसमें 34 विधायक गंभीर आरोपों का सामना कर रहे हैं, जो 230 सदस्यीय सदन का लगभग 39 प्रतिशत है
मध्यप्रदेश में जाति प्रमाण-पत्र का विवाद राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में गरमाया हुआ है, जिसमें कई वर्तमान-पूर्व सांसद, विधायक और आईएएस-आईपीएस अफसर कानूनी शिकंजे में फंसे नजर आ रहे हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) विश्वभूषण मिश्र ने एक ऐसा मॉडल विकसित किया है, जो अब मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर और 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ के लिए भी मार्गदर्शक बनने जा रहा है।
ग्वालियर-चंबल अंचल की राजनीति में अपनी गहरी पैठ रखने वाले रामनिवास रावत ने हाल ही में कांग्रेस का दशकों पुराना साथ छोड़ भाजपा का दामन थामकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी थी।
साप्ताहिक कॉलम