अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश है और मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त वहीं शीर्ष पर हैं। उन्होंने शानदार काम किया है। ट्रंप ने यह बयान मिस्र के शहर शर्म अल-शेख में हुए विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान दिया, जो गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद आयोजित किया गया था।

ट्रंप के सवाल से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री झेंप गए।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि भारत एक महान देश है और मेरे एक बहुत अच्छे दोस्त वहीं शीर्ष पर हैं। उन्होंने शानदार काम किया है। ट्रंप ने यह बयान मिस्र के शहर शर्म अल-शेख में हुए विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन के दौरान दिया, जो गाजा में युद्धविराम समझौते के बाद आयोजित किया गया था। इस दौरान खास बात यह रही कि जब ट्रंप पीएम मोदी की तारीफ कर रहे थे तब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ उनके पीछे ही खड़े थे। मोदी की तारीफ करते समय ट्रंप ने शहबाज की ओर भी देखा। इस पर शरीफ ने मुस्कुराते हुए ट्रंप की बात का स्वागत किया। इस बीच उन्होंने पीछे खड़े पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ओर से सवालिया लहजे में कहा कि भारत और पाकिस्तान अच्छे से एक साथ रह सकते हैं? ट्रंप के इस सवाल से पाकिस्तानी प्रधानमंत्री झेंप गए। दरअसअल, मौका तो था गाजा में अमन बहाली का। स्टेज सजा था मिस्र के खूबसूरत शहर शर्म अल शेख में। यहां जब दुनिया के दिग्गज इकट्ठा हुए तो असल काम के अलावा डिप्लोमेसी और चापलूसियां भी खूब हुईं। लाल सागर के इस लग्जरी रिसॉर्ट शहर में होने वाले इस सम्मेलन में 20 से अधिक देशों के नेता शामिल हुए। राष्ट्रपति ट्रंप को शाबासी देते हुए पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति को एक बार फिर से नोबेल पीस प्राइज के लिए नॉमिनेट कर दिया।
शहबाज की बातों में दिखा खौफ
शहबाज के संबोधन फिर 7 मई की घटना का जिक्र देखा गया। जब पहलगाम हमले का जवाब देने के लिए भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था। शहबाज के बयान में ऑपरेशन सिंदूर का खौफ नजर आ रहा था। उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप इस युद्ध में दखल न दिए होते तो कौन जानता है कि आगे की घटना को बताने के लिए कौन जिंदा बचा रहता। आखिर भारत-पाकिस्तान दोनों ही न्यूक्लियर पावर हैं।
ट्रंप को दिखाया नोबेल का ख्वाब
गाजा में 67 हजार मौतों के बाद हुए इस शांति समझौते के लिए शहबाज शरीफ ने ट्रंप को बधाई देते हुए कहा- मैं कहूंगा कि पाकिस्तान ने राष्ट्रपति ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नॉमिनेट किया था, क्योंकि उन्होंने पहले भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रोकने और फिर अपनी अद्भुत टीम के साथ युद्धविराम कराने में उत्कृष्ट और असाधारण योगदान दिया था।
लाखों लोगों की जान बचाई
शहबाज ने अगली बार के लिए भी ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नॉमिनेट कर दिया। उन्होंने कहा- आज फिर, मैं इस महान राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामांकित करना चाहूंगा क्योंकि मुझे सचमुच लगता है कि वे शांति पुरस्कार के लिए सबसे सच्चे और सबसे अद्भुत उम्मीदवार हैं क्योंकि उन्होंने न केवल दक्षिण एशिया में शांति स्थापित की, बल्कि लाखों लोगों की जान बचाई, और आज यहां शर्म अल-शेख में, गाजा में शांति स्थापित की और मध्य पूर्व में लाखों लोगों की जान बचाई।
युद्ध इस हद तक बढ़ सकता था कि...
शहबाज ने कहा- बस इतना ही कहना काफी है कि अगर ये सज्जन न होते, तो न सिर्फ़... क्या पता... भारत और पाकिस्तान दोनों ही परमाणु शक्तियां हैं, अगर उन्होंने अपनी अद्भुत टीम के साथ उन चार दिनों में हस्तक्षेप न किया होता तो युद्ध इस हद तक बढ़ सकता था कि... ये बताने के लिए कौन जिंदा रहता कि क्या हुआ। राष्ट्रपति इसी तरह यहां गाजा में शांति लाने में आपका और राष्ट्रपति सीसी का अहम योगदान हैं। इतिहास इसे स्वर्णिम शब्दों में याद रखेगा।
मुनीर को फेवरिट जनरल बताया
ट्रंप ने भी अपने संबोधन में पाकिस्तान की खूब तारीफ की। उन्होंने पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर को फेवरिट जनरल बताया। ट्रंप ने मंच शहबाज शरीफ को सौंपते हुए कहा- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ और मुझे यह भी कहना पड़ेगा कि पाकिस्तान के मेरे फेवरिट फील्ड मार्शल जो यहां नहीं हैं लेकिन प्रधानमंत्री यहां हैं, उन्हें आपको अपना धन्यवाद देना चाहिए। इसके बाद ट्रंप ने मंच शहबाज को सौंप दिया। ट्रंप ने मंच से यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि भारत और पाकिस्तान साथ-साथ बहुत अच्छे से रहेंगे।


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