सतना जिले के रामनगर अस्पताल में गंभीर मरीज को एम्बुलेंस तक नहीं मिल सकी, जबकि तीन एम्बुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी थीं। जांच में खुलासा हुआ कि ड्राइवर ने फर्जी तरीके से गाड़ी को ऑन-रोड दिखाया। लापरवाही के चलते ड्राइवर और EMT को सस्पेंड कर भोपाल अटैच किया गया। 108 सेवा की यह मनमानी अब आम हो गई है।

हाइलाइट्स
सतना, स्टार समाचार वेब
मैहर जिले के रामनगर अस्पताल से रेफर मरीज को 108 एम्बुलेंस न मिलने पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थय अधिकारी डॉ. एलके तिवारी ने एम्बुलेंस के चालक शेषमणि द्विवेदी और अटेंडर ईएमटी स्टाफ देवेंद्र प्रजापति को निलंबित कर भोपाल अटैच कर दिया गया। इसके अलावा उक्त एम्बुलेंस के संचालन के लिए अलग से ड्राइवर और ईएमटी स्टाफ की वैकल्पिक व्यवस्था भी की है। उल्लेखनीय है कि 22 जुलाई मंगलवार की रात रामनगर सिविल अस्पताल में गंभीर संक्रमण से जूझ रहे मरीज रामखेलावन शर्मा को इलाज के लिए एंबुलेंस तक नसीब नहीं हो सकी। हालंकि डॉक्टर और अस्पताल स्टाफ ने दवा भी की और रेफर बनाकर 108 में फोन किया,लेकिन तीन एम्बुलेंस खड़ी होने के बावजूद किसी ने भी सेवा देने से इनकार कर दिया। मौके पर मौजूद तीन एम्बुलेंस चालकों में से एक ने गाड़ी खराब होने की बात कही, दूसरे ने उसे बिजी बताया, जबकि तीसरे ने कोई जवाब ही नहीं दिया। परिजनों ने कई बार 108 कॉल सेंटर पर संपर्क किया, लेकिन हर बार एक ही जवाब मिला गाड़ी आॅन रोड है। जब वास्तविकता जांची गई तो पाया गया कि ड्राइवर ने फर्जी आईडी के जरिए एम्बुलेंस को आॅन रोड दिखाया था, जबकि वह अस्पताल में ही खड़ी थी। यह इकलौता मामला नहीं है कि जब एंबुलेंस चालकों की मनमानी सामने आई हो । इसके पूर्व जिला अस्पताल से 26 जून को मरीज को इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किए गए मरीज को एमबुलेंस के इंतजार में स्ट्रेचर में करीब दो घंटे तक लेटना पड़ा बावजूद इसके एम्बुलेंस नहीं आई जबकि जिला अस्पताल में बाहर दो एम्बुलेंस खड़ी रही। एम्बुलेंस के ड्राइवरों ने कहा कि हमें परमिशन नहीं है। ऐसे कई मामले हैं जिनमें एंबुलेंस चालकों की मनमानी से मरीजों की जान संकट में फंस चुकी है।
ठेके पर गई 108 के बिगड़ते हालात
ठेके पर दी गई जय अंबे इमरजेंसी सर्विसेज की 108 एम्बुलेंस सेवा के हाल बेहाल हैं। कहने को तो जिले में 60 से अधिक 108 एम्बुलेंस वाहनों का संचालन किया जा रहा है, लेकिन मरीजों को समय पर कभी उपलब्ध नहीं हुई। जिला अस्पताल में भी कई मामले सामने आए जब अस्पताल परिसर के बाहर कई गाड़ियां मौके पर मौजूद रहने के बावजूद मरीजों को गाड़ियों को आॅन रोड बताकर गुमराह किया गया। जानकारी के मुताबिक इसका संचालन भोपाल से होता है इसलिए इसके समन्वयक अधिकारी भी जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं रहते। न तो इनके बैठने का कहीं ठिकाना है और न ही कहीं दफ्तर।
सालों से सर्विसिंग नहीं कबाड़ वाहन से ढो रहे मरीज
जानकारी के मुताबिक जिले में 108 एम्बुलेंस की कई गाड़ियां खराब हुई पड़ी हैं या आॅफ रोड हो चुकी हैं। नाम न छापने की शर्त पर एम्बुलेंस के ड्राइवर ने बताया कि कई गाड़ियों की सालों से सर्विसिंग तक नहीं कराइ गई है। एम्बुलेंस गाड़ियों में लगा सपोर्ट सिस्टम तक खराब पड़ा है, जिसे ध्यान देने वाला कोई नहीं है। ड्राइवरों ने बताया कि नियमन गाड़ी की सर्वसिंग 22 हजार किमी. चलने के बाद की जानी चाहिए, लेकिन इस व्यवस्था पर कोई जिम्मेदार ध्यान देने वाला नहीं है, जिसके चलते गाड़ियों में कभी भी परेशानी आ जाती है।


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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में 5 हजार किसानों के लिए 'कवच योजना', स्वास्थ्य क्षेत्र, खेल अधोसंरचना और कर्मचारियों के लिए कुल 32,070 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को स्वीकृति मिली।
रीवा जिला अस्पताल की सुरक्षा सेवा निविदा में एल-1 और एल-2 कंपनियों को नजरअंदाज कर कथित रूप से ब्लैकलिस्टेड कंपनी को कार्यादेश देने का आरोप लगा है। मामले की शिकायत वरिष्ठ अधिकारियों से की गई है।
रीवा के सगरा थाना क्षेत्र में 50 लाख रुपये की चोरी का पुलिस ने खुलासा किया। चार आरोपियों को गिरफ्तार कर करीब 10 लाख रुपये के जेवर बरामद किए गए, जबकि दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पन्ना के बृहस्पति कुंड में सेल्फी लेते समय युवक गहरी खाई में गिर गया, जिसकी एसडीआरएफ ने 24 घंटे बाद तलाश कर शव बरामद किया। हादसे के बाद पर्यटक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे हैं।
सतना के कोटर क्षेत्र में नाबालिग की हत्या और कथित दुष्कर्म मामले का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा किया। सीसीटीवी सुराग से आरोपी गिरफ्तार हुआ। मामले में बीएनएस और पॉक्सो अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
सतना के उचेहरा जनपद अंतर्गत लखमद चेकडैम निर्माण में गंभीर अनियमितताओं पर 11.10 लाख रुपये की रिकवरी के आदेश जारी हुए, लेकिन एक माह बाद भी वसूली नहीं हुई। जांच में निर्माण गुणवत्ता और तकनीकी खामियां उजागर हुईं।
सतना सांसद गणेश सिंह ने लोकसभा में बघेलखंड की संस्कृति, बघेली भाषा और चित्रकूट की विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की मांग उठाई। उन्होंने केंद्र सरकार के समक्ष संरक्षण, संवर्धन और संवैधानिक मान्यता सहित पांच प्रमुख प्रस्ताव रखे।
सतना जिला अस्पताल में उमस और वायरल संक्रमण के चलते मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वार्ड क्षमता से अधिक भर चुके हैं, प्लेटलेट्स गिरने के मामले सामने आ रहे हैं तथा मलेरिया का दुर्लभ पीवी पॉजिटिव मरीज मिला।
सतना में 7 अगस्त से मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान शुरू होगा। हर शुक्रवार जनसंवाद, निरीक्षण और महाविद्यालयों की समीक्षा होगी। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के त्वरित समाधान तथा शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार पर विशेष जोर रहेगा।
दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव के आवास पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई। भीतरघात के आरोपों और संगठनात्मक सुधार पर विशेष चर्चा।